अमरीका में 3.8 करोड लोग बेरोजगार हुए


सूरत

कोरोना वायरस के दुनिया के अर्थंतंत्र की हालत खराब कर दी है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली माने जाने वाले अमरीका की भी हालत इन दिनो पतली हो गई है।

अमरीका मे कोरोना पीडितों की संख्या सबसे अधिक हो गई है। कोरोना के कारण व्यापार धंधा बंद होने से बेरोजगारी भत्था मांगने वालों की संख्या 3.8 करोड पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि यह लगातार नौवां महीना है जबकि लाखो लोगो बेरोजगारी भत्था मांग रहे हैं।

अमरीका ही नही दुनिया के कई देशो की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई है। कई देश आर्थित व्यस्था चरमरा जाने के डर से पहले से ही लॉकडाउन का विरोध कर रहे थे। अमरीका भी पहले लॉकडाउन के समर्थन में नहीं था। अमरीका के साथ कई छोटे देशो ने भी लॉकडाउन से अर्थ व्यवस्था बिगडने का भय व्यक्त किया था। पाकिस्तान जैसे देश में तो बहुत बाद में लॉकडाउन का अमल शुरू कराया गया। 

भारत में भी सरकार आर्थिक व्यवस्था को संभालने के प्रयास में जुटी है। कई छोटे छोटे देशों ने तो आर्थिक व्यवस्था की चिंता के चलते ल़ॉकडाउन भी खोल दिए हैं। भारत में भी जिन क्षेत्रों में रेडजॉन है उन्हें छोडकर कुछ शर्तो के साथ आर्थिक गतिविधियां शरू करने की छूट दी गई है।

कोरोना के आँकड़े तेज़ी से बढ़े
एक ओर देश में सरकार रेल और हवाई जहाज़ यात्रा बहाल करने पर सोच रही है वहीं दूसरी ओर कोरोना के कारण मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ रही है। कुछ राज्यों में तो चिंताजनक स्तर पर कोरोना की संख्या तेज़ी से बढ़ी है।
मिली जानकारी के अनुसार देश में कोरोना के मरीजों की संख्या 1 लाख 18 हजार को पार कर गई है। इनमें से 3583 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। राहत की बात यह है कि कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अब तक 48,534 लोग ठीक हो चुके हैं।
देश में कोरोना से रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है इसके बावजूद कोरोना के मरीज़ों की संख्या में बढ़ोतरी में प्रशासन की चिंता बढ गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में 6088 नए मामले सामने आए हैं और 148 लोगों की मौत हुई है। पिछले कई दिनों से हर दिन मरीजों की संख्या 5,000 का आंकड़ा पार कर रही है। बुधवार को 5,611 नए मामले और गुरुवार को 5,609 नए मामले सामने आए। वर्तमान में देश में 66,330 सक्रिय मामले हैं।