31 मार्च तक यह नहीं किया तो आपका पैनकार्ड डिएक्टीव हो जाएगा


सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टेक्स की ओर से करदाताओ की स्पष्ट सूचना दे दी गई है कि आगामी 31 मार्च तक आधार कार्ड और पैन कार्ड का नंबर इन्कमटैक्स की वेबसाइट पर यदि लिंक नहीं की गई तो करदाताओं को भारी जूर्माना का सामना करना पड़ सकता है। कई बार केंद्र सरकार की ओर से समय भी बढ़ाया गया है लेकिन अबकी सरकार समय बढ़ाने के मूड में नहीं है।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब 31 मार्च के पहले पैनकार्ड और आधार कार्ड लिंक नहीं किए गए तो करदाता से 1000 की पेनल्टी ली जाएगी। इसके अलावा टीडीएस में 20% काटा जाएगा और 1% के स्थान पर 5% टीसीएस काटा जाएगा। आधार कार्ड और पैनकार्ड लिंक नहीं कराने पर हर कदम पर पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है।

पैन कार्ड के साथ आधार कार्ड लिंक नहीं करने वाले करदाताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं आधार कार्ड और पैन कार्ड लिंक नहीं किए गए तो करदाता आईटी रिटर्न, जीएसटी रिटर्न सहित अन्य पैनकार्ड संबंधित कार्य भी नहीं कर पाएंगे। आगामी दिनों में ऐसे काम के पैन कार्ड भी डी-एक्टिव कर देंगे। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार की ओर से पिछले डेढ साल से करदाताओं से बारबार आधारकार्ड और पैनकार्ड लिंक करने के लिए सूचना दी जा रही है लेकिन अभी तक बडी संख्या में करदाता दोनो नंबर लिंक नहीं कर सके हैं।

जीएसटी नंबर के लिए आधार वेरिफाई अनिवार्य करने के फ़ैसले से बढ़ी परेशानी


देशभर में वन नेशन वन टैक्स सूत्र के अंतर्गत शुरू किया शुरू किए गए जीएसटी के कानून में कई नियमों के कारण व्यापारी पहले से ही परेशान हैं । ऐसे में हाल में ही जीएसटी विभाग ने देशभर में बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट के घोटालों के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए शुरू किए नए नियमों से व्यापारियों की दिक्कत बढ़ गई है।

नए नियमों के अनुसार व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन लेने के लिए आधार कार्ड भी देना होगा और आधार कार्ड वेरीफार होने के बाद ही रजिस्ट्रेशन मिलेगा । व्यापारियों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन लेते समय ऑनलाइन पूरी प्रक्रिया होने के बाद जब आधार कार्ड से वेरिफाइ करने की बारी आती है तो I वेरिफिकेशन फेल हो जाता है । ऐसे में व्यापारी को फिजिकल जीएसटी कार्यालय में जाना होता है ।

वहां जाकर कार्रवाई करने के बाद लगभग दो सप्ताह का समय लग जाता है । ऐसे में व्यापारी को दो सप्ताह तक और इंतजार करना पड़ता है । यहां पर सिर्फ एक ही समस्या नहीं है । बताया जा रहा है कि जब कोई व्यापारी जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन अप्लीकेशन करता है तो उसे संबंधित डोक्यूमेन्ट अपलोड करने के लिए पांच से सात दिन का समय दिया जात है । इस दौरान जब व्यापारी फिर से लिंक पर जाकर डोक्यूमेन्ट सब्मीट करने का प्रयास करते हैं तब तक वह लिंक डेड हो चुकी है।

ऐसे में व्यापारियों के लिए जीएसटी का नया नियम सरदर्द बन गया है । फोस्टा के पूर्व प्रमुख और चैम्बर के सदस्य देवकिशन मंघानी ने बताया कि बीते एक महीने से जीएसटी नंबर लेने में आधार कार्ड अनिवार्य करने से नए रजिस्ट्रेशन लेने में दिक्कत आ रही है । इस बारे में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार से शिकायत की गई है ।