जयवीर सिंह जी के स्वागत में मैनपुरी में उमड़ी भीड़

मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) [भारत], 13 अप्रैल: जयवीर सिंह जी के स्वागत में मैनपुरी में जो भीड़ उमड़ी, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे मैनपुरी ने अपना सांसद चुन लिया हो। जयवीर सिंह जी तत्कालीन पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री हैं।

इस मौके पे उनका स्वागत समारोह मैनपुरी में विशेष धूमधाम के साथ हुआ। लोगों का उत्साह देखकर ऐसा लगता है की मैनपुरी ने एक नया दिन आरंभ किया हो। इस स्वागत में उपस्थित सभी लोगों की भावनाओं को देखकर स्पष्ट होता है की भारतीय जनता पार्टी के आने से मैनपुरी के लोगों को उन्नति की उम्मीद है।

जयवीर सिंह जी के नेतृत्व में मैनपुरी को नई दिशा मिलेगी। उनका साथ, जब मिलेगा, तो मैनपुरी की जनता अपनी समस्याओं का समाधान तेजी से पायेगी और विकास की राह पर गति से अग्रसर होगी।

जयवीर सिंह जी ने कहा, अबकी बार मैनपुरी में कमल जरूर खिलेगा।

फ़िल्म “गौरैया लाइव” का शानदार प्रीमियर संपन्न, इमोशनल कहानी को मिली दर्शकों की तारीफ

Premier of Gauraiya Live

“गौरैया लाइव” के प्रीमियर अवसर पर फ़िल्म के निर्माता राहुल रंगारे, निशांत जैन, रोहित राज सिंह चौहान , कलाकार नरेंद्र खत्री, सीमा सैनी, अदा सिंह , विनय झा , निर्देशक गेब्रियल वत्स के साथ ही केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले उपस्थित रहे ।

मुंबई, 13 अप्रैल: काफी समय से चर्चा में रही फिल्म “गौरैया लाइव” का प्रीमियर मुंबई में आयोजित किया गया। इस अवसर पर फ़िल्म के निर्माता राहुल रंगारे, निशांत जैन, रोहित राज सिंह चौहान , कलाकार नरेंद्र खत्री, सीमा सैनी, अदा सिंह , विनय झा , निर्देशक गेब्रियल वत्स के साथ ही केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले उपस्थित रहे । “गौरैया लाइव” एक मजदूर पिता के बेटी की कहानी है जो बोरवेल में गिर गई है।

रेयर फिल्म्स और टी एंड पोएट्री फिल्म्स के बैनर तले बनी इस सर्वाइवल ड्रामा को देखने के लिए दर्शक भी काफी उत्सुक है। यह कहानी भोपाल के मजदुर पिता के बेटी की कहानी है। जिसे बड़े ही मार्मिक ढंग से पेश किया गया है। जो एक खुले बोरवेल में गिर जाती है जो कंस्ट्रक्शन साइट पर ही रहती है। फिल्म को देख सभी बहुत इमोशनल भी हुए। इस फिल्म में दिखाया गया सत्य कड़वा है पर सत्य है।  ऐसी स्थिति किसी भी माँ बाप पर न आये इसका खास ध्यान रखना चाहिए। यह फ़िल्म, सवाल करती है  ऐसी दुखद घटनाएं समाज में दोबारा न हो इसके लिए क्या कदम उठाये जा सकते है इसपर सोच विचार करने की आवश्यकता है।

पीपली लाइव फेम ओंकार दास मानिकपुरी ने उस छोटी बच्ची गौरैया  के मजदूर पिता का रोल किया है और गौरैया बनी छोटी सी नन्ही बालिका का नाम है अदा सिंह। उसने अपनी एक्टिंग के हुनर से लोगों को चौका दिया।  इतने घंटो तक मौत और जीवन की जद्दोजहद में जीत आखिर गौरैया की ही हुई। इसमें कई और भी कलाकार है जिन्होंने इसे सफल बनाने के लिए सौ प्रतिशत योगदान दिया है।  सीमा सैनी, पंकज झा, शगुफ़्ता अली मुख्य किरदार में नज़र आए साथ में गणेश सिंह, बलराम ओझा, नरेंद्र खत्री और आलोक चटर्जी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों के नाम शामिल है।

