निःशुल्क अयोध्या दर्शन के लिए उधना स्टेशन से ट्रेन रवाना

सूरत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश भर से असंख्य रामभक्त दर्शन के लिए जा रहे हैं। नवसारी लोकसभा सांसद एव गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल के आर्थिक योगदान से महिलाओं के लिए निःशुल्क अयोध्या दर्शन के लिए उधना स्टेशन से ट्रेन रवाना की गई।


सूरत और नवसारी से कुल चार ट्रेनें रवाना की गईं, जिनमें करीब 1344 महिला श्रद्धालु शामिल हैं। रामलला के निःशुल्क दर्शन हेतु “आस्था स्पेशल महिला ट्रेन” भेजी गई।


इस अवसर पर उधना रेलवे स्टेशन पर बीजेपी सूरत महानगर अध्यक्ष निरंजनभाई झांझमेरा, महामंत्री किशोर बिंदल, रेलवे समिति सदस्य छोटूभाई पाटिल, यूथ फॉर गुजरात के अध्यक्ष जिग्नेश पाटिल और चौयासी, उधना, लिंबायत और मजुरा विधानसभा के नगरसेवक और कार्यकर्ता उपस्थित थे। राम भक्त महिला तीर्थयात्रियों को पुष्प अर्पित कर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

राष्ट्र नायकों के शौर्य को नमन “शौर्य नमन“ फाउंडेशन

“शौर्य नमन” यह नाम परिभाषा बन चुका है – शहीदों के सम्मान का , शहीदों के परिवारों की सेवा का और सभी  सैनिकों का संबल इस बात का कि मेरे परिवार की सेवा के लिए मेरे कुछ भाई मेरे माता पिता का ख्याल रखने के लिए हैं I

शहीदों  के माता-पिता व उनके परिवार की सेवा और सुरक्षा सुनिश्चित करना, शौर्य वधू के जीवकोपार्जन और अच्छे जीवन के लिए कार्य करना, शहीदों के स्मारकों का निर्माण व रखरखाव का कार्य करना, बच्चों के शिक्षा के क्षेत्र में भी काम करना, तीर्थ दर्शन के साथ में उन शहीदों के नाम से वृक्षारोपण कर पर्यावरण के लिए कार्य करना उनके निवास ग्रामीण क्षेत्रों में जलाशयों को शहीदों के नाम पर पुनः जीवित करना, स्वास्थ्य सेवा , शौर्य गाथा का आयोजन व समाज के अन्य कई सामाजिक मुद्दों और सेवाओं  के उद्देश्य से इसकी स्थापना की गई-

इस भावना ,इस भरोसे के बनने की शुरुवात वर्ष 2019 में हुए  पुलवामा हमले से द्रवित कुछ युवाओं के मन से होती है I

“शौर्य नमन समिति” की स्थापना श्री रमेश चन्द्र शर्मा (दादा)  के द्वारा इंदौर मध्य प्रदेश से वर्ष 2019 में की गयी . इस समिति के संस्थापक अध्यक्ष :–रमेश चन्द्र शर्मा ,उपाध्यक्ष :- नरेन्द्र कुशवाहा , सचिव :- कविता शर्मा , सहसचिव :- शिवेंद्र रावत , कोषाध्यक्ष :- विनय दीक्षित , सदस्य :- दिनेश पाटीदार , सदस्य :- महेंद्र कोगे हैं I

एक वर्ष में ही संस्था के सहयोगियों द्वारा मध्य प्रदेश से बाहर के शहीदों की सेवा का कार्य भी शुरू करना हुआ और संस्था को रमेश चन्द्र शर्मा व् कविता शर्मा द्वारा  “शौर्य नमन फाउंडेशन” (राष्ट्रीय )  के रूप में वर्ष 2020 में  रजिस्टर्ड करवाया गया I

शौर्य तीर्थ (वन)-संस्था का उद्देश्य शहीदों के परिवारों की सेवा के साथ शौर्य तीर्थ स्थलों का निमार्ण कार्य करना भी है जो पूरी तरह से पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को समर्पित होगा । इस वन में  देश के सभी  राज्यों  में, उस  प्रदेश के अमर बलिदानियों  के नाम से एक वृक्ष और उस के चबूतरे पर शहीद की पूरी  जानकारी रहेगी । यहाँ महानविभूतियों के गाथा को वर्णित करने का भी लक्ष्य है I

शौर्य तीर्थ दर्शन(श्रवण कुमार)- रमेश चंद्र शर्मा का मानना है कि “शहीद का परिवार हमारा परिवार” है इस भाव का ही प्रमाण  शौर्य तीर्थ दर्शन यात्रा है I इसमें शहीद के माता पिता, पत्नी, बच्चे को तीर्थ दर्शन करवाने का पुनीत कार्य पुत्र धर्म के निर्वहन का प्रमाण है I

