जयवीर सिंह जी के स्वागत में मैनपुरी में उमड़ी भीड़

मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) [भारत], 13 अप्रैल: जयवीर सिंह जी के स्वागत में मैनपुरी में जो भीड़ उमड़ी, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे मैनपुरी ने अपना सांसद चुन लिया हो। जयवीर सिंह जी तत्कालीन पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री हैं।

इस मौके पे उनका स्वागत समारोह मैनपुरी में विशेष धूमधाम के साथ हुआ। लोगों का उत्साह देखकर ऐसा लगता है की मैनपुरी ने एक नया दिन आरंभ किया हो। इस स्वागत में उपस्थित सभी लोगों की भावनाओं को देखकर स्पष्ट होता है की भारतीय जनता पार्टी के आने से मैनपुरी के लोगों को उन्नति की उम्मीद है।

जयवीर सिंह जी के नेतृत्व में मैनपुरी को नई दिशा मिलेगी। उनका साथ, जब मिलेगा, तो मैनपुरी की जनता अपनी समस्याओं का समाधान तेजी से पायेगी और विकास की राह पर गति से अग्रसर होगी।

जयवीर सिंह जी ने कहा, अबकी बार मैनपुरी में कमल जरूर खिलेगा।

फ़िल्म “गौरैया लाइव” का शानदार प्रीमियर संपन्न, इमोशनल कहानी को मिली दर्शकों की तारीफ

Premier of Gauraiya Live

“गौरैया लाइव” के प्रीमियर अवसर पर फ़िल्म के निर्माता राहुल रंगारे, निशांत जैन, रोहित राज सिंह चौहान , कलाकार नरेंद्र खत्री, सीमा सैनी, अदा सिंह , विनय झा , निर्देशक गेब्रियल वत्स के साथ ही केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले उपस्थित रहे ।

मुंबई, 13 अप्रैल: काफी समय से चर्चा में रही फिल्म “गौरैया लाइव” का प्रीमियर मुंबई में आयोजित किया गया। इस अवसर पर फ़िल्म के निर्माता राहुल रंगारे, निशांत जैन, रोहित राज सिंह चौहान , कलाकार नरेंद्र खत्री, सीमा सैनी, अदा सिंह , विनय झा , निर्देशक गेब्रियल वत्स के साथ ही केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले उपस्थित रहे । “गौरैया लाइव” एक मजदूर पिता के बेटी की कहानी है जो बोरवेल में गिर गई है।

रेयर फिल्म्स और टी एंड पोएट्री फिल्म्स के बैनर तले बनी इस सर्वाइवल ड्रामा को देखने के लिए दर्शक भी काफी उत्सुक है। यह कहानी भोपाल के मजदुर पिता के बेटी की कहानी है। जिसे बड़े ही मार्मिक ढंग से पेश किया गया है। जो एक खुले बोरवेल में गिर जाती है जो कंस्ट्रक्शन साइट पर ही रहती है। फिल्म को देख सभी बहुत इमोशनल भी हुए। इस फिल्म में दिखाया गया सत्य कड़वा है पर सत्य है।  ऐसी स्थिति किसी भी माँ बाप पर न आये इसका खास ध्यान रखना चाहिए। यह फ़िल्म, सवाल करती है  ऐसी दुखद घटनाएं समाज में दोबारा न हो इसके लिए क्या कदम उठाये जा सकते है इसपर सोच विचार करने की आवश्यकता है।

पीपली लाइव फेम ओंकार दास मानिकपुरी ने उस छोटी बच्ची गौरैया  के मजदूर पिता का रोल किया है और गौरैया बनी छोटी सी नन्ही बालिका का नाम है अदा सिंह। उसने अपनी एक्टिंग के हुनर से लोगों को चौका दिया।  इतने घंटो तक मौत और जीवन की जद्दोजहद में जीत आखिर गौरैया की ही हुई। इसमें कई और भी कलाकार है जिन्होंने इसे सफल बनाने के लिए सौ प्रतिशत योगदान दिया है।  सीमा सैनी, पंकज झा, शगुफ़्ता अली मुख्य किरदार में नज़र आए साथ में गणेश सिंह, बलराम ओझा, नरेंद्र खत्री और आलोक चटर्जी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों के नाम शामिल है।

