
सूरतआगामी दिनों में लग्नसरा की सीजन होने के बावजूद सूरत के कपड़ा बाजार में मंदी के कारण रेपियर जैकार्ड की साड़ियों की डिमांड कमजोर है। इसके चलते रेपियर जैकार्ड चलाने वाले विवर्स की हालत पतली हो गई है। बताया जा रहा है कि कई क्षेत्रों में सप्ताह में 2 से 3 दिन तक का अवकाश करना पड़ रहा है। कपड़ा उद्योग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर में एक लाख से अधिक रेपियर जेकार्ड मशीनों पर कपड़ों का उत्पादन किया जाता है। बीते दिनों एमएसएमई कारोबारी को ₹45 दिन में ही पेमेंट करने का नियम होने के कारण फरवरी और मार्च महीने में व्यापार प्रभावित हुआ था। इसके बाद विवर्स को उम्मीद थी की लग्नसरा के दिनों में साड़ियों की डिमांड रहेगी लेकिन अभी तक रेपियर रिकॉर्ड की साड़ियों की डिमांड कम होने के चलते कपड़ा उद्यमी परेशान हो गए है।
देश भर में तमाम रिटेल मंडियो में डिमांड नहीं होने के कारण स्थानीय व्यापारी कम कीमत पर साड़ियां मांग रहे हैं। कम कीमत पर साड़ी बेचने में लाभ नहीं होने के बावजूद भी कई उद्यमी अपने बिजली बिल का खर्च निकालना और श्रमिकों को रोके रखने के लिए उत्पादन कर रहे हैं।दूसरी और बड़ी संख्या में लोगों ने कारखाने में अवकाश कर दिया है।---लोन का हफ्ता चुकाने के लिए चल रहे कारखाने सूरत में सचिन पांडेसरा, वेडरोड , कतारगाम सहित कई क्षेत्रों में रेपियर जकार्ड के मशीन है। बीते 2 साल में हजारों रेपियर मशीन लगाए गए। बड़ी संख्या में कपड़ा उद्यमियों ने लोन पर मशीने खरीदी हैं। जिसका प्रतिमाह हुआ लाखों रुपए हफ्ता चुका रहे हैं।
यदि मशीन बंद कर दी जाए तो हफ्ता चुकाना भी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए वह कम कीमत पर भी उत्पादन करने के लिए लाचार हैं।
-₹600 वाली साड़ी 400 में मांग रहे व्यापारी
कपड़ा बाजार में इन दोनों मंदी का माहौल है खास करके रिपेयर जैकार्ड के कपड़ों की मांग घट जाने के कारण व्यापारी 40 प्रतिशत तक कम कीमत पर साड़ियां मांग रहे हैं। 4 महीने पहले जिन शादियों की कीमत ₹600 थी वह साड़ी व्यापारी अब ₹400 में मांग रहे हैं। इसके चलते रेपयर जैकार्ड मशीन चलाने वाले विवर्स की हालत पतली हो गई है। नंदलाल बघासिया, कपड़ा उद्यमी
साड़ियों के लिए नहीं मिल रहे ऑर्डर
बीते 2 महीने से बाजार में नीरसता का माहौल है। आगामी दिनों में लग्नसरा की सीजन होने के बावजूद रिटेल बाजार में कारोबार ठप होने के चलते सूरत के बाजार में भी सुस्ती है। व्यापारी नई साड़ियों के लिए आर्डर नहीं दे रहे हैं। जो व्यापारी ऑर्डर दे रहे हैं वह भी कम कीमत पर माल मांग रहे हैं। ऑर्डर नहीं होने के कारण कई कारखाने में सप्ताह में दो से तीन दिन तक छुट्टी दी जा रही है। गुलाब सिंह, कपड़ा कारोबारी