अब तक शौर्य नमन फाउंडेशन द्वारा ४ स्मारक निर्माण एवं १० स्मारकों का पुनर्निर्माण किया गया है मध्य प्रदेश , उत्तरप्रदेश , बिहार के राजधानियों में  शहीदों के सम्मान समारोह का आयोजन किया जा चुका है I

शौर्य नमन के आईटी विंग द्वारा सोशलमीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिदिन शहीदों की गाथा पोस्ट की जाती है ताकि लोगों के पास शहीदों की सही गाथा पहुँच सके I

आप को यह जानना भी जरूरी है कि इस पुनीत कार्य को कर रहे सभी युवा कोई ना कोई नौकरी , पढाई या फिर अपने स्वयं के कार्य करता है और प्रतिदिन संभव समय निकाल कर संस्था को अपना समय इस लिए देता है कि एक दिन सम्पूर्ण देश के शहीदों के परिवारों तक शौर्य नमन परिवार पहुँच सकेगा और हम इन परिवारों की सेवा कर नए युवाओं को इस बात का संबल दे सकें की एक बेटा जो सीमा पर या सेना में जा देश की सेवा का कार्य करेगा तो हजारों भाई  हमारे परिवार की सेवा के  लिए घर पर हैं I

आप भी इन युवाओं के साथी सहयोगी बन अपना पुत्र धर्म निभा सकते हैं I

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बिल लावो इनाम पावो वाली स्कीम से सरकार का निशाना दूर तक!

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सरकार द्ववारा एक स्किम चलाई गई थी और चल भी रही हैं बिल लावो इनाम पावो इस स्कीम के जरिये भी जीएसटी डिपार्टमेंट आपके बिल की किस प्रकार से जांच करता है और फिर कारण बतावो नोटिस के जरिये जबाब भी पूछता है।यानी कि ये उन टैक्सपेयर्स के लिए है जो जीएसटी रूल्स के मुताबिक B2C के इनवॉइस नही बनाते हैं।

जीएसटी रूल्स के मुताबिक 50 हजार से नीचे के बिल में इतनी डिटेल्स नही देनी होगी पर अगर आप B2C का कोई भी बिल 50 हजार से ऊपर बनाते हो तो उस बिल पर खरीददार का नाम, एड्र्स,स्टेट लिखना अनिवार्य है पर लापरवाही व छोटी सी गलती टैक्सपेयर्स कर बैठते हैं जिसकी वजह से फस जाते है अब होता ये की कोई भी परचेजर आपसे बिल लिया उसने सरकार द्ववारा चलाई गई।

स्किम के तहत इनाम पाने के लिए उसे अपलोड कर दिया कारण की सरकार लॉटरी सिस्टम के आधार पर इनाम जो दे रही हैं।और उधर आपका डेटा सरकार के पास चला गया।अब जब आप अपना जीएसटी आर 1 फ़ाइल करते है तब सरकार जीएसटी नम्बर के आधार पर पोट्रल के द्ववारा ये चेक हो जाता हैं कि एक जीएसटी नम्बर पर एक महीने में जितने बिल B2C के अपलोड हुई है क्या व आपके द्ववारा भेजे गए जीएसटी आर 1 में उतने बिल आ रहे है या नही।

इन सभी के आधार पर जीएसटी डिपार्टमेंट पहले भी कई तरीकों के आधार पर फेंक इनवॉइस व गलत अपलोड बिलो की जांच करता रहा हैं ठीक उसी तरह यहा भी चोरी कहा हो रही हैं ओर आपसे जबाब भी मांग सकता है।कुलमिलाकर सरकार को भी स्किम निकालती है उसमें भी अपना ही काम निकालती है।

AM/NS Indiaके अग्निशमन दलने दुर्घटना के बाद डंपर ट्रक चालक को क्षतिग्रस्त केबिन से बचाया