फ़िल्म ‘गौरैया लाइव” के निर्माता राहुल रंगारे, डॉ. निशांत जैन, रोहित राज सिंह चौहान और राजीव जैन हैं। फ़िल्म के सह निर्माता सीमा सैनी , गेब्रियल वत्स, ऋषभ कुरैच्या, रणधीर सिंह ठाकुर और गौरव बग्गा हैं ।  सीमा सैनी इस फ़िल्म की लेखिका, गीतकार, संगीतकार, अभिनेत्री और सह निर्मात्री भी हैं।  फ़िल्म के लेखक़  गेब्रियल वत्स और सीमा सैनी हैं और निर्देशन  गेब्रियल वत्स ने किया हैं। फ़िल्म का संगीत सुंजॉय बोस और सीमा सैनी की प्रतिभाशाली जोड़ी द्वारा दिया गया है, जिसके भावपूर्ण गीत सीमा सैनी ने लिखे हैं।

ज्योतिष शास्त्र: दिव्यदर्शी पवन मिश्र द्वारा ग्रहों का प्रभाव और निवारण

मानव जीवन में उतार-चढ़ाव का अनुभव हर किसी को होता है। कई लोग सुख और दुःख को किस्मत का प्रभाव मानते हैं, कुछ इसे पूर्व जन्मों के फल के रूप में देखते हैं, और कुछ ग्रहों के प्रभाव के रूप में। प्राचीन भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों और उनकी किरणों का जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव होता है। ग्रहों के प्रभाव के अलावा, व्यक्ति के नियमित कर्मों का भी उसके जीवन में महत्वपूर्ण योगदान होता है। ग्रहों के कुप्रभाव के कारणों और निवारण के उपायों का ज्ञान घटनाओं को अधिक मधुर बनाने में सहायक हो सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर व्यक्ति के जन्म के समय से लेकर उसके जीवन के अंतिम काल तक संसार का प्रत्येक मनुष्य पर ग्रहों और उनसे आने वाली किरणों का अच्छा या बुरा प्रभाव पड़ता है। ग्रहों के इस शुभ-अशुभ प्रभाव का विवरण वैदिक तथा महाभारत काल तक के भी प्राप्त होता है। ग्रहों के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपाय और तकनीकें हैं, जिनमें रत्न, यज्ञ, औषधि, तंत्र, यंत्र और प्रातः संप्रेषण आदि शामिल हैं।

आज के युग में मनुष्य की जीवन शैली बड़ी संघर्ष पूर्ण, दौड़ धूप, प्रतिस्पर्धा तथा आपाधापी वाली हो गई है। उसे कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इसी कारण से पिछले कुछ दशकों से लोगों में ज्योतिष शास्त्र के प्रति विश्वास बढ़ा है और ज्योतिष शास्त्र का बहुत प्रचार एवं प्रसार भी हुआ है। गत वर्षों में ज्योतिष शास्त्र में कई नई अनुसंधान हुई है तथा कई नवीन ज्योतिष पद्धतियों का विकास हुआ है। जब मनुष्य को किसी भी ओर से आशा की किरण दिखाई नहीं देती, तो वह ज्योतिष शास्त्र का ही सहारा ढूंढता है। ज्योतिष शास्त्र वह विज्ञान है जो चराचर जगत पर ग्रहों के प्रभाव का अध्ययन करता है।

ग्रहों के प्रभाव के अतिरिक्त, उसके कर्मों और उपायों का भी अहम योगदान होता है। अगर आप भी अपने जीवन में ग्रहों के प्रभाव से जूझ रहे हैं और उनके निवारण के लिए उपाय ढूंढ रहे हैं, तो श्री माता ग्रह निवारण केन्द्र  श्री दिव्य मानव सेवा संसथान द्वारा संचालित से संपर्क करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। यहाँ आपको अनुभवी ज्योतिष शास्त्री, वैदिक कर्मकांड ,मंत्र जाप द्वारा ग्रहों के प्रभाव का विशेषज्ञ उपाय मिलेंगे।  श्री माता ग्रह निवारण केन्द्र आपके हर समस्या का समाधान करने के लिए संपूर्ण तैयारी के साथ आपकी सेवा में है।

