मेटागॉड क्रिएटर्स करेगा वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर ट्रस्ट का मेटावर्स में निर्माण।

नयी दिल्ली (भारत), 27 जून: मेटागॉड क्रिएटर्स, एक अभूतपूर्व प्लेटफार्म जो लोगों को मिक्स रियलिटी के आधार पर आध्यात्मिकता और भक्ति का एक अलग अनुभव देने के लिए तैयार है!मेटावर्स प्लेटफॉर्म में वृंदावन चंद्रोदय मंदिर ट्रस्ट के लिए पहले चरण को पार कर लिया है। इस खाते का प्रबंधन मेटागॉड के दिल्ली कार्यालय द्वारा किया जाएगा।

जनादेश में मंदिर के पहले चरणदक्षिण विंग का मेटावर्स प्लेटफॉर्म का समावेश है। डिजिटल धनकी रणनीति और इनफ्लुएंसर मार्केटिंग की योजना के साथ-साथ वर्चुअल वर्ल्ड में मिश्रित विभिन्न डिजिटल गतिविधियों का काम शामिल है जो वर्चुअल रिएलिटी (वीआर) और ऑग्यूमेंटेड रिएलिटी (ए आर) के उपयोग द्वारा वीसीएम मंदिर के अनुभव कोसुविधाजनक बनाएगा । बुर्ज खलीफा, टाइम्स स्क्वायर, नैस्डैक औरअन्यदुनिया के प्रमुख स्थानों पर मीडिया द्वारा विज्ञापन स्थान की खरीदारी की जाएगी।

इस्कॉन बैंगलोर के भक्तों की एक पहल की वजह से वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर भारत के वृन्दावन, मथुरा में निर्माणाधीन दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर है। कई एकड़ में फैला यह मंदिर शायद भारत की सबसे ऊंची, भव्य और सबसे बड़ी धार्मिक संरचना होगी। परियोजना आयोजकों ने कहा कि 70 मंजिला ऊंचे मंदिर में एक कैप्सूल एलिवेटर की सुविधा होगी जो आगंतुकों को ग्राउंड लेवल से सबसे ऊपर स्थित देखने वाली गैलरी तक ले जाएगी, जिससे ब्रज क्षेत्र का व्यापक दृश्य दिखाई देगा।

इस उपलब्धी के बारे में बोलते हुए मेटागॉड टीम ने कहा, “मिक्स रियलिटी के उपयोग के माध्यम से, उपयोगकर्ता अपने विश्वास से जुड़ सकते हैं और भक्ति के गहन क्षणों का अनुभव ले सकता है। मेटागॉड का लक्ष्य पवित्र और आध्यात्मिक क्षेत्र को डिजिटल क्षेत्र में लाना है।”

“वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर विश्व स्तर पर सबसे महत्वाकांक्षी आध्यात्मिक परियोजनाओं में से एक है। हरे कृष्ण आंदोलन के दुनिया भर में लाखों मंडली सदस्य हैं। हम यह महत्वपूर्ण काम करने का अवसर पाकर रोमांचित हैं।

हमारी रणनीति एक्टिव कंटेंट के साथ अनुभव और जुड़ाव प्रदान करना और दुनिया भर में भक्तों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए तंत्रज्ञान का उपयोग करना होगा।

वीसीएम फेज़1 मेटावर्स प्लेटफ़ॉर्म क्या प्रदान करेगा:

ए. मेटावर्स में विश्वास: मेटा ग्लास और स्मार्ट उपकरणों के साथ भौतिक मंदिर का एक पूर्ण आभासी अनुभव

बी. विभिन्न त्योहारों और महत्वपूर्ण आयोजनों में भागीदारी

सी. दैनिक आरती – मंगला आरती, श्रृंगार आरती, और शयन आरती आदि।

डी. दान विशेषताएं:

ए.। मंदिर निर्माण सेवा

बी। साधुओं, विधवा माताओं और आगंतुकों के लिए अन्नदान सेवा

सी। गौ सेवा

डी। पोशाक सेवा

इ। प्रसादम सेवा

ई. वैदिक साहित्य जैसे भगवद गीता, श्रीमद-भागवतम आदि से उपदेश।


बिहार में शिक्षक की भर्ती के लिए राह देख रहे उम्मीदवारो के लिए खुश खबर, एक साथ 1,70,461 पदों पे भर्ती

शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया 15 जून 2023 से लेके 12 जुलाई 2023 तक कर सकते है उम्मीदवार

बिहार स्कूल शिक्षा विभाग के बिहार लोक सेवा आयोग भर्ती बोर्ड द्वारा शिक्षक के एक साथ 1,70,461 पदो के लिए भर्ती होगी। यह भरती प्रक्रीया प्राईमरी से लेके पोस्ट ग्रैजुएट टीचर के पुरुष और महिला उम्मीदवारो के लिए होगी। शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया 15 जून 2023 से लेके 12 जुलाई 2023 तक कर सकते है। काफी समय से उम्मीदवार शिक्षक भर्ती की राह देख रहे थे। जिनके लिए यह बडी खबर सामने आई है।