फ़िल्म ‘गौरैया लाइव” के निर्माता राहुल रंगारे, डॉ. निशांत जैन, रोहित राज सिंह चौहान और राजीव जैन हैं। फ़िल्म के सह निर्माता सीमा सैनी , गेब्रियल वत्स, ऋषभ कुरैच्या, रणधीर सिंह ठाकुर और गौरव बग्गा हैं ।  सीमा सैनी इस फ़िल्म की लेखिका, गीतकार, संगीतकार, अभिनेत्री और सह निर्मात्री भी हैं।  फ़िल्म के लेखक़  गेब्रियल वत्स और सीमा सैनी हैं और निर्देशन  गेब्रियल वत्स ने किया हैं। फ़िल्म का संगीत सुंजॉय बोस और सीमा सैनी की प्रतिभाशाली जोड़ी द्वारा दिया गया है, जिसके भावपूर्ण गीत सीमा सैनी ने लिखे हैं।

ज्योतिष शास्त्र: दिव्यदर्शी पवन मिश्र द्वारा ग्रहों का प्रभाव और निवारण

मानव जीवन में उतार-चढ़ाव का अनुभव हर किसी को होता है। कई लोग सुख और दुःख को किस्मत का प्रभाव मानते हैं, कुछ इसे पूर्व जन्मों के फल के रूप में देखते हैं, और कुछ ग्रहों के प्रभाव के रूप में। प्राचीन भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों और उनकी किरणों का जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव होता है। ग्रहों के प्रभाव के अलावा, व्यक्ति के नियमित कर्मों का भी उसके जीवन में महत्वपूर्ण योगदान होता है। ग्रहों के कुप्रभाव के कारणों और निवारण के उपायों का ज्ञान घटनाओं को अधिक मधुर बनाने में सहायक हो सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर व्यक्ति के जन्म के समय से लेकर उसके जीवन के अंतिम काल तक संसार का प्रत्येक मनुष्य पर ग्रहों और उनसे आने वाली किरणों का अच्छा या बुरा प्रभाव पड़ता है। ग्रहों के इस शुभ-अशुभ प्रभाव का विवरण वैदिक तथा महाभारत काल तक के भी प्राप्त होता है। ग्रहों के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपाय और तकनीकें हैं, जिनमें रत्न, यज्ञ, औषधि, तंत्र, यंत्र और प्रातः संप्रेषण आदि शामिल हैं।

आज के युग में मनुष्य की जीवन शैली बड़ी संघर्ष पूर्ण, दौड़ धूप, प्रतिस्पर्धा तथा आपाधापी वाली हो गई है। उसे कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इसी कारण से पिछले कुछ दशकों से लोगों में ज्योतिष शास्त्र के प्रति विश्वास बढ़ा है और ज्योतिष शास्त्र का बहुत प्रचार एवं प्रसार भी हुआ है। गत वर्षों में ज्योतिष शास्त्र में कई नई अनुसंधान हुई है तथा कई नवीन ज्योतिष पद्धतियों का विकास हुआ है। जब मनुष्य को किसी भी ओर से आशा की किरण दिखाई नहीं देती, तो वह ज्योतिष शास्त्र का ही सहारा ढूंढता है। ज्योतिष शास्त्र वह विज्ञान है जो चराचर जगत पर ग्रहों के प्रभाव का अध्ययन करता है।

ग्रहों के प्रभाव के अतिरिक्त, उसके कर्मों और उपायों का भी अहम योगदान होता है। अगर आप भी अपने जीवन में ग्रहों के प्रभाव से जूझ रहे हैं और उनके निवारण के लिए उपाय ढूंढ रहे हैं, तो श्री माता ग्रह निवारण केन्द्र  श्री दिव्य मानव सेवा संसथान द्वारा संचालित से संपर्क करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। यहाँ आपको अनुभवी ज्योतिष शास्त्री, वैदिक कर्मकांड ,मंत्र जाप द्वारा ग्रहों के प्रभाव का विशेषज्ञ उपाय मिलेंगे।  श्री माता ग्रह निवारण केन्द्र आपके हर समस्या का समाधान करने के लिए संपूर्ण तैयारी के साथ आपकी सेवा में है।

