
महानगरपालिका की ओर से शहरीजनों को कम कीमत पर यातायात के सुविधा के लिए सिटी बस और बीआरटीएस बस सेवा शुरू की गई है लेकिन सिटी और बीआरटीएस बसों में कार्यरत कई कंडक्टर्स के कारण पालिका को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार सूरत महानगरपालिका की ओर से शुरू की गई सिटी बस और बीआरटीएस बस में प्रतिदिन 2 लाख लोग यात्रा करते हैं। बड़ी संख्या में नौकरी पर जाने वाले लोग सुबह शाम इस बस का उपयोग करते हैं।
बस की टिकट का आधार कम होने के कारण यह सेवा लोगों के लिए आशीर्वाद तमाम साबित हुई है लेकिन बस में सवार यात्रियों से रुपए लेकर टिकट नहीं देने का या आधी कीमत लेकर यात्रियों को टिकट नहीं देने संबंधित कई प्रकार की शिकायत पर पालिका को मिलते रहती है। इसी तरह की एक शिकायत आज पालिका को मिली थी जिसके आधार पर कार्यवाही करते हुए विजिलेंस की टीम ने बस नंबर 104 में जांच की थी जिसमें की कंडक्टर के पास टिकट की बिक्री की अपेक्षा अधिक रुपए मिले। इस बारे में पूछने पर कंडक्टर स्पष्ट नहीं कर पाया।इसलिए उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया इसी तरह बरेली के बीआरटीएस स्टेशन पर भी टिकट बिक्री की अपेक्षा बस बस स्टैंड के अंदर अधिक लोग थे सामान्य तौर पर स्टेशन में टिकट खरीदने के बाद ही प्रवेश किया जाता है लेकिन यहां पर टिकट की अपेक्षा अधिक लोग होने के कारण उसे भी सस्पेंड कर दिया गया।-
-डेढ़ साल में 900 से अधिक कंडक्टर सस्पेंड
जनवरी 2024 से अब तक सिटी बस और बीआरटीएस के 900से अधिक कंडक्टर सस्पेंड किया जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर के खिलाफ टिकट नहीं देने का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भी यात्रियों से खराब व्यवहार सहित अन्य कई कारण से भी कंडक्टर सस्पेंड किए गए हैं।पालिका के विजिलेंस टीम की ओर से बार-बार कार्रवाई किए जाने के बाद भी पालिका में टिकट चोरी का दूषण अभी तक नहीं रुक रहा।