एक साथ 1,70,461 पदो पर भर्ती के लिए ईच्छुकम महिला और पुरुष उम्मीदवार बिहार लोक सेवा आयोग की ऑफिशल वेबसाईट बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (bpsc.bih.nic.in) पे ऑनलाईन आवेदन निश्चित समय से पहले कर सकते है। सीघी भर्ती के लिए वेबसाईट पे नोटिफिकेशन भी जारी कीया गया है। बिहार में शिक्षक की भर्ती के उम्मीदवारो के लिए आवेदन करने से लेके सैलेरी तक और चयन प्रक्रीया से लेके योग्यता तक की सारी जरुरी जानकारी नीचे विस्तृत से दि गई है।

सबसे ज्यादा प्राईमरी टीचर की भर्ती होगी, 12वी से शुरु होगी पदो की योग्यता
बीपीएससी (बिहार पब्लिक सर्विस कमिशन) द्वारा कक्षा 1 से 5 तक प्राईमरी टीचर के लिए सबसे ज्यादा 79,943 पदो पे भर्ती होगी। जिसके लिए 12वी पास योग्यता जरुरी है। कक्षा 9-10 सेंकेंडरी टीचर के लिए 32,916 पदो पे भर्ती होगी, जिसके लिए स्नातक प्लस बीएड या बी.एल.एड. की योग्यता जरुरी है और कक्षा 11-12 पोस्ट ग्रैजुएट टीचर के लिए 57,602 पदों पे भर्ती प्रक्रीया होगी। जिसके लिए पोस्टग्रेजुएट प्लस बीएड या बीएलएड की योग्यता जरुरी है।

ईस तरह करे ऑनलाई आवेदन प्रक्रीया
बिहार लोक सेवा आयोग की ऑफिशल वेबसाईट bpsc.bih.nic.in पे जाके बीपीएससी टीचर ओनलाईन फॉर्म लिंक पे क्लिक करे। एक नई विंडो उसके साथ खुलेगी, जिसमे आवेदन फोर्म पहले भरले, ईस के बाद आवेदन शुल्क ऑनलाईन जमा करेले। सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारो के लिए रु. 950 एवं एससी, एसटी उम्मीदवारो के लिए रु. 400 शुल्क निश्चित कीया गया है। ईस के बाज फोर्म सबमिट करके बिहार टीचर एप्लिकेशन फोर्म का प्रिन्ट आउट ले ले।

ईस नियम के तहत होगी चयन प्रक्रीया
शिक्षक भरती प्रक्रीया के तहत 18 से लेके 35 आयु सीमा तक के उम्मीदवार भर्ती प्रक्रीया में हिस्सा ले सकते है। हालाकी मानदंडो के अनुसार आयु में छूट मिलेगी। चयन प्रक्रीया के तहत लिखित परीक्षाच होगी उसके बाद मेरिट सूची और दस्तावेज सत्यापन कीया जाएगा। आवश्यक दस्तावेज में एजुकेशन सर्टिफिकेट, पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म तिथी प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साईड फोटो एन्ड रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र की जरुरत रहेगी।

सातवें वेतनमान के आधार पे भुगतान
चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को बिहार सरकार द्वारा प्रतिमाह सातवां वेतनमान के आधारा पर वेतन भुगतान जिया जाएगा। 5,200 से लेके 20,200 रुपया प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।

सूरतः जानिए सूरत एयरपोर्ट पर क्यों बांधना पड़ा एयरक्राफ़्ट को!

सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चक्रवात को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण उपाय किए जा रहे हैं। स्थानीय घरेलू चार्टर्ड उड़ान कंपनी द्वारा स्वयं की उड़ानों की व्यवस्था की जाती है। यदि तूफान के दौरान हवा तेज गति से चलती है, तो उड़ान के रनवे या किसी अन्य स्थान पर जाने पर भी दुर्घटना होने की संभावना होती है, जिसके कारण उन्हें बांध दिया गया है।


सूरत की स्थानीय घरेलू उड़ान कंपनी द्वारा एहतियाती कदम उठाया गया है। सूरत एयरपोर्ट अथॉरिटी के समन्वय से चार्टर्ड उड़ानें सुरक्षित कर ली गई हैं। तूफान के खतरे के चलते फ्लाइट को चारों तरफ से 350 और 700 किलो वजन के साथ बांध दिया गया है. ताकि विमान अपने निर्धारित स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान पर न जा सके और इससे कोई दुर्घटना न हो.

बताया जा रहा है कि सूरत हवाई अड्डे पर तूफान के दौरान उड़ानों को यथावत रखने का प्रयास किया गया है। इस तरह चार्टर्ड प्लेन या दूसरे एयरक्राफ्ट को एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से बांध दिया जाता है ताकि तूफानी तेज हवाओं के कारण फ्लाइट को डायवर्ट होने से बचाया जा सके। इस तरह के ऑपरेशन तब किए जाते हैं जब शहर में तूफान आने की आशंका होती है।

दुबई में होगी एपीएस स्पोर्ट्स विमेंस कबड्डी लीग, 16 जून को होगा ऐतिहासिक आगाज!