यह संसथान विश्व कल्याण हेतु सामूहिक पूजा पाठ मंत्र जाप निरंतर करते रहती है  आप संसथान को अपने स्वेक्षानुसार सहयोग करे एवं सनातन धर्म को मजबूत करे 

श्री माता ग्रह निवारण केन्द्र:

श्री दिव्य मानव सेवा संसथान

Shree Mata Grah Niwaran Kendra (Shree Divya Manav Sewa sansthan )

पता: Manpur Rewar Toli, गया – 823003 (बिहार)

मोबाइल: 9162207091

वेबसाइट: www.mypujapath.com 

‘The Legacy of Jineshwar’ के ट्रेलर में दिखी जैन परंपरा

आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। ‘द लिगेसी ऑफ जिनेश्वर’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर लॉन्च हो गया है। यह कार्यक्रम सिनेपोलिस मुंबई में निर्माता अभिषेक मालू, प्रोजेक्ट हेड विवेक कुलश्रेष्ठ, अभिनेता सुरेंद्र पाल और कई अन्य लोगों की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान दावा किया गया कि यह फिल्म जैन धर्म की संस्कृति और अनछुए पहलुओं को सबके सामने मजबूती से रखेगी। 19 अप्रैल 2024 को महावीर जयंती के शुभ अवसर पर यह फिल्म रिलीज होगी।

कई बाधाओं को पार करने के बाद आखिरकार फिल्म का ट्रेलर लॉन्च हो गया। अब यह फिल्म सिल्वर स्क्रीन पर धूम मचाने के लिए तैयार है। वर्तमान खरतरगच्छाचार्य श्री जिन पीयूष सागर सूरीश्वर के आशीर्वाद से और खरतरगाचा सहस्त्राब्दी महोत्सव समिति के सहयोग से निर्माता अभिषेक मालू ने दर्शकों से अच्छे सिनेमा के अनुभव का वादा किया है।

‘द लिगेसी ऑफ जिनेश्वर’ जैन परंपरा की अनकही कहानी को उजागर करने का वादा करती है, जो भगवान महावीर की महत्वपूर्ण शिक्षाओं और तीर्थंकर की आध्यात्मिक विरासत पर प्रकाश डालती है। दर्शक राजा ऋषभ देव से भगवान महावीर तक की यात्रा के साथ-साथ खतरगच्छ (जैन धर्म में एक संप्रदाय) की स्थापना को एक दिलचस्प कथा प्रारूप में प्रस्तुत करते हुए देखेंगे।

परियोजना निदेशक विवेक सुधींद्र कुलश्रेष्ठ के दूरदर्शी मार्गदर्शन और निर्देशक प्रदीप पी. जाधव और विवेक अय्यर द्वारा निर्देशित यह फिल्म जैन धर्म के सार को प्रामाणिकता और श्रद्धा के साथ जीवंत करती है। प्रसिद्ध लेखक और गीतकार प्रशांत बेबर, संगीतकार विवियन रिचर्ड और विपिन पटवा के साथ, फिल्म को भावपूर्ण संगीत से भर देते हैं जो न केवल मनोरंजन करता है बल्कि प्रेरित भी करता है।

पद्मश्री कैलाश खेर, जावेद अली और दिव्य कुमार द्वारा मधुर रचनाओं को अपनी आवाज देने से दर्शक फिल्म के शक्तिशाली साउंडट्रैक से मंत्रमुग्ध होने की उम्मीद कर सकते हैं। ‘द लिगेसी ऑफ जिनेश्वर’ के पीछे की टीम दर्शकों को इस ऐतिहासिक क्षण को देखने और जैन परंपरा की समृद्ध टेपेस्ट्री में डूबने के लिए 19 अप्रैल 2024 को सिनेमाघरों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करती है।

सर्विस टैक्स की नोटिस मिलने से व्यापारी हो रहे परेशान, पुराने मामलों में रिकवरी का भार!