हजीरा-सूरत, फरवरी 26, 2024। आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) की अग्निशमन और सुरक्षा टीमने एक सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त डंपर के चालक को बचा लिया।
AM/NS India अग्निशमन नियंत्रण कक्ष को शनिवार जल्दी सुबह संयंत्र के सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से एक कॉल मिली थी। जिसमें कोयले से भरे डंपर पंजीकरण नंबर GJ16AV8885 और हजीरा गांव एप्रोच रोड के नजदीक सूरत-हजीरा बाईपास रोड के पास पार्क किए गए डंपर (GJ21W4399) की टक्कर के बारे में जानकारी दी गई थी।
घटनास्थल पर पहुंचने पर, अग्निशमन दल ने स्थिति का आकलन किया और यह महसूस किया कि ट्रक चालक, जिसकी पहचान बाद में प्रकाश साहा के रूप में हुई, वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन केबिन के अंदर फंसा हुआ था। अग्निशमन दल के सदस्यों ने एसएमसी और गेल के अग्निशमन कर्मचारियों के साथ, केबिन के एक हिस्से को पोर्टेबल कटर से काटकर चालक को वाहन से बाहर निकला। इस बचाव अभियान के दौरान होश में रहे चालक के पैर और जांघ पर चोटें आईं। उसे 108 एंबुलेंस की टीम को सौंप दिया गया।
डॉ. अनिल मटू, प्रमुख – मानव संसाधन ऑपरेशंस, आईआर और एडमिनिस्ट्रेशन, AM/NS India, हजीराने आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने और ट्रक चालक की जान बचाने के लिए अग्निशमन टीम की सराहना की।
उन्होंने कहा कि, “घटना पर टीम की त्वरित प्रतिक्रिया संयंत्र के भीतर और बाहर उच्चतम सुरक्षा मानकों को बनाए रखने की हमारी प्रतिबद्धता दर्शाती है।”
घटना स्थळ पर AM/NS India के अग्निशमन दल में एन.एस.धूत, रंजीत बामनिया, हार्दिक पटेल, मिलन पटेल, आयुष कुमार और रीस ठाकोर शामिल थे।

इंदौर के युवा उद्यमी, डॉ. परख खिची: नए मल्टीविटामिन सिरप के साथ स्वास्थ्य में आधुनिक क्रांति।

इंदौर के युवा उद्यमी, डॉ. परख खिची, ने सिर्फ 25 वर्ष की उम्र में वो कर दिखाया है जो कई लोग सपने में भी नहीं सोच सकते। 2022 में, उन्होंने अपनी फार्मास्यूटिकल कंपनी, डॉ. ऐस्क्लेपियस की नींव रखी, जिसका उद्देश्य है स्वास्थ्य को एक नई परिभाषा देना और उच्च गुणवत्ता की दवाओं को सभी वर्गों के लोगों तक सामर्थ्यपूर्ण मूल्यों पर पहुँचाना।

डॉ. परख की कहानी ‘अंब्रोक कफ सिरप’ से शुरू होती है, जो न केवल एक प्रयोग था बल्कि उनकी उद्यमशीलता की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी था। उसके बाद, उन्होंने ‘पैनाज़ोन DSR कैप्सूल’ और ‘न्यूट्राज़ोन मल्टीविटामिन सिरप’ जैसी दवाईयाँ लॉंच कीं, जिससे उनकी कंपनी की सफलता की कहानी और भी विस्तृत हो गई।

डॉ. परख अब अपने चौथी दवाई के साथ आ रहे हैं, जो कि एक मल्टीविटामिन और मल्टी-मिनरल सिरप होगा। उनका मानना है कि यह दवाई लोगों की स्वास्थ्य सम्बन्धी सभी समस्याओं का समाधान करेगी। डॉ. परख के लिए, गुणवत्ता ही सर्वोपरि है। उन्होंने अपनी दवाइयों के लिए A ग्रेड क्वालिटी के ड्रग्स का चयन किया है, क्योंकि वो विश्वास करते हैं कि बाजार में दवाइयों की रेंज नहीं बल्कि उनकी गुणवत्ता मायने रखती है।

इस उद्यमी की सफलता के पीछे उनका अद्वितीय दृष्टिकोण और अथक परिश्रम है। उनके उत्पादों को विकसित करने की प्रक्रिया में नवाचार, गुणवत्ता नियंत्रण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता झलकती है। डॉ. परख का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक व्यापार नहीं बल्कि एक मिशन है, जिसके माध्यम से वे समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

उनकी कंपनी, डॉ. ऐस्क्लेपियस, ने अपनी दवाइयों के माध्यम से हजारों लोगों की जिंदगियों में सुधार लाने का काम किया है। उनकी दवाइयाँ न केवल बीमारियों का इलाज करती हैं बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित भी करती हैं। डॉ. परख और उनकी टीम लगातार नई तकनीकों और अनुसंधानों पर काम कर रही है, ताकि वे अपने उत्पादों को और भी बेहतर बना सकें।

इंदौर के इस युवा उद्यमी की सफलता की कहानी न केवल उद्यमियों के लिए बल्कि समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। डॉ. परख खिची की यात्रा दिखाती है कि नदृढ़ संकल्प, समर्पण और नवाचार के साथ कोई भी अपने सपनों को साकार कर सकता है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची सफलता उन्हें मिलती है जो न केवल अपने लिए बल्कि समाज के लिए भी बेहतरी की दिशा में काम करते हैं।