पूरे हिंदुस्तान से कबड्डी के मैदान में उतरेंगी 120 महिला खिलाड़ी, 8 टीमों के बीच होंगे 31 रोमांचक मुकाबले – 12 दिन तक चलेगा अद्भुत आयोजन, भारत में तीसरा सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल है कबड्डी – यूरो स्पोर्ट्स और दूरदर्शन स्पोर्ट्स पर होगा विशेष प्रसारण

जयपुर (राजस्थान) [भारत]: एपीएस स्पोटर्स द्वारा रोमांच से भरे बहुप्रतीक्षित कबड्डी इवेंट महिला कबड्डी लीग (डब्लूकेएल) का आयोजन यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) के दुबई शहर में किया जा रहा है। यह देश का पहला विमेंस कबड्डी लीग है। जिसकी शुरुआत 16 जून की शाम 6 बजे ओपनिंग सेरेमनी के साथ होगी और इसके बाद 12 दिनों तक 31 मुकाबले होंगे। लीग में देश भर की 120 विमेंस कबड्डी प्लेयर अपने खेल का हुनर दिखाएंगी। सारे मुकाबले दुबई के शबाब अल अहली स्पोर्ट्स क्लब में होंगे, जो बेहतरीन खेल सुविधाओं के लिए दुनिया भर में एक खास पहचान रखता है।

गौरतलब है कि विमन्स कबड्डी लीग महिलाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और कबड्डी खेलने की प्रेरणा देने की दिशा में महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी पहल है। इसे लेकर दुनिया भर के सारे खेल संगठन बेहद उत्साहित हैं। इसमें महिला खिलाड़ियों का मार्गदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति रखने वाले कोचेस द्वारा किया जाएगा। विमन्स कबड्डी लीग खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और इसे पसंद करने वाले खेल प्रेमियों के लिए एक उपलब्धि की तरह है जिससे महिला खिलाड़ियों की प्रतिभा को विश्वस्तरीय मंच मिलेगा और वे दुनिया भर में अपने हुनर को साबित कर सकेंगी। पंजाब और तमिलनाडु से शुरू हुआ यह खेल आज कनाडा, पाकिस्तान, ईरान जैसे कई देशों में प्रचलित है और दुनिया भर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।

सिर्फ कबड्डी लीग नहीं, महिला सशक्तिकरण का अंतरराष्ट्रीय मंच
डब्लूकेएल की मैनेजमेंट टीम में खेल जगत के अनुभवी और नामचीन लोग शामिल हैं डायरेक्टर और सीईओ प्रदीप कुमार नेहरा ने कहा कि ‘हम इस इवेंट को लेकर बेहत उत्साहित है। यह सिर्फ एक कबड्डी लीग नहीं है बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक ऐसा मंच है जिससे महिला खिलाड़ियों को दुनिया भर में नाम कमाने का मौका मिलेगा। महिला सशक्तिकरण इसका सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है और इसी को पूरा करने के लिए भव्य स्तर पर रोमांचक कबड्डी लीग का आयोजन किया जा रहा है। सारे मैच दुबई में होंगे, जिससे खिलाड़ियों और हजारों दर्शकों का उत्साह चरम पर है।

विश्व प्रसिद्ध कोच और गोल्ड मेडलिस्ट प्लेयर सिखाएंगे बारीकियां
गरिमा चौधरी डब्लूकेएल की एमडी और सुरेंद्र कुमार ढाका व जयप्रकाश सिंह इसके डायरेक्टर हैं। यही नहीं आर.डी. कौशिक और महावीर सिंह टेक्निकल ऑफिसर, होशियार सिंह चीफ कोच, मोहन सिंह भामू चीफ रेफरी की भूमिका में इस इवेंट से जुड़े हुए हैं। भूपेंद्र सिंह, जयवीर सिंह, जगदीश प्रसाद गढ़वाल, अमित जाखड़, रविता फौजदार कोच के रूप में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे। फिजिकल एजुकेशन प्रोफेसर सीमा टकसाक कोच के रूप में मार्गदर्शन देंगी जबकि डॉ. नीति माथुर और डॉ. सोनाली कुशवाहा फिजियो की बारीकियां सिखाएगी। इनके अलावा प्रदीप नरवाल, संदीप नरवाल, मनिंदर सिंह और सुरेंद्र नाडा जैसे विश्व प्रसिद्ध और गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों का समर्थन भी विमन्स कबड्डी लीग को मिल चुका है, जिससे इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सशक्त बनाना प्राथमिक लक्ष्य
ग्रामीण और छोटे शहरों की लड़कियों की खेल प्रतिभा को निखारना और उन्हें सक्षम बनाना डब्लूकेएल का प्राथमिक लक्ष्य है। पिछड़े क्षेत्रों की महिला खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के ध्येय को केंद्र में रखकर महिला खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इससे नसिर्फ नई पीढ़ी मोटिवेट होगी बल्कि अपनी शंका और संकोच के दायरे से बाहर आकर अपनी खेल प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने का साहस भी करेगी।

एपीएस स्पोर्ट्स इवेंट मैनेजमेंट प्रमुख पार्टनर
एपीएस स्पोर्ट्स इवेंट मैनेजमेंट डब्लूकेएल का प्रमुख पार्टनर है। एपीएस विश्वस्तरीय कंपनी है जो स्पोटर््स मैनेजमेंट, प्लानिंग और एक्जीक्यूशन की जिम्मेदारी संभालती है। खिलाड़ियों और मैनेजमेंट को बेहतरीन सुविधा देना और दर्शकों को रोमांचक अनुभव देना इसका प्रमुख लक्ष्य है।

कबड्डी खिलाड़ी के लिए लगी 33 लाख रुपए की बोली
कबड्डी की बढ़ती लोकप्रियता और आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में एक कबड्डी खिलाड़ी के लिए अब तक की सर्वाधिक बोली 33 लाख रुपए की लगाई
गई।