tax

सूरत शहर तथा दक्षिण गुजरात के कई व्यापारी इन दिनों सर्विस टैक्स के नोटिस के जाल में फँस गए हैं। जीएसटी लागू होने के बाद से सर्विस टैक्स के लंबित मामलों को नई का निस्तारण करने के लिए मार्च 2023 की समय सीमा तय की गई थी। जिसे लेकर डिपार्टमेंट लंबे समय से कार्रवाई कर रहा था और जिन करदाताओं के मामले सर्विस टैक्स में लंबित थे उन्हें नोटिस दी जा रही थी। जिन करदाताओं ने समय पर नोटिस का जवाब दे दिया वह तो बच गए लेकिन जिन्होने नोटिस का जवाब देना उचित नहीं समझा या किसी कारण से जवाब नहीं दिया। अब उनके ख़िलाफ़ डिपार्टमेंट ने डिमांड तय कर दी है। आगामी दिनों में इसकी वसूली के लिए कार्रवाई शुरू की जाएगी। डिमान्ड नोटिस मिलने के बाद व्यापारी परेशान हो गए है।हालाँकि इसके बीच में व्यापारी 60 दिनों के भीतर अपील में सुनवाई के लिए जा सकते हैं।


मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 मे जीएसटी का क़ानून देश में लागू हो गया। इसके बाद सर्विस टैक्स सहित कई क़ानून नाबूद कर दिए गए थे। सर्विस टैक्स का क़ानून नाबूद नियम होने के बाद जो भी पिछले मामले सर्विस टैक्स मैं किसी कारणवश लंबित रह गए थे। उन्हें जल्द से जल्द पूरा या पाँच साल में पूरा करने के लिए डिपार्टमेंट को सूचना दी गई थी। इस तरह सर्विस टैक्स के तमाम मामलों को निपटाने के लिए 31 मार्च की समय सीमा तय कर दी गई थी। जिसके चलते डिपार्टमेंट द्वारा वर्ष 2022 से हर तीन महीने के अंतराल में व्यापारियों को संबंधित डॉक्यूमेंट और जवाब देने के लिए नोटिस भेजा जा रहा था। कई व्यापारियों ने डिपार्टमेंट के आग्रह के अनुसार वी पेश कर दिए अपने जवाब भी दे दिए थे। जिन मामलों में डिपार्टमेंट को व्यापारी के संतोष कारक जवाब लगे वह मामले सुलझा दिए गए लेकिन जिनमें शंकास्पद मामला लगा ऐसे कई मामले अभी भी पेंडिंग है।जिन करदाताओं ने कोई जवाब नहीं लिखाया या डॉक्यूमेंट भी नहीं दिए ऐसे हज़ारों मामलों मे डिपार्टमेंट ने नोटिस निकाल दिया है।

— 60 दिन में व्यापारी कर सकते हैं अपील
जिनमें मामलों में व्यापारियों को लगता है कि डिपार्टमेंट की ओर से एक तरफ़ा कार्रवाई की गई है या उन्हें डिपार्टमेंट की कार्रवाई से असंतोष है।ऐसे मामलों में व्यापारी डिमांड की रक़म का साढ़े सात प्रतिशत हिस्सा जमा करके अपील में मामला ले जा सकते हैं।हालाँकि उन्हें 60 दिन के भीतर ही अपील करनी होगी।

डीटीसी की साइट मे रफ हीरो की क़ीमत स्थिर रहने से हीरा उद्योग को मिली राहत!


सूरत
दुनिया मे रफ़ हीरों का व्यापार करने वाले सबसे बड़ी डायमंड ट्रेडिंग कंपनी ने अप्रैल महीने मे रफ हीरो की क़ीमत स्थिर रखने से हीरा उद्यमियों में राहत की साँस ली है। बीते कई दिनों से हीरा उद्योग में डिमांड की कमी के कारण रफ हीरो की क़ीमत और तैयार हीरो की क़ीमत में अंतर बढ़ता जा रहा था। ऐसे में डीटीसी कंपनी यदि रफ हीरो की क़ीमत बढ़ा ती या घटाती तो बाज़ार पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका थी। इसे देखते हुए डीटीसी कंपनी ने व्यापार हित मे यह फ़ैसला किया है।