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विश्व की सबसे बड़ी होम्योपैथी पुस्तक का हुआ विमोचन

2466पेज की पुस्तक का हुआ विमोचन -होम्योपैथी के इतिहास में पहली बार होम्योपैथी पुस्तक का हुआ विमोचन -लेखक के नाम दर्ज हैं गिनीजवर्ल्ड रिकार्ड सहित सैकड़ो विश्व रिकॉर्ड

25 फरवरी को होम्यो फ्रेंड्स 19 में होम्योपैथिक साइंटिफिक सेमिनार और अवार्ड सेरेमनी का आयोजन उत्तराखंड के हरिद्वार के वानप्रस्थ आश्रम में किया गयाl साइंटिफिक सेमिनार में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित सैकड़ो वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी वी सैकड़ो पुस्तकों के लेखक सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के होम्योपैथिक चिकित्सक डॉक्टर भास्कर शर्मा द्वारा लिखित होम्योपैथिक विश्व की सबसे बड़ी होम्योपैथी पुस्तक होम्योपैथिक एनसाइक्लोपीडिया होम्योपैथिक मैटेरिया मेडिका 2466 पेज का विमोचन उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर दिनेश चंद्र शास्त्री जी, पूर्व निदेशक होम्योपैथी उत्तर प्रदेश प्रोफेसर बीएन सिंह, डॉ मजूलेंद्र प्रताप सिंह जी ने विमोचन किया l