यह संसथान विश्व कल्याण हेतु सामूहिक पूजा पाठ मंत्र जाप निरंतर करते रहती है  आप संसथान को अपने स्वेक्षानुसार सहयोग करे एवं सनातन धर्म को मजबूत करे 

श्री माता ग्रह निवारण केन्द्र:

श्री दिव्य मानव सेवा संसथान

Shree Mata Grah Niwaran Kendra (Shree Divya Manav Sewa sansthan )

पता: Manpur Rewar Toli, गया – 823003 (बिहार)

मोबाइल: 9162207091

वेबसाइट: www.mypujapath.com 

‘The Legacy of Jineshwar’ के ट्रेलर में दिखी जैन परंपरा

आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। ‘द लिगेसी ऑफ जिनेश्वर’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर लॉन्च हो गया है। यह कार्यक्रम सिनेपोलिस मुंबई में निर्माता अभिषेक मालू, प्रोजेक्ट हेड विवेक कुलश्रेष्ठ, अभिनेता सुरेंद्र पाल और कई अन्य लोगों की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान दावा किया गया कि यह फिल्म जैन धर्म की संस्कृति और अनछुए पहलुओं को सबके सामने मजबूती से रखेगी। 19 अप्रैल 2024 को महावीर जयंती के शुभ अवसर पर यह फिल्म रिलीज होगी।

कई बाधाओं को पार करने के बाद आखिरकार फिल्म का ट्रेलर लॉन्च हो गया। अब यह फिल्म सिल्वर स्क्रीन पर धूम मचाने के लिए तैयार है। वर्तमान खरतरगच्छाचार्य श्री जिन पीयूष सागर सूरीश्वर के आशीर्वाद से और खरतरगाचा सहस्त्राब्दी महोत्सव समिति के सहयोग से निर्माता अभिषेक मालू ने दर्शकों से अच्छे सिनेमा के अनुभव का वादा किया है।

‘द लिगेसी ऑफ जिनेश्वर’ जैन परंपरा की अनकही कहानी को उजागर करने का वादा करती है, जो भगवान महावीर की महत्वपूर्ण शिक्षाओं और तीर्थंकर की आध्यात्मिक विरासत पर प्रकाश डालती है। दर्शक राजा ऋषभ देव से भगवान महावीर तक की यात्रा के साथ-साथ खतरगच्छ (जैन धर्म में एक संप्रदाय) की स्थापना को एक दिलचस्प कथा प्रारूप में प्रस्तुत करते हुए देखेंगे।

परियोजना निदेशक विवेक सुधींद्र कुलश्रेष्ठ के दूरदर्शी मार्गदर्शन और निर्देशक प्रदीप पी. जाधव और विवेक अय्यर द्वारा निर्देशित यह फिल्म जैन धर्म के सार को प्रामाणिकता और श्रद्धा के साथ जीवंत करती है। प्रसिद्ध लेखक और गीतकार प्रशांत बेबर, संगीतकार विवियन रिचर्ड और विपिन पटवा के साथ, फिल्म को भावपूर्ण संगीत से भर देते हैं जो न केवल मनोरंजन करता है बल्कि प्रेरित भी करता है।

पद्मश्री कैलाश खेर, जावेद अली और दिव्य कुमार द्वारा मधुर रचनाओं को अपनी आवाज देने से दर्शक फिल्म के शक्तिशाली साउंडट्रैक से मंत्रमुग्ध होने की उम्मीद कर सकते हैं। ‘द लिगेसी ऑफ जिनेश्वर’ के पीछे की टीम दर्शकों को इस ऐतिहासिक क्षण को देखने और जैन परंपरा की समृद्ध टेपेस्ट्री में डूबने के लिए 19 अप्रैल 2024 को सिनेमाघरों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करती है।