8 टीम, 31 मैच
डब्लूकेएल में 8 टीमों के बीच 31 मैच होंगे। इनमें राजस्थान रेडर्स, दिल्ली डायनामाइट्स, गुजरात एन्जिल्स, ग्रेट मराठा, हरियाणा हसलर्स, पंजाब पैंथर्स, उमा कोलकाता और बेंगलुरु हॉक्स शामिल हैं। हर एक टीम की अपनी ऐसी अकल्पनीय प्रतिभा, रणनीति और खासियत है जिसके कारण उसकी एक अलग पहचान है। हरविंदर कौर (सीनियर नेशनल कबड्डी प्लेयर, गोल्ड मेडलिस्ट) और मोती चंदन (नेशनल कबड्डी प्लेयर – एशियन गेम्स) जैसी बेहतरीन खिलाड़ी भी इस लीग की सफलता में अपना योगदान देंगी। प्ले ऑफ के बाद राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता होगी, जिससे चैंपियनशिप खिताब के लिए एक दिलचस्प मुकाबला भी देखने को मिलेगा।

विश्व स्तरीय सुविधाओं के बीच मुकाबलों का सीधा प्रसारण
डब्लूकेएल की मेजबानी दुबई का प्रतिष्ठित;शबाब अल अहली स्पोर्ट्स क्लब करेगा, जो खेल सुविधाओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यहां की वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर दर्शकों को कभी ना भूलने वाला अनुभव प्रदान करेगा। दुनिया भर के प्रशंसकों को मैच के हर रोमांचक पल का मजा देने के लिए दूरदर्शन स्पोर्ट्स, यूरो स्पोटर््स आदि पर लाइव कवरेज दिखाया जाएगा।

देवर के प्यार मे दिवानी भाभी ने दे दी जान!

सूरत मे कामरेज के हलधरून में रहने वाले यूपी के मूल निवासी विवेक गुप्ता ने पिछले साल जून 2023 में अपने पैतृक यूपी में गीता शाह नाम की लड़की से शादी की थी. शादी के-एक महीने के बाद वे कामरेज के हलधरून चले आए।इस बीच कुछ दिन पहले बीना अपनी सास सुशीला देवी के साथ इलाज के लिए स्मिमेर होस्पिटल गई थी। इस दौरान सास सुशीलादेवी बहू को छोड़कर वहां से गायब हो गई।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता चला कि अपने पति विवेक गुप्ता के छोटे भाई यानी महेश गुप्ता के साथ भाग गई थी. विगत 23 मई को महेश अपनी बड़ी बहन नीता के घर पांडेसरा में रुका था, जबकि गीता को एक होटल में रख रहा था।

महेश के पैसे खत्म होने पर उसने अपने भाई को बुलाकर गीता को होटल से घर लाने को कहा। लिहाजा विवेक अपनी पत्नी गीता को होटल से घर ले आया। जिसके बाद बुधवार की देर रात पत्नी गीता घर की सुरक्षा के लिए दुपट्टे से बंधा दुपट्टे के साथ घर में नजर आई. कामरेज पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच कर रही है।
( नाम बदले है)

दमण में 27 मई को शोर फेस्ट -बॉलीवुड के सबसे बड़े नाइट बीच फेस्ट का आयोजन

दमन. दमण के जम्पोर बीच पर 27 मई को ‘शोर फेस्ट – सबसे बड़ा बॉलीवुड नाइट बीच फेस्ट का भव्य आयोजन किया गया है। जिसमें पहली बार बॉलीवुड के सात सेलेब्रिटी कलाकार स्टेज पर लाइव परफॉर्म करेंगे। खाने के साथ- साथ मौज- मस्ती और भी बहुत कुछ शामिल होगा। वड़ोदरा स्थित एजेंसी अनवर्क मीडिया द्वारा प्रस्तुत और दमन टूरिज्म द्वारा समर्थित, इस फेस्ट में बॉलीवुड उद्योग के प्रसिद्ध संगीतकार शामिल होंगे और रात को यादगार बना देंगे।

दमन के सबसे स्वच्छ समुद्र तट और मंत्रमुग्ध करने वाले स्थान के रूप में जाना जाने वाले जम्पोर बीच पर आयोजित होने वाला बीच फेस्ट पूरे भारत और विदेशों के दर्शकों को आकर्षित कर रहा है। फेस्ट में उपस्थित गायकों में बॉलीवुड के बहुमुखी गायक मिथुन शर्मा शामिल होंगे, जिन्होंने हाफ गर्लफ्रेंड का फिर भी तुमको चाहूंगा, कबीर सिंह का तुझे कितना चाहने लगे और आशिकी 2 से तुम ही हो जैसे हिट गाने दिए हैं। वह इन सुपरहिट गानों के साथ इवेंट की शुरुआत करेंगे। इसके अलावा मंच पर जावेद अली की पुष्पा की श्रीवल्ली, असीस कौर की राता लाम्बियन, ऐश किंग की भेड़िया ठुमकेश्वरी, यासिर देसाई की मक्का,हुक्का बार जैसे गानों की प्रस्तुति पर दर्शक थिरकने से खुद को नहीं रोक पाएंगे।