अपार हर्ष की बात है कि भारत में पहली बार दुनिया के सबसे बड़ी होम्योपैथी मैटेरिया मेडिका जिसका नाम होम्योपैथी एनसाइक्लोपीडिया मैटेरिया मेडिका है lयह पुस्तक अपने आप में कई खूबियां से परिपूर्ण है जैसे 1400 से अधिक औषधीय का संपूर्ण वर्णन जिसमें भारत एशिया तथा यूरोप के ऐसे दुर्लभ औषधीय का भी संकलन किया गया है जिसमें प्रत्येक औषधि का रासायनिक गुणसूत्र के साथ एनाटॉमी फिजियोलॉजी पैथोलॉजी बेस्ड गाइडिंग सिंपटम के साथ विस्तृत वर्णन बहुत ही रोचक तथ्यों के साथ किया गया है lडॉक्टर भास्कर शर्मा ने बीएचएमएस पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए पुस्तक टेक्स्ट बुक ऑर्गनॉन ऑफ़ होम्योपैथिक मेडिसिन,होम्योपैथिक रिपोर्टरी एंड केस टेकिंग, होम्योपैथिक फार्मेसी, प्रैक्टिस ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन,द ह्यूमन एनाटॉमी, द ह्यूमन फिजियोलॉजी,जनरल पैथोलॉजी , होम्योपैथिक साइकोलॉजी, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी,फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी,टेक्सबुक ऑफ़ बायोकेमेस्ट्री,होम्योपैथिक मैटेरिया मेडिका भाग 1 भाग 2 भाग 3, होम्योपैथिक थैरेपीयूटिक्स,कैंसर एंड होम्योपैथी, होम्योपीडिया मैटेरिया मेडिका आदि 156 पुस्तकों का लेखन किया है lअभी हाल ही में यूनाइटेड नेशन वेलफेयर फाउंडेशन अमेरिका द्वारा भी डॉक्टर भास्कर शर्मा को प्रशंसा पत्र के साथ एक लाख का पुरस्कार भी दिया गया हैl बैक पीपुल काउंसिल महाराष्ट्र ने भी एक लाख का पुरस्कार दे चुके हैंl डॉ शर्मा को पूर्व राष्ट्रपति अमेरिका डोनाल्ड ट्रंप जी द्वारा प्रेसीडेंशियल एक्टिव लाइफ स्टाइल अवार्ड तथा प्रेसीडेंशियल यूथ फिटनेस अवॉर्ड विथ गोल्ड मेडल से भी नवाजा जा चुका है l पूर्व राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्री राम नायक जी ने होम्यो एक्सीलेंस अवार्ड से भी नवाजा थाl डॉ शर्मा को पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश अखिलेश यादव जी ने सर्जना पुरस्कार के साथ बीस हजार रुपए का पुरस्कार भी दे चुके हैं lडॉ शर्मा को पूर्व राज्यपाल असम डॉ भीष्म नारायण सिंह तथा पूर्व राज्यपाल मध्यप्रदेश डॉ महावीर भाई जी,पूर्व उपप्रधानमंत्री थाईलैंड कॉर्न डब्बारंसी, काठमांडू नेपाल राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी जी, न्यायमूर्ति हाईकोर्ट इलाहाबाद श्री रविंद्र सिंह जी, जज हाईकोर्ट इलाहाबाद श्री शेखर यादव जी ने भी होम्यो गौरव अवार्ड और गोल्ड मेडल से सम्मानित कर चुके हैं l इसके अलावा डॉक्टर सैमुअल हैनीमैन इंटरनेशनल अवॉर्ड लंदन, वरिष्ठ होम्योपैथिक इंटरनेशनल अवॉर्ड सिंगापुर, डॉ एलेन इंटरनेशनल अवॉर्ड थाईलैंड, डॉक्टर कैंट इंटरनेशनल अवॉर्ड मलेशिया, ग्लोबल आइकॉन पर्सनैलिटी ऑफ होम्योपैथी दुबई, होम्योपैथी शिरोमणि इंटरनेशनल अवॉर्ड मस्कट, स्टार आफ होम्योपैथी अवॉर्ड लंदन, ग्लोबल एनवायरमेंटल अवार्ड फिलीपींस, साहित्य रत्न अवॉर्ड कनाडा, बेस्ट होम्योपैथी अवार्ड नाइजीरिया, ग्लोबल आईकॉन पर्सनालिटी अवार्ड अफ्रीका, इंटरनेशनल पीस अवॉर्ड इंडोनेशिया, डॉक्टरेट अवॉर्ड अल्जीरिया, होम्यो भूषण काठमांडू, होम्योपैथी श्री गोवा, होम्योपैथी रत्न, चिकित्सा रत्न सम्मान प्राप्त कर चुके हैंlडॉ भास्कर शर्मा ने दुनिया में सबसे बड़ी गुर्दे की पथरी को तथा दुनिया में सबसे अधिक गुर्दे की पथरी बिना ऑपरेशन होम्योपैथी औषधि द्वारा गलाने पर, दुनिया की सबसे बड़ी बच्चेदानी की गांठ बिना ऑपरेशन होम्योपैथी औषधि द्वारा गलाने पर, दुनिया में सबसे अधिक मरीज देखने ,दुनिया में सबसे अधिक निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाने,होम्योपैथी के जन्मदाता डॉक्टर हनीमैन जयंती पर ग्रामीण अंचल में लंबी मानव श्रृंखला बनाने हेतु,होम्योपैथिक औषधि द्वारा अधिकतम रोगियों को गर्भाशय में गांठ को ठीक करने हेतु, वर्ष 2017 में बाल झड़ने वाले अधिकतम मरीजों की समस्या होम्योपैथी औषधि द्वारा दूर करने हेतु, होम्योपैथी के जन्मदाता के स्मारिका के लिए पोस्टर,छायाचित्र, पुस्तक, टिकट, सिक्का, अन्य सामग्री के लिए, होम्योपैथिक औषधि से मानसिक रोगियों को ठीक करते हुए रोगी ना होने का एहसास कराने हेतु, होम्योपैथिक चिकित्सक के रूप में साहित्य की अधिकतम(51) पुस्तकों के लेखन हेतु, होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के विभिन्न विषयों पर अधिकतम (90) पुस्तकों के लेखन हेतु, अधिकतम नवजात बच्चों को मुफ्त परामर्श देने हेतु, खसरा नियंत्रण हेतु 3 विकासखंडों के सरकारी स्कूल के अधिकतम बच्चों को (15753) को मुफ्त दवा वितरण करने हेतु, अधिकतम छात्रों (10000) को मुफ्त परामर्श देने हेतु, वर्ष 2017 में अधिकतम लड़कियों (11,000) को मुफ्त चिकित्सा परामर्श देने हेतु, डॉक्टर भास्कर शर्मा द्वारा लिखित होम्योपैथिक गीत को (1000) लोगों द्वारा गाने हेतु,वर्ष 2017 में मधुमेह के अधिकतम रोगियों को मुफ्त परामर्श देने हेतु ,बिना ऑपरेशन होम्योपैथी औषधि द्वारा महिलाओं सबसे बड़ी एडनेक्सल सिस्ट को गलाने हेतु ,सबसे बड़ी गुर्दे की गांठ को बिना ऑपरेशन होम्योपैथी औषधि द्वारा गलाने हेतु दिया गया। इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में डॉ भास्कर शर्मा व होम्योपैथी का नाम दर्ज हो गया । सम्मान पाने की खुशी में डॉ राजीव रतन राय डॉ एस एन त्रिपाठी डॉक्टर नसीम अख्तर, डॉ सी एल यादव, डॉ.संजय सिंह डॉ चंद्रशेखर वर्मा डॉक्टर मनोज शर्मा डॉक्टर ओपी श्रीवास्तव डॉ अरुण कुमार गौतम डॉक्टर एमपी सिंहआदि लोगों ने बधाइयां दीl