हीरा उद्योग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 साल से अधिक लंबे समय से हीरा उद्योग में परिस्थिति अच्छी नहीं है।अमेरिका तथा यूरोप जैसे देशों में लोगों की ओर से ख़रीद घटने के कारण कट और पॉलिश्ड हीरो का निर्यात घटते जा रहा है। हीरा उद्योग को इस परिस्थिति से उभारने के लिए हीरा उद्यमी लगातार प्रयास कर रहे हैं।बीते दिनों में कट और पॉलिश्ड हीरो की डिमांड बिलकुल घट जाने के कारण क़ीमत में भी गिरावट आ गई थी। इससे हीरा उद्यमियों को नुक़सान उठाना पड़ा था। कई हीरा उद्यमियों ने ज़्यादा क़ीमत मे रफ हीरे ख़रीदे थे। उन्हें कम क़ीमत मे तैयार हीरे बेचने पड़े। हीरा उद्योग में उतार-चढाव के बीच रफ हीरो की क़ीमत भी बड़े मायने रखती है।हीरा उद्यमियों की परिस्थिति को समझते हुए रफ डायमंड कंपनियो ने भी रफ हीरो की क़ीमत में कोई ज़्यादा उतार चढ़ाव नहीं कर रही है। अप्रैल महीने मे डीटीसी कंपनी ने जारी की साइट में रफ हीरो की क़ीमत स्थिर रखी है। इससे पहले मार्च महीने में भी रफ हीरो की क़ीमत स्थिर रखी थी।
जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन विजय मंगुकिया ने बताया कि डीटीसी की साइट में कच्चे हीरो की क़ीमत में बढ़ोतरी या कमी नहीं आयी है। जो कि हीरा उद्यमियों के लिए अच्छी बात है। यदि रफ़ हीरो की क़ीमत घट जाती तो लोग तैयार हीरा भी कम क़ीमत पर माँगने लगते हैं और वह रफ हीरे की क़ीमत बढ़ी तो हीरा उद्यमियों को ऊँची क़ीमत बार रफ़ हीरे ख़रीदना पड़ता है। दूसरी ओर बाज़ार में पॉलिश्ड हीरो की क़ीमत नहीं बढ़ी है।ऐसे में महँगे रफ़ हीरे ख़रीदने से हीरा उद्यमियों को नुक़सान हो सकता है। रफ हीरो की क़ीमत स्थिर रहने से हीरा उद्योग के लिए परिस्थिति संतुलित रहेगी।

शहर मे पीपीपी मॉडल से बनाए जाएँगे और 50 चार्जिंग स्टेशन

सूरत
सूरत महानगर पालिका में ने शहर भर में इलेक्ट्रिक फ़ोर व्हीलर को चार्ज करने के लिए 50 इलेक्ट्रिक चार्ज स्टेशन बनाए हैं लेकिन इनका उपयोग बहुत कम होने के कारण अब मनपा ने आगामी दोनों में पीपीपी मॉडल पर चार्जर स्टेशन बनाने का फैसला किया है।इस चार्जिंग स्टेशन में फोर व्हीलर ही नहीं बल्कि टू व्हीलर और थ्री व्हीलर के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल सभी जोन में पर्याप्त जगह के लिए तलाश जारी है।जगह की व्यवस्था होने के बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा।
सूरत महानगर पालिका के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर में 30000 इलेक्ट्रिक मोपेड दौड़ रहे हैं।इसके अलावा इलेक्ट्रिक कर की खरीदी भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देन के लिए 3 साल पहले सूरत महानगर पालिका ने शहर में 50 स्थान पर इलेक्ट्रिक चार्ज स्टेशन बनाए थे, लेकिन कई करणों से इनका उपयोग बहुत कम हो रहा है। इस साल सिर्फ 9000 लोगों ने चार्जर स्टेशन का उपयोग किया। पालिका फिलहाल ग्राहकों से 16 रुपए 52 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से चार्जिंग की सुविधा दे रही है लेकिन इसके बावजूद लोगों में चार्जिंग स्टेशन को लेकर नीरस है।