इस आयोजन के बारे में अरुण गुप्ता ने कहा कि दमण में जम्पोर बीच पर ‘शोर फेस्ट’ के साथ इस मंत्रमुग्ध स्थल पर सात सेलिब्रिटी कलाकारों की स्टार- स्टडेड लाइन- अप के साथ वे दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए तैयार है। वड़ोदरा के अनवर्क मीडिया द्वारा प्रस्तुत और दमन टूरिज्म द्वारा समर्थित, बॉलीवुड का यह सबसे बड़ा नाइट बीच फेस्ट संगीत, भोजन और अंतहीन मस्ती से भरे एक अविस्मरणीय अनुभव का वादा करता है। तो 27 मई, 2023 को हमारे साथ जुड़ें क्योंकि हम बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकारों को एक साथ ला रहे हैं, ताकि आपको मनोरंजन और सरप्राइज की एक रमणीय श्रृंखला मिल सके।

साथ ही, टैटू और मेहंदी के लिए लाइव काउंटर, दमन और उसके बाहर के व्यंजनों की पेशकश करने वाले फूड स्टॉल, रचनात्मक फोटो बूथ और टेक- होम यहां उपलब्ध होंगे जो जीवन भर के लिए एक यादगार रात होगी।

इस कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए, मिथुन ने कहा, “मैं दमण आने और गुजरात और दमण के लोगों के सामने लाइव प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक हूं और इस दिन का इंतजार नहीं कर सकता। मैंने जगह की के बारे में बहुत कुछ सुना है, इस ऐतिहासिक रात में दमण की आत्मा लय, लहरों के साथ घुलने- मिलने का इंतजार
मैं कर रहा हूं, तब मुझे यह अवसर देने के लिए मैं अनवर्क मीडिया और दमन टूरिज्म को दिल से धन्यवाद देता हूं। सभी कलाकारों की ओर से, मैं विश्वास दिलाता हूं कि इस बॉलीवुड नाइट की धुनें दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगी। लोग दमण के तट और यहां आने वाले सितारों के साथ बिताई यह राज जीवनभर भूल नहीं पाएंगे।

प्रसिद्ध तटीय शहर, दमण, अपनी तरह के पहले ‘शोर फेस्ट’ में इन बॉलीवुड संगीतकारों का स्वागत करने के लिए तैयार है। 20,000 से अधिक दर्शक इस अनोखी और मस्तीभरी रात के गवाह बनेंगे और यह रात दमण के इतिहास की सबसे रंगीन रात होगी जिसे लोग जीवनभर भूल नहीं पाएंगे।

इस यादगार रात में शामिल होने के लिए टिकट बुक माय शो पर लाइव हैं, जिसकी शुरुआत महज 649/- से है।

ऑफलाइन टिकट के लिए
+91 82645 41717 पर संपर्क करें।

सिकल सेल तथा थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया की रोकथाम के लिए नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग कर जेनेटिक कुंडली बनाये


अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में आयुष मंत्रालय की वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी का सुझाव
भोपाल। जानलेवा बीमारी सिकल सेल तथा थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया की संपूर्ण रोकथाम के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े लोगों को मिलजुल कर विशेष रुप से आदिवासी बच्चों और उनके परिजनों के बीच मिशन चलाने की जरूरत है। जिसके तहत अधिकतम व्यक्तियों की जांच और बेहतर स्वास्थ्य मुहैया कराई जायें। इसके साथ ही हमें नवजात शिशुओं की पूरी स्क्रीनिंग करते हुए उसकी जेनेटिक कुंडली भी बनानी होगी ताकि संभावित मरीजों पर आरंभिक दौर में लगाम लगाई जा सके। सिकलसेल के साथ ही हमें थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों पर भी आरंभिक स्तर से ही प्रभावी ढंग से नियंत्रण करने की जरूरत है। हमें ऐसे मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर्स की जरूरत है जो लोगों को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ उन्हें इस बीमारी के खिलाफ लड़ने के लिए मोटिवेट भी कर सकें। इसलिये हम मिलजुल कर एक साझा प्रोजेक्ट बनाकर सरकार से अनुमति लें, ताकि उसके लिए पर्याप्त फंडिंग उपलब्ध कराई जा सके।

ये बात भोपाल स्थित हिंदी विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में आयुष मंत्रालय की वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य जाने-माने होम्योपैथिक डॉक्टर एके द्विवेदी ने कही। उल्लेखनीय है कि डॉ ए के द्विवेदी पिछले २३ वर्षों से गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज इंदौर में फिजियोलॉजी विभाग के प्रोफ़ेसर एवं विभागाध्यक्ष भी हैं आप छात्र छात्राओं को रक्त के बारे में विस्तृत रूप से पढ़ाते हैं।आपने कहा कि सिकल सेल और थैलेसीमिया तथा अप्लास्टिक एनीमिया के उपचार के लिये नियमित रूप से आदिवासी क्षेत्रों में लोगों की खून की जांच और मरीजों का कंपलीट ब्लड काउंट किया जाना चाहिए। ।

डॉ. द्विवेदी के मुताबिक मध्य प्रदेश के मुख्य रूप से पांच जिलों अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, धार और खरगोन में सिकल सेल की स्थिति बेहद गंभीर है। इन क्षेत्रों में सिकल सेल के मरीजों की सैंपलिंग, काउंसलिंग से लेकर, वास्तविक जरूरतमंदों की स्क्रीनिंग तक की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। सिकल सेल बीमारी की प्रभावी रोकथाम के लिए हर मरीज का मेडिकल चेकअप करने के साथ-साथ उनका आरोग्य कार्ड भी बनाया जाए ताकि इलाज में आसानी हो। उन्हें मुफ्त ओपीडी और आईपीडी (निशुल्क पलंग आदि) सुविधा भी मुहैया कराई जा सके। जीन सीक्वेंसिंग मशीन द्वारा जरूरत पड़ने पर मरीज की उच्च स्तरीय जांच भी की जानी चाहिए और क्रिटिकल मरीजों का बोनमैरो ट्रांसप्लांट की व्यवस्था भी होनी चाहिए।