शहर मे पीपीपी मॉडल से बनाए जाएँगे और 50 चार्जिंग स्टेशन

सूरत
सूरत महानगर पालिका में ने शहर भर में इलेक्ट्रिक फ़ोर व्हीलर को चार्ज करने के लिए 50 इलेक्ट्रिक चार्ज स्टेशन बनाए हैं लेकिन इनका उपयोग बहुत कम होने के कारण अब मनपा ने आगामी दोनों में पीपीपी मॉडल पर चार्जर स्टेशन बनाने का फैसला किया है।इस चार्जिंग स्टेशन में फोर व्हीलर ही नहीं बल्कि टू व्हीलर और थ्री व्हीलर के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल सभी जोन में पर्याप्त जगह के लिए तलाश जारी है।जगह की व्यवस्था होने के बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा।
सूरत महानगर पालिका के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर में 30000 इलेक्ट्रिक मोपेड दौड़ रहे हैं।इसके अलावा इलेक्ट्रिक कर की खरीदी भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देन के लिए 3 साल पहले सूरत महानगर पालिका ने शहर में 50 स्थान पर इलेक्ट्रिक चार्ज स्टेशन बनाए थे, लेकिन कई करणों से इनका उपयोग बहुत कम हो रहा है। इस साल सिर्फ 9000 लोगों ने चार्जर स्टेशन का उपयोग किया। पालिका फिलहाल ग्राहकों से 16 रुपए 52 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से चार्जिंग की सुविधा दे रही है लेकिन इसके बावजूद लोगों में चार्जिंग स्टेशन को लेकर नीरस है।

—कई कारणों से लोग नहीं आते चार्जर स्टेशन
कई चार्जिंग स्टेशन ऐसे स्थान पर बनाए गए हैं जहां ट्राफिक की समस्या के साथ आने जाने के लिए भी व्यवस्था ठीक से नहीं है। डेढ़ साल में 9000 लोगों ने 26015 बार गाड़ी चार्ज कराई है। जिसके माध्यम से मनपा को 34 लाख की आय हुई है। वेसू के चार्जिंग स्टेशन में बड़ी संख्या में लोग आते हैं जबकि दिल्ली गेट स्थित चार्जिंग स्टेशन को अच्छा रिस्पांस नहीं मिला है।इस स्थिति को समझते हुए पालिका ने आप पीपीपी मॉडल पर शहर में अन्य 50 चार्जिंग स्टेशन बनाने का फैसला किया है जिस्म की टू व्हीलर और थ्री व्हीलर भी चार्ज किया जा सकेंगे।एक ही सॉकेट से सभी कंपनियों के बाइक रिचार्ज किया जा सके इसकी भी व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है।फिलहाल इसके लिए शहर के सभी जोन में पर्याप्त जगह के लिए तलाश जारी है आगे की कार्यवाही जमीन मिलने के बाद की जाएगी।

कम क़ीमत पर ग्रे नहीं बेचने का मंथन कर रहे वीवर!

textile market


सूरत
एमएसएमई की भँवर जाल में बीते दिनों बुरी तरह से प्रभावित होने के बाद कपड़ा बाजार में आगामी दिनों में साड़ी और ड्रेस सेगमेंट दोनों में ही अच्छे व्यापार की उम्मीद दिख रही है। इसके चलते यार्न की कीमतों में बीते एक सप्ताह में अलग-अलग क्वालिटी में एक से तीन रुपए दाम बढे हैं।विवर्स का मानना है कि आने वाले दिनों में यार्न की कीमत और बढ़ सकती है।इसलिए वह अब कम कीमत में ग्रे कपड़ा नहीं बेचने के मूड में है। टइस बारे में विवर्स ने आपस में मंथन करना शुरू कर दिया है और मैसेज कर एक दूसरे का मन टटोल रहे है।