भारत की राजनीति में उभरता नया युवा चेहरा बृजभान सिंह राठौड़ : एक सफल राजनीतिक विश्लेषक और रणनीतिकार

चुनावी क्षेत्रों में गहन अध्ययनरणनीतिक कौशलसटीक आकलन और कार्यनिष्ठा से प्रेरित होकर देश के कुछशीर्ष राजनेताओ और राजनैतिक दलोंने राठौड़ को आगामीलोकसभा ( आम चुनाव -2024)  के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सोंपी हैं

बृजभान सिंह राठौड़ भारत की राजनीति में एक उभरता नाम है। एक सफल राजनीतिक विश्लेषक और सर्वेकर्ता के रूप में उन्होंने कम समय में ही अपनी एक अलग पहचान बनाई है। राजनीति के क्षेत्र में उनका  सटीक आकलन , रणनीतिक कौशल और विश्लेषण  से प्रेरित होकर देश के सत्तपक्ष भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश में राठौड़ को कुछ जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसे उन्होंने  बखूबी निभाया और अपने आप को रिजल्ट ओरिएन्टेड व्यक्ति के तौर पर स्थापित करने में कामयाब रहे। बीते पांच वर्ष के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों के विधानसभा चुनावों में उन्होंने अपने बूते पर गहन विश्लेषण और सफल रणनीति बनाई थी, जिसके जरिए उन्होने  जीत का परचम लहराया था। बीते वर्ष उन्होंने मध्य प्रदेश की सभी एसटी सीटों पर भाजपा के लिए काम किया था। जिनमें से 24 विधायक चुनाव जीत कर आये और 5 विधायक मंत्री भी बने है।

इनका  विधानसभा चुनाव में  एग्जिट पोल 100% सटीक साबित हुआ था

देश के शीर्ष नेतृत्व और राजनैतिक दलों में राठौड़ पसंदीदा युवा राजनितिक  विश्लेषक के रूप में उभरे है और शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें  होने वाले  लोकसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सोंपी है। मौजूदा समय में बृजभान सिंह राठौड़ और उनकी टीम लोकसभा चुनाव की तैयारी में लगी हुई है। राजनीति गलियारों में चर्चा अनुसार वे लोकसभा के चुनाव के तैयारी में लगे हुए है  कुछ नेताओ और राजनैतिक दल लिए रणनीति बनाने का काम कर रहे है। ऐसा माना जा रहा है कि उनकी टीम के द्वारा बहुत जल्द ही प्रे-पोल सर्वे भी किया जायेगा और वो भी पहले ही तरह सटीक होने का अनुमान है।

बृजभान सिंह राठौड़ का जन्म 7 जुलाई, 1996 को फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। बचपन से ही उनको शिक्षा एवं खेल में रुचि थी। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल करते हुए सीएसजेएम विश्वविद्यालय, कानपुर में उच्च शिक्षा प्राप्त की। अपने शैक्षणिक वर्षों के दौरान, बृजभान ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और सार्वजनिक सेवा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का एक अनूठा मिश्रण प्रदर्शित किया।

प्रतिष्ठित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में नेतृत्व में अपनी शुरुआत करते हुए, बृजभान ने न केवल अनुशासन और देशभक्ति के लोकाचार को आत्मसात किया, बल्कि राज्य स्तरीय खो-खो खिलाड़ी के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उनका एथलेटिक कौशल शॉट-पुट थ्रो, लंबी कूद और ऊंची कूद में जिला स्तर की प्रशंसा तक बढ़ गया, जो उनके बहुमुखी व्यक्तित्व के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है।

खेल के मैदान से राजनीति के क्षेत्र तक की यात्रा में राठौड़  ने एनसीसी सी प्रमाणपत्र अर्जित किया और सेना के  शिविरो  में भाग लिया, जो राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्य की गहन भावना को दर्शाता है। इसने एक राजनीतिक रणनीतिकार को आकार देने में अहम भूमिका निभाई और नेतृत्व कौशल, रणनीति और कूटनीति में उनकी कार्यक्षमता को आकार दिया।

बृजभान की शैक्षणिक उपलब्धियां और नेतृत्व कुशलता वैश्विक स्तर पर पहुंच गई जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सिमुलेशन, बेस्ट डिप्लोमैट्स में भारत और नॉर्वे दोनों का प्रतिनिधित्व करते हुए भाग लिया। इस कूटनीतिक उपलब्धि ने एक राजनीतिक रणनीतिकार, विश्लेषक, सलाहकार और सर्वेक्षणकर्ता के रूप में उनकी भूमिका के लिए आधार तैयार किया। उन्होंने दुबई में सर्वश्रेष्ठ राजनयिक सम्मेलन में भी भाग लिया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के उत्साही अनुयायी, बृजभान की स्वयंसेवक पृष्ठभूमि राष्ट्रवाद, अनुशासन और सामाजिक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। कुल मिलाकर बृजभान सिंह राठौड में दूरदर्शिता, समर्पण और राष्ट्र के कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ भारतीय राजनीति के भविष्य को आकार देने की क्षमता हैं।