अनुवांशिक रक्त विकार है सिकल सेल या सिकल सेल रक्ताल्पता
डॉ. द्विवेदी ने जानकारी दी कि सिकल सेल रोग या सिकल सेल रक्ताल्पता एक अनुवांशिक रक्त विकार है जो उन लाल रक्त कोशिकाओं के द्वारा होता है जिनका आकार असामान्य रूप से कठोर और हंसिए के समान होता है। यह बीमारी कोशिकाओं के लचीलेपन को घटाती है जिससे शरीर में कई तरह की जटिलताएं और जोखिम उभरने लगते हैं। सिकल सेल एक वंशानुगत बीमारी है जो बच्चे को माता-पिता से मिलती है। दरअसल खून में मौजूद हीमोग्लोबिन शरीर की सभी कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है मगर सिकल सेल, हीमोग्लोबिन को बहुत बुरी तरह प्रभावित करता है।

लाल रक्त कोशिकाओं का रूप बिगाड़ देते हैं “हीमोग्लोबिन एस”
इस बीमारी में हीमोग्लोबिन के असामान्य अणु, (जिन्हें हीमोग्लोबिन एस कहते हैं) लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) का रूप बिगाड़ देते हैं। जिससे वह सिकल या हँसिए की तरह अर्धचंद्राकार हो जाती हैं। सामान्यतः स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं का शेप गोलाकार होता है और वो छोटी-छोटी रक्त धमनियों से भी आसानी से गुजर जाती हैं। जिससे शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन आसानी से पहुंच जाती है। मगर सिकल सेल बीमारी के दौरान जब लाल रक्त कोशिकाओं का आकार अर्धचंद्राकार हो जाता

रक्त संचार में रुकावट पैदा करती है सिकलसेल
सामान्यतः स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं का शेप गोलाकार होता है और वो छोटी-छोटी रक्त धमनियों से भी आसानी से गुजर जाती हैं। जिससे शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन आसानी से पहुंच जाती है। मगर सिकल सेल बीमारी के दौरान जब लाल रक्त कोशिकाओं का आकार अर्धचंद्राकार हो जाता है तो वे छोटी-छोटी रक्त धमनियों से होकर नहीं गुजर पाती हैं और गुजरने की प्रक्रिया के दौरान टूट जाती हैं। कई बार तो छोटी रक्त धमनियों से गुजरने के दौरान यह सिकल सेल वहीं फंस जाती है और रक्त संचार में रुकावट बन जाती है।

बढ़ जाता है इंफेक्शन, स्ट्रोक या एक्यूट चेस्ट सिंड्रोम का खतरा
ऐसे में मरीज को उस स्थान पर तेज दर्द महसूस होता है और इंफेक्शन, स्ट्रोक या एक्यूट चेस्ट सिंड्रोम होने का खतरा पैदा हो जाता है। इसके अलावा सिकल सेल बीमारी से पीड़ित मरीज को हड्डियों और जोड़ों के क्षतिग्रस्त होने, किडनी डैमेज होने और दृष्टि संबंधी समस्याएं होने जैसी कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है। सामान्यतः लाल रक्त कोशिकाएं जहां 90 से 120 दिन तक जीवित रहती हैं वही सिकलसेल सिर्फ 10 से 20 दिन तक जीवित रह पाती हैं ।जिस कारण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होने लगती है और व्यक्ति एनीमिया का शिकार हो जाता है। जिससे उसकी आयु काफी कम होने की आशंका बढ़ जाती है।

नजरअंदाज न करें एनीमिया को
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि अगर आपको काम करने के दौरान जल्दी-जल्दी थकान होती है, बार-बार कोई बीमारी हो जाती है, शरीर-जोड़ों में दर्द होने लगता है और ये सब अचानक होने लगता है तो यह एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं। लंबे समय से ब्लीलिंड पाइल्स (मल के साथ खून जाना) की शिकायत है तो सीबीसी जांच करायें। वहीं छोटे बच्चों को लगातार नकसीर की समस्या रहती है तो इसे नजरअंदाज न करें क्योंकि लगातार नकसीर होने से खून की कमी हो सकती है एनीमिया हो सकता है। रोजाना ब्रश करने के दौरान खून आना भी एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं। वहीं ऐसी महिलाएं जिन्हें माहवारी के दौरान लंबे समय तक ब्लीडिंग होती है वे भी एनीमिया की शिकार हो जाती हैं। ऐसे में ऐसी महिलाओं को इसे छुपाना नहीं चाहिए और सीबीसी जांच करना चाहिए। ।

जानलेवा साबित हो सकती है रक्त की कमी
रक्त की कमी (एनीमिया) के चलते मरीजों को सिकल सेल, थैलेसीमिया, अप्लास्टिक एनीमिया समेत तरह-तरह की गंभीर बीमारियों के साथ-साथ आईटीपी, पैनसाइटोपेनिया और ब्लीडिंग डिस्सोर्डर्स आदि अनेक प्रकार की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है। रक्त की कमी कई बार मरीज के लिए जानलेवा साबित होती है। इंदौर में इस विपरीत स्थिति से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने का बीड़ा हमने उठाया है। इसके लिए हमने एनीमिया रथ के माध्यम से न केवल लोगों को खून की कमी से होने वाली तरह-तरह की छोटी-बड़ी समस्याओं के बारे में जागरूक किया बल्कि इससे बचाव के अत्यंत सरल उपाय भी सुझाये।