कपड़ा बाजार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों एमएसएमई के चक्कर में कपड़ा व्यापारियों को लग्नसरा के बड़े हिस्से का व्यापार करवाना पड़ा था। नया वित्तीय वर्ष 2024-25 शुरू होने के बाद अन्य मंडियों मे फिर से डिमांड शुरू हुई हैं।कम क़ीमत से लेकर महंगी साड़ी और ड्रेस सेगमेंट दोनों में ही अच्छी डिमांड शुरू हुई है।कपड़ा उद्यमियों का कहना है कि एमएसएमई के नियमों मे 45 दिन में पेमेन्ट की शर्त के कारण ऑर्डर नहीं मिलने से बीते दिनों व्यापार ठप्प सा था। अब नया वित्तीय साल आने के बाद दूसरे राज्यों से व्यापारी कम, मध्यम और ज्यादा कीमत के साड़ी और ड्रेस मटेरियल के ऑर्डर बुक करा रहे है। बाज़ार की इस स्थिति को समझते हुए यार्न उत्पादकों ने भी यार्न की कीमत में बढ़ोतरी करना शुरू कर दी है। 1 अप्रेल से अब तक यार्न की कीमत में 1 से 3 रुपए दाम बढे हैं। दूसरी ओर होली के कारण बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के श्रमिक अपने गांव की ओर लौट गए हैं।ऐसे में कपड़ों का उत्पादन भी बहुत कम हो रहा है।बीते दिनों एमएसएमई के चक्कर में व्यापारियों ने माल कम खरीदा था।इसलिए बाजार में ग्रे माल का स्टॉक भी उपलब्ध नहीं है।इन तमाम परिस्थितियों के चलते अब वीवर्स ने कम कीमत पर ग्रे नहीं बचने का फैसला किया है।

——मंदी में कम क़ीमत पर बेचने के बाद अब परिस्थिति सुधरने पर वीवर कर रहे मंथन

सचिन इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसाइटी के सेक्रेटरी मयूर गोलवाला ने बताया कि एमएसएमई के कारण वीवर्स को बहुत नुकसान हुआ है। लग्नसरा का व्यापार बहुत बुरे ढंग से प्रभावित होने के कारण वीवर्स को नुकसान उठाना पड़ा।आगामी दिनों में लग्नसराका व्यापार अच्छा रहने की उम्मीद होने के कारण यार्न कारोबारी लगातार कीमत बढ़ाए जा रहे हैं। अब परिस्थिति सुधरने के कारण वीवर्स भी ग्रे की कीमत कम करके नहीं भेजेंगे। इस बारे में भी मंथन किया जा रहा है। इस बारे में सभी विवर्स को भी मैसेज भेज दिए गए हैं।आगामी दिनों में कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है।

पद्मश्री अनूप जलोटा ने लॉन्च किया इसरत टोनी और प्रतीक गांधी का म्युज़िक वीडियो “डेजर्ट सोल”

Prateek Gandhi, Anup Jalota, Israt Tonni and Kurtesov Valarey at Launch of Desert Soul

मुंबई, 5 अप्रैल: संगीतकार और गायक प्रतीक गांधी और अभिनेत्री इसरत टोनी के नये  म्युज़िक वीडियो “डेजर्ट सोल” मुम्बई के रेड बल्ब में आयोजित एक भव्य समारोह में पद्मश्री अनूप जलोटा के द्वारा लॉन्च किया गया। इस अवसर पर प्रतीक गांधी और वीडियो में उनकी ऎक्ट्रेस इसरत टोनी, मॉडल रूबी भाटिया  भी उपस्थित थीं। 

डेजर्ट सोल एक ऐसा मंत्रमुग्ध कर देने वाला गीत है जो समय और स्थान से परे है। रेगिस्तान की पृष्ठभूमि पर आधारित डेजर्ट सोल किस्मत और पुनर्जन्म के धागों से जुड़ी दो आत्माओं की कहानी पेश करता है। 

प्रतिभाशाली अदाकारा इसरत टोनी ने बांग्लादेश फिल्म इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण छाप छोड़ी है और उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें 9 राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आईटीएफएएम (इसरत टोनी फिल्म्स एंड म्यूजिक) के बैनर तले डेजर्ट सोल के लॉन्च के साथ उनका लक्ष्य अपनी कला के माध्यम से दुनिया भर में मोहब्बत और सकारात्मकता फैलाना है। इसरत आईटीएफएएम कंपनी की फाउंडर और प्रोड्यूसर हैं । 

