
नई दिल्ली, फरवरी 11: हर सफल उद्योगपति के पास उपलब्धियों की सूची होती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी पहचान केवल उनके व्यवसाय से नहीं, बल्कि उनके मूल्यों और सेवा भाव से बनती है। प्रशांत मिश्रा उन्हीं चुनिंदा नामों में शामिल हैं, जिन्होंने आध्यात्मिक चेतना और उद्यमिता को एक साथ जोड़कर सफलता की नई परिभाषा गढ़ी है।
एक ओर वे समर्पित शिव साधक हैं, तो दूसरी ओर प्रणु ग्रुप के संस्थापक के रूप में एक सशक्त औद्योगिक साम्राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके लिए व्यवसाय केवल मुनाफ़े का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक अवसर है। उनका जीवन मंत्र है — “सेवा ही शिवतत्व है।”
मजबूत औद्योगिक नींव और वैश्विक व्यापार विस्तार
प्रशांत मिश्रा ने प्रणु ग्रुप की नींव इंजीनियरिंग और माइनिंग सेक्टर में रखी, जहाँ गुणवत्ता, पारदर्शिता और दीर्घकालिक दृष्टि को प्राथमिकता दी जाती है।
DG Minerals Pvt. Ltd. (DG Stones) और Pranu Mines & Minerals Pvt. Ltd. के माध्यम से समूह डाइमेंशनल स्टोन क्वेरींग और मिनरल माइनिंग में सक्रिय है, विशेष रूप से उच्च गुणवत्ता वाले रेड ग्रेनाइट के उत्पादन और निर्यात में इसकी सशक्त पहचान है।प्रणु ग्रुप केवल कच्चे माल की आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी वैल्यू–चेन में काम करता है — खनन से लेकर प्रोसेसिंग, क्वालिटी कंट्रोल और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग तक।
भोपाल स्थित मुख्यालय के अलावा, चीन के ज़ियामेनमें इसकी मार्केटिंग यूनिट और हांगकांग में पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जिससे एशिया, यूरोप और मिडल ईस्ट के बाज़ारों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होती है।
प्रशांत मिश्रा के नेतृत्व में समूह ने एथिकल माइनिंग प्रैक्टिस, पर्यावरणीय संतुलन और श्रमिक कल्याण को अपनी संचालन नीति का अहम हिस्सा बनाया है। यही कारण है कि प्रणु ग्रुप को गुणवत्ता–आधारित, भरोसेमंद और भविष्य–उन्मुख संगठन के रूप में पहचाना जाता है।
वेबसाइट:www.pranudgmines.com
बहु–क्षेत्रीय विस्तार से बना बिज़नेस इकोसिस्टम
दूरदर्शी सोच के साथ प्रशांत मिश्रा ने व्यवसाय को केवल एक उद्योग तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक विस्तार कर एक ऐसा बिज़नेस इकोसिस्टम तैयार किया, जो रोजगार सृजन और आर्थिक विकास दोनों को बढ़ावा देता है।
उनके प्रमुख उपक्रमों में शामिल हैं:
भारत, चीन, हांगकांग, लंदन और दुबईतक फैली यह उपस्थिति न केवल वैश्विक विस्तार को दर्शाती है, बल्कि भारतीय उद्यमिता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उनके संकल्प को भी रेखांकित करती है।
जहाँ आध्यात्मिकता बनती है सामाजिक परिवर्तन की शक्ति
प्रशांत मिश्रा के लिए व्यवसाय और सेवा अलग–अलग रास्ते नहीं हैं। उनका मानना है कि जब तक विकास समाज के अंतिम व्यक्ति तक न पहुँचे, तब तक वह अधूरा है।इसी सोच से शिवशक्ति अनुग्रह पीठकी स्थापना की गई — एक आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्था, जो सेवा, करुणा और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर कार्य करती है। यह पीठ केवल सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि स्थायी सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित है।

शिवशक्ति अनुग्रह पीठ: संगठित और सतत सेवा पहलें
पीठ के अंतर्गत अनेक संरचित और प्रभावशाली सामाजिक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं:
इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए सिलाई मशीन वितरण, कौशल विकास प्रशिक्षण, कंप्यूटर शिक्षा, और स्वरोज़गार कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलता है।
वेबसाइट:www.shivshaktianugrahpeeth.com
उद्देश्य–आधारित नेतृत्व की मिसाल
प्रशांत मिश्रा का मानना है:
“मूल्यों के बिना विकास क्षणिक होता है, लेकिन उद्देश्य के साथ किया गया कार्य समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिएमार्गदर्शक बनता है।”
उनकी यात्रा यह प्रमाणित करती है कि आधुनिक उद्यमिता केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज को सशक्त बनाने और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम भी बन सकती है।
आज जब प्रणु ग्रुप वैश्विक स्तर पर निरंतर विस्तार कर रहा है, प्रशांत मिश्रा का संकल्प स्पष्ट है —
ऐसे उद्योगों का निर्माण करना जो लाभ के साथ–साथ मानवता की सेवा भी करें।