जरूरतमंद मरीजों का किया निःशुल्क उपचार
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि एनीमिया रथ संचालन के दौरान रक्त की कमी की वजह से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का सरल औषधीय उपचार भी किया। चुनिंदा जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क उपचार की सुविधा भी मुहैया कराई गई। उल्लेखनीय है कि ढाई दशकों से एनीमिया के मरीजों का सफलतापूर्वक होम्योपैथी इलाज कर रहे डॉ. द्विवेदी पेशेंट्स अवेयरनेस के लिए पिछले कई सालों से एनीमिया रथ सप्ताह का आयोजन कर रहे हैं। जिससे बड़ी संख्या में इंदौर और आसपास के मरीज लाभान्वित हो रहे हैं।

“मील का पत्थर” है 2047 तक एनीमिया-मुक्त करने की घोषणा
माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हालिया इंदौर प्रवास के दौरान डॉ. द्विवेदी ने उनसे भेंट कर नये बजट में एनीमिया के इलाज के लिए प्रावधान करने का आग्रह किया था। जिसे सहृदयता से स्वीकार कर लिया गया है। हालिया केंद्रीय बजट में 2047 तक देश को एनीमिया-मुक्त करने की घोषणा को डॉ. द्विवेदी इस दिशा में “मील का पत्थर” मानते हैं।

इन बिंदुओं पर भी हुई चर्चा

  • मरीजों का समुचित इलाज करने के साथ-साथ उनके बीच करीब 10% ऐसे मरीजों की पहचान भी करनी होगी जिनकी स्थिति में सुधार होने के बावजूद उन्हें अनावश्यक रूप से खून चढ़ाया जा रहा है।
  • बीमारी का शुरुआती स्तर पर ही पता लगाने के लिए हर साल नियमित अंतराल पर चेकअप कैंप भी आयोजित करने होंगे।
  • इस मिशन पर आधारित शोध पत्र, प्रधानमंत्री के सिकलसेल निर्मूलन अभियान में सहयोग के लिए भेजे जाएंगे। जिसके आधार पर पूरे देश में सिकल सेल को लेकर प्रोटोकॉल तय किया जा सकेगा।
  • अर्ली डायग्नोसिस के जरिए विद्यार्थियों एवं उनके परिजनों का संपूर्ण इलाज कर अभी पीढ़ियों को सिकल सेल से मुक्त कराने की हर मुमकिन कोशिश की जाएगी।
  • गुजरात में सॉल्युबिलिटी टेस्ट द्वारा की गई जांचें पूरी तरह सफल नहीं रही थीं। इसलिये जांच में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सूक्ष्म से सूक्ष्म बिंदु भी चिन्हित किया जाएगा और सिकल सेल से मरीज को निजात दिलाने के इलाज में भी अत्याधुनिक तकनीक इस्तेमाल की जाएगी।

उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि थे प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री मोहन यादव, विशिष्ट अतिथि थी भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर तथा श्री अनिल कोठारी विशेष अतिथि दे श्री अशोक कडेल संचालक मध्य प्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर श्री खेम सिंह डेहरिया जी ने की. सभी ने कार्यक्रम को संबोधित भी किया आभार कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल ने व्यक्त किया. विशेष रूप से अखिलेश पाण्डे कुलपति विक्रम यूनिवर्सिटी उज्जैन तथा श्री मुकेश मिश्रा कार्य परिषद सदस्य उपस्थित थे

सूरतसहित देश भर मे फर्जी बिलिग को रोकने के लिए जीएसटी डिपार्टमेंट चलायेगा मेगा ऑपरेशन

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जीएसटी विभाग फेक बिलिंग व फेक आईटीसी को रोकने के लिए 16 मई 23 से 15 जुलाई 23 तक एक मेगा अभियान चलाया जाएगा जिसमे (BIFA,ADUAIT,NIC PRIME,E WAY BILL) इन पैरामीटर के आधार पर फेंक रजिस्ट्रेशन ,फेक बिलिंग,फेक आईटीसी को किस प्रकार रोक जाए उसके लिए फिर एक बार कमर कसी हैं जिसमें सेंट्रल व स्टेट दोनों ऑफिसर मिलकर काम करेंगे।

जीएसटी चोरी के कारण सरकार को बड़ी आय गँवानी पड़ रही है।इस बारे मे 24 अप्रैल 23 को एक मीटिंग हुई जिसमें जीएसटी रजिस्ट्रेशन के समय जो डोकोमेंट दिए जाते है उसमें छेड़छाड़ की जाती हैं साथ ही व रजिस्ट्रेशन लेकर किसी गरीब या अन्य मजदूर वर्ग के लोगो को टारगेट किया जाता हैं। इस पर चर्चा हुई। होता ये की अगर पकड़ा भी गया तो उससे वसूली नही कर पाती उस स्थिति में अब निम्न पैरामीटर के आधार पर उस पूरी चेन को पकड़ना चाहती हैं।