लॉन्च पर हाज़िर रहे भजन सम्राट अनूप जलोटा ने इस गाने की भूरी भूरी प्रशंसा की। इसरत टोनी के डांस उनकी परफॉर्मेंस को उन्होंने सराहा और प्रतीक गांधी के गीत संगीत और गायकी के अलावा उनके अभिनय को भी पसन्द किया। उन्होंने पूरी टीम को इस अलग किस्म के गाने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।

इसरत टोनी ने कहा कि “डेजर्ट सोल मेरे दिल में एक खास जगह रखता है क्योंकि यह संगीत के प्रति मेरे जुनून को कहानी कहने के मेरे प्यार के साथ कनेक्ट करता है। मैं प्रतीक गांधी और अनूप जलोटा का आभार प्रकट करती हूं।”

संगीत और गायकी में हमेशा नया प्रयोग करने के लिए मशहूर प्रतीक गांधी ने डेजर्ट सोल में अपनी आत्मा डाल दी है। वह न केवल इसके संगीतकार, गायक और गीतकार हैं बल्कि इसमें उन्होंने बतौर अभिनेता भी काम किया है। उन्होंने बताया कि मैं कुछ अलग किस्म का गाना चाह रहा था जो रोमांटिक, सैड सॉन्ग या डांस नम्बर न हो। कई गीतकारों के अल्फ़ाज़ सुने लेकिन आखिर मैंने ही लिखने का फैसला किया, हालांकि गीत के बोल में डेजर्ट सोल का कोई जिक्र नहीं है लेकिन चूंकि इसका वीडियो जैसलमेर में शूट हुआ है इसलिए लोकेशन और लुक के अनुसार यह टाइटल मेल खाता है।

मैं रोइयां और इश्क हो जाएगा जैसे हिट गानों का उनका ट्रैक रिकॉर्ड संगीत जगत में एक अलग पहचान रखने वाले के रूप में प्रतीक गांधी के नाम को और भी मजबूत करता है। राजस्थानी लोक गीत की जड़ो से जुड़ी उनकी संगीत पृष्ठभूमि उनकी रचनाओं में झलकती है। डिज़र्ट सोल के लाँच का आयोजन अरुण शर्मा इनकट मीडिया कंपनी के द्वारा किया गया था 

डेजर्ट सोल अपनी मनमोहक धुन और प्रभावी शब्दों के साथ सभी श्रोताओं और दर्शकों के मन मस्तिष्क पर एक अमिट छाप छोड़ता है।

Earnifyy के साथ समृद्धि का द्वैतीय अवसर: दोहरी अवसर आपका इंतजार है!

क्या आप वित्तीय स्वतंत्रता और दीर्घकालिक समृद्धि की तलाश में हैं? आपकी तलाश यहां समाप्त होती है! Earnifyy एक अद्वितीय अवसर प्रस्तुत करता है जो न केवल आपका भविष्य सुरक्षित करने का वादा करता है, बल्कि आपकी समृद्धि में तेजी से वृद्धि करने का भी वादा करता है। दो अलग-अलग माध्यमों – कमाई और निवेश – से जुड़े हम आपके उद्यमिता और निवेश की इच्छाओं को पूरा करने वाला प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं।

निवेश अवसर: नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, जेवर के पास एक रणनीतिक चाल

Earnifyy के साथ रणनीतिक निवेश की दुनिया में डुबकी लगाएं और तेजी से विकसित हो रहे नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, जेवर के पास प्रधान भूमि खरीदकर अपने भविष्य का निवेश सुरक्षित करें। इस अवसर की कीमत केवल ₹16,500 प्रति वर्ग गज में है, यह अवसर सिर्फ एक अच्छी खरीदारी ही नहीं है, बल्कि क्षेत्र के उम्मीदवार भविष्य का एक हिस्सा है। इस निवेश अवसर को वास्तव में प्रेरणादायक बनाने वाले कुछ विशेषताएं हैं:

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लेकिन यह सब ही नहीं! Earnifyy के साथ निवेश करते समय, आप सिर्फ भूमि नहीं खरीद रहे हैं; आप एक गतिशील और जीवंत 40 एकड़ टाउनशिप का हिस्सा बन रहे हैं। यह उद्यम एक फूलती हुई समुदाय के लिए मंच तैनात करता है, जिससे आपका निवेश दीर्घावधिक में और अधिक मूल्यवान बनता है।

सरोगेट्स की दुकान: एक फिल्म जो हर इंसान को झकझोर देगी, अहमदाबाद में होगी स्पेशल स्क्रीनिंग

एकजुटता और सशक्तिकरण के एक उल्लेखनीय प्रदर्शन में, 300 से अधिक सरोगेट्स कल गुजरात में बहुप्रतीक्षित फिल्म “दुकान” की विशेष स्क्रीनिंग की शोभा बढ़ाने जा रही हैं। यह सभा एक महत्वपूर्ण क्षण को चिह्नित करती है क्योंकि ये वास्तविक जीवन के नायक एक ऐसी कहानी देखने के लिए एक साथ आते हैं जो उनके अनुभवों से गहराई से जुड़ती है।

“दुकान” को निर्देशक जोड़ी सिद्धार्थ-गरिमा ने सावधानीपूर्वक तैयार किया है, जिन्होंने व्यापक शोध के माध्यम से सामने आई सच्ची घटनाओं से प्रेरणा ली है। गुजरात के दिल में, वाणिज्यिक सरोगेसी के केंद्र में प्रवेश करते हुए, सिद्धार्थ-गरिमा ने सरोगेट्स के जीवन में खुद को डुबो दिया, ऐसी कहानियाँ एकत्र कीं जो उनकी फिल्म की रीढ़ बनेंगी।

गुजरात में सेट, ‘दुकान’ जैस्मीन (मोनिका पंवार द्वारा अभिनीत) की मार्मिक कहानी को उजागर करती है, जो एक सरोगेट माँ के रूप में एक साहसी यात्रा पर निकलती है।  जैस्मीन की कथात्मक दृष्टि से, यह फिल्म गरिमा, पसंद की स्वतंत्रता और व्यावसायिक सरोगेसी में लगी महिलाओं की स्वायत्तता के महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डालती है – एक ऐसा विषय जिसे हिंदी सिनेमा में शायद ही कभी दिखाया गया हो।

फिल्म में मोनिका पंवार, सिकंदर खेर, सोहम मजूमदार और मोनाली ठाकुर प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

“दुकान” के आकर्षण में वृद्धि करते हुए इसका आकर्षक संगीत एल्बम है, जिसमें अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल, सुनिधि चौहान, भूमि त्रिवेदी, ऐश्वर्या भंडारी और महान उस्मान मीर द्वारा गाए गए आत्मा को झकझोर देने वाले गीत शामिल हैं। प्रत्येक गीत जैस्मीन की यात्रा के लिए एक मार्मिक साथी के रूप में कार्य करता है, जो कहानी को भावना और प्रतिध्वनि से समृद्ध करता है। फिल्म का पूरा संगीत एल्बम प्रतिभाशाली श्रेयस पुराणिक द्वारा रचित है।

जब गुजरात भर से सरोगेट्स अपनी कहानियों को सिल्वर स्क्रीन पर देखने के लिए एकत्रित होते हैं, तो “दुकान” न केवल एक फिल्म के रूप में उभरती है, बल्कि सशक्तिकरण, प्रतिनिधित्व और लचीलेपन की स्थायी भावना के प्रतीक के रूप में भी उभरती है।

 ऐसी दुनिया में जहाँ आवाज़ें अक्सर दबा दी जाती हैं, “दुकान” उन लोगों की कहानियों को आगे बढ़ाती है जिनकी कहानियाँ सुनी जानी चाहिए, मनाई जानी चाहिए और संजोई जानी चाहिए।

वेवबैंड प्रोडक्शंस और सिद्धार्थ गरिमा के कलमकार पिक्चर प्रोडक्शंस के बैनर तले ए झुनझुनवाला और एस के अहलूवालिया द्वारा निर्मित दुकान इस शुक्रवार, 5 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