—कई कारणों से लोग नहीं आते चार्जर स्टेशन
कई चार्जिंग स्टेशन ऐसे स्थान पर बनाए गए हैं जहां ट्राफिक की समस्या के साथ आने जाने के लिए भी व्यवस्था ठीक से नहीं है। डेढ़ साल में 9000 लोगों ने 26015 बार गाड़ी चार्ज कराई है। जिसके माध्यम से मनपा को 34 लाख की आय हुई है। वेसू के चार्जिंग स्टेशन में बड़ी संख्या में लोग आते हैं जबकि दिल्ली गेट स्थित चार्जिंग स्टेशन को अच्छा रिस्पांस नहीं मिला है।इस स्थिति को समझते हुए पालिका ने आप पीपीपी मॉडल पर शहर में अन्य 50 चार्जिंग स्टेशन बनाने का फैसला किया है जिस्म की टू व्हीलर और थ्री व्हीलर भी चार्ज किया जा सकेंगे।एक ही सॉकेट से सभी कंपनियों के बाइक रिचार्ज किया जा सके इसकी भी व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है।फिलहाल इसके लिए शहर के सभी जोन में पर्याप्त जगह के लिए तलाश जारी है आगे की कार्यवाही जमीन मिलने के बाद की जाएगी।

कम क़ीमत पर ग्रे नहीं बेचने का मंथन कर रहे वीवर!

textile market


सूरत
एमएसएमई की भँवर जाल में बीते दिनों बुरी तरह से प्रभावित होने के बाद कपड़ा बाजार में आगामी दिनों में साड़ी और ड्रेस सेगमेंट दोनों में ही अच्छे व्यापार की उम्मीद दिख रही है। इसके चलते यार्न की कीमतों में बीते एक सप्ताह में अलग-अलग क्वालिटी में एक से तीन रुपए दाम बढे हैं।विवर्स का मानना है कि आने वाले दिनों में यार्न की कीमत और बढ़ सकती है।इसलिए वह अब कम कीमत में ग्रे कपड़ा नहीं बेचने के मूड में है। टइस बारे में विवर्स ने आपस में मंथन करना शुरू कर दिया है और मैसेज कर एक दूसरे का मन टटोल रहे है।


कपड़ा बाजार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों एमएसएमई के चक्कर में कपड़ा व्यापारियों को लग्नसरा के बड़े हिस्से का व्यापार करवाना पड़ा था। नया वित्तीय वर्ष 2024-25 शुरू होने के बाद अन्य मंडियों मे फिर से डिमांड शुरू हुई हैं।कम क़ीमत से लेकर महंगी साड़ी और ड्रेस सेगमेंट दोनों में ही अच्छी डिमांड शुरू हुई है।कपड़ा उद्यमियों का कहना है कि एमएसएमई के नियमों मे 45 दिन में पेमेन्ट की शर्त के कारण ऑर्डर नहीं मिलने से बीते दिनों व्यापार ठप्प सा था। अब नया वित्तीय साल आने के बाद दूसरे राज्यों से व्यापारी कम, मध्यम और ज्यादा कीमत के साड़ी और ड्रेस मटेरियल के ऑर्डर बुक करा रहे है। बाज़ार की इस स्थिति को समझते हुए यार्न उत्पादकों ने भी यार्न की कीमत में बढ़ोतरी करना शुरू कर दी है। 1 अप्रेल से अब तक यार्न की कीमत में 1 से 3 रुपए दाम बढे हैं। दूसरी ओर होली के कारण बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के श्रमिक अपने गांव की ओर लौट गए हैं।ऐसे में कपड़ों का उत्पादन भी बहुत कम हो रहा है।बीते दिनों एमएसएमई के चक्कर में व्यापारियों ने माल कम खरीदा था।इसलिए बाजार में ग्रे माल का स्टॉक भी उपलब्ध नहीं है।इन तमाम परिस्थितियों के चलते अब वीवर्स ने कम कीमत पर ग्रे नहीं बचने का फैसला किया है।

——मंदी में कम क़ीमत पर बेचने के बाद अब परिस्थिति सुधरने पर वीवर कर रहे मंथन

सचिन इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसाइटी के सेक्रेटरी मयूर गोलवाला ने बताया कि एमएसएमई के कारण वीवर्स को बहुत नुकसान हुआ है। लग्नसरा का व्यापार बहुत बुरे ढंग से प्रभावित होने के कारण वीवर्स को नुकसान उठाना पड़ा।आगामी दिनों में लग्नसराका व्यापार अच्छा रहने की उम्मीद होने के कारण यार्न कारोबारी लगातार कीमत बढ़ाए जा रहे हैं। अब परिस्थिति सुधरने के कारण वीवर्स भी ग्रे की कीमत कम करके नहीं भेजेंगे। इस बारे में भी मंथन किया जा रहा है। इस बारे में सभी विवर्स को भी मैसेज भेज दिए गए हैं।आगामी दिनों में कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है।

तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड आईपीओ के जरिए 44.40 करोड़ रुपए जुटा रही है, 8 अप्रैल को खुलेगा आईपीओ

एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध करने के लिए 111 रुपए प्रति शेयर के भाव पर 10 रुपए फेसवैल्यू के 39.99 लाख इक्विटी शेयर जारी करेगी कंपनी

मुख्य बिंदु: ·         कंपनी का आईपीओ 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक खुलेगा।·         आवेदन के लिए न्यूनतम लॉट साइज 1200 शेयर और न्यूनतम आईपीओ आवेदन राशि 1.33 लाख रुपए है।·         इश्यू के माध्यम से जुटाई गई धनराशि का उपयोग कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।·         वित्त वर्ष 2023-24 के 10 महीनों में कंपनी ने 69.70 करोड़ रुपए का राजस्व और शुद्ध लाभ 7.84 करोड़ रुपए दर्ज किया है।·         31 जनवरी 2024 तक कंपनी की ऑर्डर बुक  904.98 करोड़ रुपए थी।·         इश्यू के प्रमुख प्रबंधक की जिम्मेदारी ‘इंटरएक्टिव फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड’ द्वारा निभाई जा रही है।

Ahmedabad, 05 April 2024: तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में माहिर है और मुख्य रूप से सड़कों, सीवरेज और जल वितरण परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी एसएमई आईपीओ से 44.40 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर अपना पब्लिक इश्यू लॉन्च करने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी का आईपीओ 8 अप्रैल को सदस्यता के लिए खुलकर 10 अप्रैल,2024 को बंद होगा। कंपनी द्वारा आईपीओ की आय का उपयोग कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों को पूरा करने सहित कंपनी की विस्तार योजनाओं में पूंजीगत निवेश करने के लिए किया जाएगा। इश्यू के प्रमुख प्रबंधक की जिम्मेदारी ‘इंटरएक्टिव फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड’ द्वारा निभाई जा रही है।

कंपनी आईपीओ के तहत कंपनी द्वारा 111 रुपये प्रति इक्विटी शेयर (प्रति इक्विटी शेयर 101 रुपये के प्रीमियम सहित) के भाव पर 10 रुपए फेसवैल्यू के 39.99 लाख फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।  कंपनी की योजना इश्यू से प्राप्त 44.40 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग करने की है, जिसमें से कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए 33.40 करोड़ रुपये और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 10.24 करोड़ रुपए उपयोग किए जाएंगे। आवेदन के लिए न्यूनतम लॉट साइज 1200 शेयर है जो प्रति आवेदन 1.33 लाख रुपये के निवेश के बराबर है। आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए शुद्ध ऑफर के 50% शेयर आरक्षित किए गए हैं।

वर्ष 2019 में निगमित, तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड मध्य प्रदेश में सड़क निर्माण, सीवरेज और जल आपूर्ति के व्यवसाय में संलग्न है। कंपनी का व्यवसाय मध्य प्रदेश राज्य और मुख्य रूप से इंदौर, छतरपुर, सागर, डिंडोरी, जबलपुर और उज्जैन शहर में केंद्रित है। कंपनी धीरे-धीरे अन्य राज्यों में भी अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है। कंपनी आईएसओ 9001:2015, आईएसओ 14001:2015 और आईएसओ 45001:2018 से प्रमाणित है। कंपनी  ऑल क्लास सिविल और इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर के रूप में भी पंजीकृत है और कंपनी ने सरकारी विभाग की विभिन्न परियोजनाओं को क्रियान्वित किया है। कंपनी ने विभिन्न केंद्रीय/राज्य सरकार के विभागों जैसे आईएससीडीएल, आईएमसी, यूएससीएल, यूएमसी, एमपीजेएनएम आदि के लिए एक पंजीकृत सिविल ठेकेदार के रूप में काम किया है और निजी क्षेत्र के लिए निर्माण कार्य भी किए हैं। 31 जनवरी 2024 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 904.98 करोड़ रुपए दर्ज की गई थी।