यानी कि अब जिस पते पर रजिस्ट्रेशन लिया है उसे भी जांचेगी की क्या वाकई उस जगह पर न तो व्यापार हो रहा न ही वहाँ कोई फर्म की नेम प्लेट लगी हैं।तो उस स्थिति में सबसे पहले जीएसटी आर 1 के आधार पर जीएसटी नम्बर को चेक किया जाएगा साथ ही अगर फेक रजिस्ट्रेशन पाया गया तो जीएसटी रूल्स के मुताबिक जीएसटी रजिस्ट्रेशन केंसिल व उसका आईटीसी ब्लॉक व बैंक एकाउंट की जांच की जाएगी।
( नारायण शर्मा- टैक्स कन्सल्टन्ट )

सूरतः बारडोली के समीप मार्ग दुर्घटना में छह की मौत

सूरत के नज़दीक बारडोली तहसील के इस रोली गाँव के पास तेज़ी से जा रहे डंपर ने एक कार को ज़ोरदार टक्कर मारी और १०० मीटर तक घसीटते हुए ले गया।इस घटना के चलते कार में सवार छह लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।घटना देख रहे हो आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुँच गये और प्रशासन को इस बारे में जानकारी दी।


घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर को महुआ के तरसाड़ी गाँव से शादी से लौट रहे एक परिवार के छह सदस्य कार में आ रहे थे जिसमें कि बच्चे भी शामिल थे।कार बारडोली तहसील के इसरोली गाँव के नज़दीक वेळ गुज़र रहे थे उस दौरान डंपर में कार को धक्का मारा।

इतना ही नहीं डंपर कार को घसीटते हाँ मीटर तक लेकर गया जिसके चलते कार पलट भी गई।इस घटना में कार में सवार छह लोगों की मौत हो गई आस पास के लोग घटना को देखते ही सब स्तब्ध गए थे।घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की कार्रवाई शुरू की है।

फ़ोर्ब्स मेगेजिन में अमीरों की सूची में छपी सूरत के उद्यमी की फ़ोटो!


सूरत: मशहूर फोर्ब्स पत्रिका द्वारा प्रकाशित दुनिया के 2259 अरबपतियों की सूची में 168 भारतीय कारोबारियों को शामिल किया गया है. 168 अरबपतियों की सूची में सूरत के पहले कारोबारी के तौर पर अश्विन देसाई ने सूरत और गुजरात का नाम रौशन किया है.

सूरत के ईथर इंडस्ट्रीज के सीएमडी अश्विन देसाई को सूरत के उद्यमियो द्वारा बधाई दी गई है। यह गौरव की बात है कि सूरत के ईथर इंडस्ट्रीज के सीएमडी अश्विन देसाई को फोर्ब्स-2023 अरबपतियों की सूची में दुनिया के 2259 लोगों में 168 भारतीयों का स्थान मिला है। उन्होंने सचिन जीआईडीसी, सूरत में केमिकल फैक्ट्री ईथर इंडस्ट्रीज की स्थापना की। इस साल की फोर्ब्स पत्रिका की अरबपतियों की सूची में सबसे पहले सुरती ईथर इंडस्ट्रीज के सीएमडी अश्विन देसाई हैं, जो पिछले साल 1.2 बिलियन रुपये की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के साथ आए थे और 168 अन्य भारतीयों के साथ सूची में जगह बनाने में कामयाब रहे।


सुरती अश्विन देसाई, ईथर इंडस्ट्रीज के संस्थापक प्रमोटर प्रबंध निदेशक, 1974 में रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईसीटी, तत्कालीन यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, यूडीसीटी, मुंबई) से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। उन्हें 2010 में भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी द्वारा प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

अश्विन देसाई को विशेष रासायनिक उद्योग में दशकों का अनुभव है। ईथर इंडस्ट्रीज की स्थापना से पहले वह अनुपम रसायन इंडिया लिमिटेड के संस्थापक सदस्य थे। और 2013 तक अनुपम रसायन इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे। वह एथर में, अश्विन देसाई कंपनी के दृष्टिकोण को आकार देने में जिम्मेदार और सक्रिय हैं। वे सभी तकनीकी-वाणिज्यिक विभागों में शामिल हैं। विशिष्ट रसायनों के क्षेत्र में अश्विनभाई देसाई का महत्वपूर्ण योगदान रसायन विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रणालियों के लिए एक रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ रसायनों की दुनिया में एक अद्वितीय स्थान बनाने की उनकी इच्छा है।


2022-2023 में 16 नए अरबपति जुड़े।) फोर्ब्स इंडिया पत्रिका ने प्रोफाइल कवर पर अश्विन देसाई की तस्वीर प्रकाशित की है। भारत से 169 अरबपति हैं, जो विश्व सूची में अरबपतियों की तीसरी सबसे बड़ी संख्या वाला देश है। अमेरिका और चीन पहले दो स्थान पर हैं। बर्नार्ड अरनॉल्ट और परिवार, एलोन मस्क और जेफ बेजोस सूची में शीर्ष तीन हैं।

मुकेश अंबानी, गौतम अडानी भारत की सूची में शीर्ष पर हैं। फोर्ब्स इंडिया पत्रिका ने इस संस्करण में नए अरबपतियों में से एक अश्विन देसाई, सूरत को प्रोफाइल कवर के साथ चित्रित किया है। गुजरात के एक नवनिर्मित अरबपति का प्रोफाइल और सम्मान किया गया है। जिन्होंने अपने 60 के दशक में एथर इंडस्ट्रीज की स्थापना की थी।