12वीं साइंस का परिणाम घोषित! इन विषयों ने रूलाया छात्रों को.. जानिए!

सूरत
गुजरात बोर्ड ऑफ एजुकेशन की ओर से मार्च में ली गई कक्षा-12 के विज्ञान के परिणाम घोषित हुए। कुल मिलाकर यह 60.96 प्रतिशत रहा है। बताया जा रहा है कि इस वर्ष पहली बार परीक्षा देने वाले नियमित छात्रों का परिणाम 71.34 प्रतिशत रहा है।


मिली जानकारी के अनुसार इस साल ली गई परीक्षा के घोषित परिणाम में ए -1 ग्रेड में उत्तीर्ण छात्रों की संख्या कम है। केवल 44 छात्रों ने इस साल ए-वन ग्रेड में जगह बनाई है। यह संख्या पिछले साल 254 थी।बताया जा रहा है कि बीते साल के बाद इस साल भी सबसे ज्यादा रिजल्ट वाला जिला राजकोट रहा है और सबसे कम रिजल्ट वाला जिला छोटा उदेपुर रहा है।जबकि सेंटर रिजल्ट में सबसे ज्यादा रिजल्ट जामनगर के धरोल सेंटर का रहा है और सबसे कम रिजल्ट बोडेली सेंटर का रहा है।


इस साल परिणामों में ए-१ ग्रेड में कम छात्र आने से छात्रों में निराशा है।
कोरोना के कारण इस साल बोर्ड का परिणाम देरी से आने की आशंका थी। टीचर्स सप्लीमेन्टरी कैसे चेक करेंगे यह चिंता भी बीते दिनों सबको हो रही थी। हालाँकि गुजरात में स12 साइंस के 1.40 लाख से अधिक छात्रों के परिणाम समय पर आ जाने से उनके और उनके माता-पिता के लिए थोड़ी राहत और अच्छी खबर है।


आपको बता दे कि अभी तक जिन राज्यों में कक्षा १० और १२ की परीक्षा ली है उसमें से किसी का परिणाम नही आया है। गुजरात शिक्षा बोर्ड देश का पहला बोर्ड है जिसके द्वारा समय में कक्षा 12 विज्ञान का परिणाम घोषित किया गया है। जबकि देश के कई राज्यों में, कोरोना के कारण, बोर्ड परीक्षा अभी तक पूरी तरह से आयोजित नहीं की गई है और साथ ही कई विषयों में सीबीएसई की परीक्षाएं अभी भी लंबित हैं।

12गुजरात बोर्ड ऑफ एजुकेशन ने परिणाम ऑनलाइन घोषित किया है। गुजरात बोर्ड की ओर से ली गई परीक्षा में कुल १९ विद्यार्थी ए-१ ग्रेड में आए हैं। इस साल 128 मामले परीक्षा के दौरान कॉपीकेस आदि के मिले थे।६८ स्कूलों में १० प्रतिशत से भी कम छात्र उत्तीर्ण हुए। इस साल परीक्षा के दौरान कोरोना और कुछ विषयों के प्रश्नपत्र बच्चों को कठिन लगने से परिणाम घटने की चर्चा है।फ़िज़िक्स और केमिस्ट्री दोनों विषयों में इस बार अनुत्तीर्ण होने वाले छात्रों की संख्या ज़्यादा है। दोनों में ही २८-२८ प्रतिशत बच्चे नापास हुए।