गौरैया संरक्षण के लिए रजत सिनर्जी फाउंडेशन और जोसेफ बर्नहार्ट ने बनाए प्राकृतिक स्वरूप में घोंसले

वाराणसी: गौरैया विश्व के लगभग सभी देशों में पाई जाने वाली पक्षियों की सबसे पुरानी प्रजाति है। जो आज विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है, जैसे कि हम अपने कला, संस्कृति, संस्कार व परम्परा को संजोने के लिए प्रयत्नशील है। ये गौरैयां भी हमारी संस्कृति का हिस्सा है, जिसके संरक्षण की जरूरत है। मई 2023 में रजत सिनर्जी फाउंडेशन ने वादा किया था कि जल्द ही गौरैयाओं के संरक्षण के लिए प्राकृतिक स्वरूप में घोसलों की स्थापना की जाएगी। आज फाउंडेशन द्वारा किये गये वादे को पूरा करते हुए सुखद अनुभूति हो रही है। उक्त बातें रजत सिनर्जी फाउंडेशन की डायरेक्टर प्रगति पाठक ने सामनेघाट स्थित राम छटपार शिल्प न्यास (कला संग्रहालय) में कही। अवसर था गौरैयाओं के संरक्षण के लिए रजत सिनर्जी फाउंडेशन के सहयोग से आस्ट्रियान कलाकार जोसेफ बर्नहार्ट द्वारा प्राकृतिक स्वरूप में घोसलों को मूर्त रूप देने का।

उन्होने कहा कि एक वक्त था जब हमारी नींद गौरैयाओं के कोलाहल  से खुलती थी। एक ऐसा पक्षी जों मनुष्य के आसपास रहना पसंद करती है, जो आज अपने स्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है, जिस मानव समुदाय पर इस नन्ही चिड़िया ने भरोसा किया, उसी मानव समुदाय ने अपने भौतिक सुख के लिए गौरैयां को विलुप्त होने की राह पर ढकेल दिया है। अगर हम अब भी नही चेते तो वह दिन दूर नही जब मानव जीवन का सबसे पुराना साथी और सहयोगी सिर्फ किताब के पन्नों, किस्से कहानी और तस्वीरों में ही नजर आएगी।

इस मौके पर गौरैया के संरक्षण के लिए अग्रसर आस्ट्रियान कलाकार जोसेफ बर्नहार्ट ने बताया कि जब वे भारत आये तो प्रकृति पूजक देश भारत में भी मरती हुई गौरैयाओं के समाचार से सामना हुआ। जिससे वे बहुत ही व्यथित हो गये और लोगों को जागरूक करने उद्देश्य से उन्होने बर्ड हाउस कलाकृति में लाल रंग का उपयोग किया है। राम छटपार शिल्प न्यास (कला संग्रहालय) के संस्थापक मदन लाल गुप्ता ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि मां गंगा के किनारे स्थित इस कला संग्रहालय में गौरैया के लिए भी एक कलात्मक संग्रहाल प्राकृतिक परिवेश में बनाया गया है। जो गौरैयाओं के लिए प्राकृतिक स्वरूप में उनका घोसला है।

सूच्य हो कि मां गंगा के पावन तट पर स्थित राम छटपार शिल्प न्यास (कला संग्रहालय) उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा निजी कला संग्रहालय है। जहां कला के बहुआयामी अनुभव प्राप्त कर सकते है। यह संग्रालय मन को शान्ति प्रदान करने के साथ कला की सार्थकता को पूरा करता है।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से रजत मोहन पाठक (सेक्रेटरी, रजत सिनर्जी फाउंडेशन) एवं जापान, स्पेन, आस्ट्रिया, स्लोवेनिया, इटली के कलाकारों सहित काफी संख्या में भारतीय कला प्रेमी व कलाकार मौजूद रहे।

भवदीय

रजत मोहन पाठक

सेक्रेटरी

रजत सिनर्जी फाउंडेशन

वाराणसी