कपड़ा व्यापारियों का करोड़ों का माल सड़कों पर फंसा!! कौन सुनेगा?

सूरत
कोरोना लॉकडाउन के कारण सूरत सहित देशभर के कपडा व्यापारियों को तगड़े नुक़सान का सामना करना पड रहा है। लॉकडाउन के दो चार दिन पहले कपड़ा व्यापारियों में अन्य राज्यों के लिए भेजे करोड़ों रूपए का माल या तो ट्रान्संपोर्टर के गोडाउन में पड़ा है या तो हाई-वे पर फँस गया है। वह अपने गंतव्य स्थान तक अभी तक नहीं पहुँच सका है। अभी लॉकडाउन कब समाप्त होगा यह पता नही है, व्यापारियों को आशंका है कि जब तक लॉकडाउन खुलेगा तब तक लग्नसरा समाप्त हो चुकी होगी। इसके बाद भेजा गया माल कही वापिस नही आ जाए। यदि यह आशंका सच साबित होती है तो व्यापारियों के लिए मुसीबत और बढ जाएगी। इस सिलसिले में फैडरेशन ऑफ सूरत टैक्सटाइल एसोसिएशन ने ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेल्फेयर एसोसिएशन से बात शुरू की है।

व्यापार शुरू होते ही ख़त्म हो गया
इन दिनों लग्नसरा का सीजन होने के कारण पूरे देश मे से व्यापारियों के पास साड़ी और ड्रेस सेग्मेंट दोनों मे ही अच्छे ऑर्डर मिले थे। व्यापारियों ने भी आर्डर के अनुसार माल भेजा था! लंबे इंतज़ार के बाद व्यापार ने ज़ोर पकड़ा ही था कि कोरोना ने व्यापारियों की ख़ुशी पर पानी फेर दिया। बीते महीने कोरोना के कारण लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही व्यापारियों के लिए मुसीबत शुरू हो गई।15 से 22 मार्च के बीच जिन व्यापारियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए माल भेजे थे वह अभी तक अपने गंतव्य स्थान तक नहीं पहुँच पाया है। उनमें से 90 प्रतिशत से अधिक माल ट्रांसपोर्टर के गोडाउन में पड़ा है या तो हाई वे पर फंसा पड़ा है। अब सीजन समाप्त होने को है । ऐसे में व्यापारी चाहते है कि वह माल किसी भी तरह अपने गंतव्य तक पहुंचे। ताकि 3 मई के बाद लॉकडाउन कहीं कहीं ग्रीन ज़ोन में दुकान खुले तो थोड़ा बहुत माल बिक सके। इससे व्यापारियों को थोड़ा भार कम होगा और रिटर्न गुड्स कम होगा।

सीजन समाप्त हुई तो माल की डिमांड समाप्त
फैडरेशन ऑफ सूरत टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख श्रीकृष्ण बंका बताते है कि लॉकडाउन के दो चार दिन पहले भेजा गया माल दुकानों तक नहीं पहुँचा यदि वह अभी नही पहुँचा तो सीजन समाप्त हो जाएगी और रिटर्न गुड्स की संभावना बढ़ जाएगी।

हमेशा सूरत के व्यापारियों को नुकसान
व्यापारी अरुण पाटोदिया ने बताया कि 15 से 20 मार्च के दौरान जो कपड़ा भेजा गया वह या तो यहाँ ट्रांसपोर्ट में पड़ा है या लॉकडाउन के कारण कुछ राज्यों की सीमा बंद होने से सड़कों पर फँसा है। उस माल की ज़िम्मेदारी सूरत के व्यापारी की होगी। उसे सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया जाए। सीजन समाप्त हो गया तो अन्य राज्यों के व्यापारी तरह तरह के बहाने बताएंगे

एटवा से चल रही है बात

फैडरेशन ऑफ सूरत टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री चंपालाल बोथरा ने बताया कि इस सिलसिले में उनकी बात ऑल इंडिया ट्रान्सपोर्ट वेल्फेयर एसोसिएशन के चेयरमैन प्रदीप सिंगल से हो रही है। हमने उनसे बीच रास्ते में फँसे माल को दुकानों तक पहुँचाने की माँग की है। ताकि जब लॉकडाउन यदि ग्रीन ज़ोन में खुले तो कुछ माल बिक सके, लेकिन उनका कहना है कि कोरोना के भय के कारण ड्राइवर ड्यूटी पर आने को तैयार नहीं है। देशभर में पूरे प्रयास के बावजूद सिर्फ़ 15 प्रतिशत ही लॉजिस्टिक शुरू हो सका है। टांसपोर्ट में काम करने वालों के लिए 10 लाख रुपए की बीमे की योजना शुरू करने के लिए हम विचार कर रहे है।

व्यापारी करे संपर्क
कॉन्फिडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन के गुजरात चैप्टर के प्रमुख प्रमोद भगत ने बताया कि कैट और ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने बीच मार्ग में फँसे ट्रैको के लिए हैल्पलाइन शुरू की है। इस पर फ़ोन करने वालों के लिए हम पास की व्यवस्था कर देते है। व्यापारी ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेल्फेर एसोसिएशन से ऑनलाइन समस्या बता सकते हैं।