कोरोना के कारण जहां अच्छी- अच्छी कंपनियों के खाद्य सामग्री में भारी गिरावट दर्ज की गई। वही पारले जी बिस्कुट ने बीते 82 साल में सबसे अधिक बिक्री का रिकॉर्ड दर्ज किया है। कंपनी की ओर से दी जानकारियों के अनुसार मार्च, अप्रैल और मई में बीते 8 दशक में पारले जी की बिक्री सबसे अधिक हुई है।
बताया जा रहा है कि पारले जी की क़ीमत पांच रूपए होने के साथ वर्षों से लोकप्रिय होने के कारण श्रमिकों ने और गांव जाने वाले लोगों ने पारले जी को अपने रास्ते का सहारा बनाया।पैदल शहर से गांव की ओर जाने वाले लोगों ने बड़े पैमाने पर parle-g खरीद कर रास्ते में पारले जी को ही नाश्ते के लिए उपयोग किया। कई लोगों ने गरीब और बेसहारा लोगों को बांटने के लिए parle-g खरीदें।
मध्यमवर्गीय लोगों कामधंधा बंद हो जाने के कारण घर में बच्चों के लिए पारले जी को ही पसंद किया। आपको बता दें कि parle-g का उत्पादन के दौरान भी जारी रहा। शुरुआती दिनों मे कुछ दिनों बंद रहने के बाद कंपनी ने दोबारा उत्पादन जल्दी शुरू कर दिया था। सारी सुविधाओं के साथ और सभी शर्तो के साथ कंपनी ने अपने प्रोडक्ट का उत्पादन शुरू कर दिया था।
भारत बनाएगा 100 करोड़ कोरोना वैक्सीन
कोरोना को लेकर दुनिया के कई देश दवा बनाने का दावा कर रहे हैं। इस बीच भारत में बड़ी अच्छी खबर सामने आई है। भारत में कोरोना की वैक्सीन को लेकर उत्पादन और आपूर्ति की तैयारियां शुरू हो चुकी। है पुणे की सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की लैब में कोरोना वायरस के वैक्सीन के उत्पादन और आपूर्ति की तैयारी की जा रही है।
ब्रिटिश स्वीडिश फार्मा कंपनी एस्ट्रेजनेका ने यह घोषणा की है कि उसने वैक्सीन के सप्लाई के लिए भारत से हाथ मिलाया है और एसआईआई के साथ लाइसेंस के लिए करार करने वाली है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कोरोना की अपनी संभावित वैक्सीन की सप्लाई का जिम्मा भी एस्ट्रेजनेका कंपनी को दिया है। एस्ट्रेजनेका और एसआईआई मिलकर 100 करोड़ की तादाद में व्यक्ति बनाने की तैयारी कर रहे हैं। उनमें 40 करोड़ वैक्सीन दिसंबर तक आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है।
बताया जा रहा है कि पुणे में बनने वाली कोरोना वायरस भारत सहित जिन देशों की आय कम है वहां पर सप्लाई की जाएगी। दुनिया में कई देश कोरोना की दवा बनाने का दावा कर रहे हैं अमेरिका चीन ब्रिटेन जर्मनी कहीं देश इसमे में शामिल है