कंपनी ने भवन निर्माण, जल आपूर्ति, पाइपलाइन, सीवेज नेटवर्क, सीवेज उपचार संयंत्र, नाला नल, पुन: उपयोग नेटवर्क, ओवरहेड टैंक, जीएसआर, सड़क निर्माण, झील पुनर्वास इत्यादि जैसी सिविल इंजीनियरिंग परियोजनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला शुरू की है। फरवरी तक 29, 2024 तक कंपनी के विभिन्न विभागों में कुल 164 स्थायी कर्मचारी (कार्यकर्ताओं सहित) कार्यरत थे।

तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड के संस्थापक और प्रबंध निदेशक डॉ. महेशभाई कुंभानी ने कहा, “कंपनी ने वर्षों से उत्कृष्ट परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का वर्तमान कारोबार मध्य प्रदेश में केंद्रित है और धीरे-धीरे हम अन्य राज्यों में विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। हमें उम्मीद है कि प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम के बाद, हम अपनी विकास रणनीति को इस तरह से क्रियान्वित करने में सक्षम होंगे कि लगातार गुणवत्ता वाले उत्पाद वितरित करते हुए सभी हितधारकों को शानदार मुनाफा मिल सके।”

कंपनी ने वर्ष दर वर्ष उत्कृष्ट परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में राजस्व और लाभप्रदता में कई गुना वृद्धि देखी है। 31 जनवरी 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2023-24 के 10 महीनों में कंपनी ने 69.70 करोड़ रुपए का राजस्व और शुद्ध लाभ 7.84 करोड़ रुपए दर्ज किया है, जबकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी ने 39.15 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 1.80 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। 31 जनवरी 2024 तक, कंपनी की कुल नेटवर्थ 15.72 करोड़ रुपए, रिजर्व एंड सरप्लस 7.73 करोड़ रुपए और असेट 137.20 करोड़ रुपए दर्ज की गई थी। 31 जनवरी 2024 तक कंपनी का आरओई 66.40%, आरओसीई 48.40% और आरओएनडब्लू 22.72% दर्ज किया गया था। कंपनी के शेयर एनएसई के इमर्ज प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होंगे।

IPO Highlights – Teerth Gopicon Ltd
IPO Opens onApril 8, 2024
IPO Closes onApril 10, 2024
Issue PriceRs. 111 Per Share
Issue Size39.99 lakh shares – up to Rs. 44.40 crore
Lot Size1200 Shares
Listing onNSE Emerge Platform of National Stock Exchange

भारत में डॉ एस्क्लेपियस का पहला सम्पूर्ण मल्टीविटामिन सिरप न्यूट्राज़ोन प्रो, डॉ परख खिची द्वारा।

भारतीय स्वास्थ्य सेक्टर में एक नई उम्मीद की किरण चमकी है। डॉ. एस्क्लेपियस फार्मास्युटिकल कंपनी ने ‘न्यूट्राजोन प्रो’ मल्टीविटामिन सिरप का लॉंच किया है, जो एक वास्तविक चमत्कार से कम नहीं है। यह सिरप न केवल विटामिन्स और मिनरल्स का समृद्ध स्रोत है, बल्कि इसमें प्रोबायोटिक्स, लाइसीन, लाइकोपीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, विटामिन K2, कोलीन, और कोएंजाइम क्यूटेन जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी हैं। इस सिरप का नियमित सेवन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को संतुलित रखता है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारता है और साथ-साथ त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद है।

कंपनी के CEO डॉ. परख खिची ने इस महत्वपूर्ण कदम के संदर्भ में कहा, “हम इस सिरप को भारतीय जनता के लिए एक संपूर्ण स्वास्थ्य समाधान के रूप में पेश कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर कोई इसका लाभ उठा सके और स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम आगे बढ़ सके। और यह बैच हमारे पूज्य पिताजी डॉ. दिलीप खिची के लिए समर्पित है।”

‘न्यूट्राजोन प्रो’ सिरप का नियमित सेवन करते हुए भारतीय लोग स्वस्थ और खुशहाल जीवन की ओर एक नया कदम बढ़ा सकते हैं। यह सिरप उन सभी लोगों के लिए उपयुक्त है जो अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहते हैं और एक सकारात्मक जीवन जीना चाहते हैं।

http://www.drasclepius.in/