जीएसटी रिटर्न का समय बढ़ाने और लेट फीस तथा व्याज माफ करने की मांग

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कपड़ा व्यापारियों के संगठन फैडरेशन ऑफ सूरत टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (फोस्टा) ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, रेवेन्यु सेक्रेटरी अजय भूषण पांडेय तथा गुजरात राज्य के उप-मुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री नितिनभाई पटेल को पत्र लिखकर जी.एस.टी, रिटर्न दाखिल की तारीख को बिना किसी शर्त के आगे बढ़ाने की मांग रखी है।

फोस्टा महामंत्री चम्पालाल बौथरा ने बताया की कोरोना वायरस(COVID-19) जेसी महामारी की वजह से भारत सरकार द्वारा लोकडाउन किया गया था। जिससे सभी राज्य के कपड़ा बाजार करीबन 72 दिन तक बंद रहे थे तथा व्यापारी एवं स्टाफ/कर्मचारी भी अपने-अपने वतन की ओर पलायन कर गए है।

72 दिन के लोकडाउन के बाद भी आज भी सूरत के कपड़ा मार्केट एवं टेक्सटाइल उद्योग बंद हैं। महामारी का प्रकोप बढ़ रहा है। सरकार के आदेश अनुसार बाहर से व्यापारी, श्रमिक आदि का आना अभी भी बंद है। साथ ही किसी भी तरह का आर्थिक लेनदेन नहीं हो पा रहा है। इन सब को गहराई से लेकर व्यापार उधोग की गाड़ी पटरी पर कैसे आए उसकी भी समीक्षा करावे| इन सब परिस्थितियों में जी.एस.टी. रिटर्न दाखिल करना बहुत मुश्किल है।


बोथरा ने बताया कि व्यापारी अपना जी.एस.टी. रिटर्न दाखिल करने के लिये अपने अकाउंटेंट या कर्मचारी पर निर्भर होतें है। लॉकडाउन की वजह से वह उपलब्ध नहीं है। साथ ही यदि किसी कारण से अपना जी.एस.टी. रिटर्न समय पर नही दाखिल कर पाये तो उनपर भारी ब्याज के साथ जुर्माना लगाया जा रहा है |

लोकडाउन के बाद व्यापारी के पास अपने दैनिक खर्च को पूरा करने के लिये पैसे नहीं है उसपर यह अति व्याज और शुल्क उचित नहीं है। इसीलिए फोस्टा द्वारा सभी प्रकार के जी.एस.टी. रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख को बिना किसी व्याज या अतिरिक्त शुल्क के30 सप्टेम्बर 2020 तक आगे बढ़ाने की मांग की गई है।

सूरत मे बैलगाड़ी पर बैठकर पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ी क़ीमत का विरोध

देशभर के पेट्रोल-डीज़ल की लगातार बढ़ती क़ीमतों के विरोध में कॉंग्रेस की ओर से सोमवार की भरी बरसात में विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस के कार्यकर्ता सबेरे ही अठवालाइंस क्षेत्र में घोड़ागाड़ी और साइकल लेकर पहुँच गए और नारेबाज़ी कर विरोध दर्शाया।

इस दौरान पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे विरोध पक्ष के नेता सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमत कम करे। लॉकडाउन के कारण व्यापार उद्योग पहले से ही बंद होने के कारण लोग परेशान है ऐसे में सरकार की ओर से पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमत मे लगातार बढ़ोतरी से आम आदमी की मुसीबत बढ़ेगी। बताया जा रहा है कि इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भरी बारिश में इस विरोध के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता सोशल डिस्टैंस का पालन नही कर पाए।


कांग्रेसी नेताओं ने आज विरोध प्रदर्शन के दौरान जुल्मी शासन बंद करो के बैनर ले रखे थे।
उल्लेखनीय है कि पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती क़ीमतों के कारण देशभर में लोग परेशान है। डीज़ल की क़ीमत बढ़ने का सीधा असर यातायात खर्च पर पड़ता है। फ़िलहाल जिस तरह से डीज़ल की क़ीमत बढ रही है। उसके कारण आने वाले दिनों में कई चीज़ वस्तुओं की क़ीमत बढ़ने के आसार है।