निषित कुमार (बबलू चौधरी) को पर्यवारण संरक्षण के लिए इथोपियन दूतावास ने किया सम्मानित

शहरी विकास और मानव हितों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए राजस्थान के झुंझुनू जिले के मशहूर पर्यावरणविद व सामाजिक कार्यकर्ता निषित कुमार (बबलू चौधरी) को दूतावास में सम्मानित किया गया। शुक्रवार को भारत-अफ्रीका संबंधों के मद्देनजर दिल्ली स्थित इथोपियन दूतावास में अपने क्षेत्र में बेहतरीन कार्य निष्पादन के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में निषित कुमार द्वारा पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे अथक प्रयासों के लिए इथोपिया के राजदूत द्वारा इथोपिया दूतावास में सम्मानित किया. निषित झुंझुनू शहर के बीचों बीच स्थित बीहड़ स्थान को इको टूरिज्म स्पेस के रूप में बसाने का बेहतरीन प्रयास कर रहे है। इसी के साथ इनका यह प्रयास आगामी 10 सालों में शहरी विकास की ओर अपने विजन के लिए अग्रसर हैं. निषित झुंझुनू में स्थित पहाड़ व पर्यावरण को लेकर भी कई परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।

इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 100 से ज्यादा ट्राइसिकिल वितरित कर यह चर्चा में रहे। लगभग 17 गौशालाओं को 55 लाख की आर्थिक मदद करने वाले निषित का कहना है कि झुंझुनू जिले में जब भी कोई गौशाला खोली जाएगी वह हर संभव मदद करने के लिए तत्पर रहेंगे। इसके अलावा चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी निषित कुमार अपने गांव की 6 बीघा जमीन दान कर अस्पताल का निर्माण करा रहे हैं। ज्ञात रहे लंपी जैसी महामारी के समय पर भी इन्होंने गौशालाओं में 13 लाख का पैकेज अपने स्तर पर देते हुए संवेदनशीलता का उदाहरण स्थापित किया।

हेडिंग हीरा उद्योग का डाटाबेज बनाने की कवायतः राज्य सरकार करेगी सर्वे


सूरत
दुनिया भर में हीरा उद्योग के तौर पर डंका बजाने वाले सूरत शहर में हीरा उद्योग से जुड़ी तमाम जानकारियो का डाटाबेज बनाने के लिए राज्य सरकार ने सर्वे करने का फ़ैसला किया है।सर्वे के माध्यम से राज्य सरकार हीरा उद्योग पर निर्भर लोग, उनकी आर्थिक परिस्थिति सहित कई जानकारियाँ एकत्रित करेगी और भविष्य में यदि किसी प्रकार की आवश्यकता उत्पन्न हुई को रिपोर्ट के आधार पर फ़ैसला लिए जाएगा। ऐसा माना जा रहा है।
हीरा उद्योग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सूरत में नेचरल डायमंड और लैबग्रान डायमंड उद्योग दोनों ही बड़े पैमाने पर है। दोनों में कुल मिलाकर लगभग 7 लाख से अधिक लोगों को रोज़गार मिलता है। सूरत में तैयार होने वाले हीरे अमेरिका,यूरोप,जापान हांगकांग,चीन देशो मे निर्यात किए जाते हैं। सूरत मे नेचरल हीरो के साथ अब लैबग्रान हीरा उद्योग का भी कारोबार बढ़ा है। मंदी के दिनों में लैबग्रान हीरा उद्योग ने लाखों लोगों को रोज़ी रोटी दी थी। इतने बड़े पैमाने पर उद्योग फ़ैला होने के बाद वे भी राज्य सरकार के पास ठोस जानकारी नही थी।


राज्य सरकार की पॉलिसी बनाने में मिलेगी मदद
हीरा उद्योग से जुड़े श्रमिको के बारे मे जानकारी के अभाव में वर्ष 2008 में आर्थिक मंदी के समय वे यहाँ उद्योग से जुड़े लोगों को आर्थिक मदद करने मे बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था लेकिन अब राज्य सरकार हीरा उद्योग की जानकारी एकत्रित करना चाहती है जिसके चलते बीते दिनों राज्य सरकार के अधिकारी सूरत आए थे और 35 कंपनियों के एचआर डिपार्टमेंट के अधिकारी तथा डायमंड एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मीटिंग की। मीटिंग के दौरान उन्होंने प्राथमिक जानकारी एकत्रित करने का प्रयास किया।

आगामी दिनों में सर्वे शुरू होने की उम्मीद
सूरत में 3000 से अधिक छोटे बड़े हीरा के कारख़ाने हैं। राज्य सरकार हीरा उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या तथा उनकी जीवनशैली के बारे में अध्ययन करना चाहती है। इसे ध्यान में रखते हुए बीते दिनों में राज्य सरकार के अधिकारी डायमंड कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट के अधिकारियों से मिले थे आगामी दिनों में सर्वे शुरू होने की संभावना है।
जगदीश खूँट, प्रमुख, सूरत डायमंड एसोसिएशन
हीरा उद्यमियों के लिए शुरू करने चाहिए योजनाएँ
हीरा उद्योग का सर्वे करने के बाद राज्य सरकार को हीरा उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों के विकास के लिए योजना शुरू करने चाहिए।हमने इस बारे में कई बार राज्य सरकार से गुहार लगायी है।जिसके चलते राज्य सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है।इस सर्वे से हीरा उद्योग के सभी लोगों को लाभ होगा।
भावेश टांक, प्रमुख, सूरत डायमंड वर्कर यूनियन

पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क से खुलेंगे कपड़ा उद्योग के विकास के रास्ते

सूरत
नवसारी के वांसी-बोरसी में बन रहे पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों गुरुवार को खातमुहूर्त हुआ।पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क से दक्षिण गुजरात के कपड़ा उद्योग को नई दिशा मिलेगी। बताया जा रहा है कि इस पार्क में एक ही क्षेत्र मे वीविंग, प्रोसेसिंग, डाइंग, प्रिंटिंग और स्पिनिंग सहित कपड़ा उद्योग से जुड़े तमाम घटकों के यूनिट लगेंगे।जिसके चलते एक ही स्थान पर टेक्सटाइल उत्पादन की व्यवस्था तैयार होगी। देश के सात राज्यों में पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क तैयार हो रहा है। कपड़ा उद्योग के जानकारों का मानना है कि नवसारी में बन रहे पीएम मित्र पार्क में 15000 से 20000 करोड रुपए का निवेश होगा।सूरत सहित दक्षिण गुजरात के उद्यमी इसमें निवेश कर रहे हैं।टेक्सटाइल पार्क में कपड़ा उत्पादन से जुड़े अलग-अलग सभी यूनिट होने के कारण यातायात खर्च भी बढ़ेगा।
तीन प्रतिशत इन्सेन्टिव से प्रोत्साहन
पीएम मित्र पार्क में पावर, पानी, बॉयलर, स्टीम, सीईटीपी सहित की व्यवस्था उद्यमियों को मिलेगी।यहां पर यूनिट शुरू करने वाले उद्यमियों को सिर्फ निर्माण कार्य करके मशीन लगानी है। कपड़ा उद्यमियों को टर्नओवर पर 3% का इंसेंटिव भी मिलेगा।साथ ही एक ही स्थान पर कपड़ा उत्पादन की तमाम व्यवस्था होने से विदेशी ग्राहक भी बड़ी संख्या में आने की उम्मीद है। फिलहाल सूरत में 80000 करोड रुपए का कपड़ों का कारोबार है। इसमे पांच प्रतिशत एक्सपोर्ट होता है।
कपड़ा उद्यमियों के लिए नई संभावना
मेगा टेक्सटाइल बनने के बाद नई टैक्नोलॉजी वाली मशीने बढेगी। इससे कपड़ों की लागत घटने से एक्सपोर्ट भी बढ़ सकता है। इतना ही नहीं सूरत में तेजी से बढ़ रहे गारमेंट उद्योग को भी टेक्सटाइल पार्क के चलते गति मिलेगी।सूरत में गारमेंट के लगभग 150 से अधिक यूनिट है लेकिन एक्सपोर्ट अभी भी नहीं के बराबर है पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क बनने के बाद यहां पर नई गारमेंट फैक्ट्री भी आएंगे कपड़ों का उत्पादन सस्ता होने के कारण लागत कम होगी इसका लाभ एक्सपोर्ट में मिलने से उद्यमी आगे बढ़ेंगे ऐसा माना जा रहा हैं।
कपडा उद्योग के विकास को मिलेगी गति
वांसी-बोरसी मे बन रहे टैक्सटाइल पार्क से सूरत के कपड़ा उद्योग को विकास को गति मिलेगी। यार्न से लेकर गारमेन्ट इन्डस्ट्री तक कपड़ा उद्योग तक सभी जुड़े उद्योग को लाभ मिलेगा। पार्क से दो लाख से अधिक लोगों को रोज़गार मिलेगा।
कमल विजय तुलस्यान, अग्रणी कपड़ा उद्यमी