अमरिका में रहने वाले भारतीय परिवार ने 10 लाख की लॉटरी मालिक को वापिस की!

अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य में रहने वाले एक भारतीय परिवार ने ईमानदारी की बेहतरीन मिसाल पेश की है।परिवार ने एक स्थानिक महिला को उसकी लॉटरी का टिकट लौटा दिया। महिला ने टिकिट को बेकार समझकर टिकट फेंक दिया। टिकट की वजह से महिला ने 10 लाख डॉलर यानी 7 करोड़ रुपये जीत लिए।भारतीय मूल के परिवार की ईमानदारी की पूरे अमेरिका में काफी सराहना हो रही है।

सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी महिला ली रोज फीगा ने लकी स्टॉप नाम की दुकान से लॉटरी का टिकट खरीदा था। दुकान साउथविक क्षेत्र में रहने वाले एक भारतीय परिवार की है। अमेरिकी महिलाएं नियमित रूप से इस दुकान से टिकट खरीदती थीं।

फिएगा के मुताबिक, मैंने लंच ब्रेक किया था और मैं जल्दी में थी। मैंने जल्दबाजी में अपना टिकट नंबर अच्छे से नहीं देखा और मुझे लगा कि मैंने लॉटरी नहीं जीती है। इसलिए मैंने भारतीय दुकानदार से कहा कि यह टिकट फेंक दो।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक दस दिनों से टिकट बेकार पड़ा था। तभी दुकान मालिक की नज़र अभि शाह की नजर टिकट पर पड़ी। अभि शाह के मुताबिक, टिकट मेरी मां अरुणा शाह ने एक अमेरिकी महिला को बेचा था। यह अमेरिकी महिला हमारी नियमित ग्राहक थी।अभि शाह ने आगे कहा कि जब मैंने यह टिकट देखा तो इसका नंबर ठीक से स्क्रैच नहीं था। जैसे ही मैंने नंबर डायल किया, मुझे एहसास हुआ कि टिकट की कीमत एक मिलियन डॉलर थी।

शाह ने कहा, “शुरुआत में मेरे मन में इस टिकट के पैसे से कार खरीदने का विचार आया।” हालांकि मेरे परिवार ने आखिरकार उस महिला को यह टिकट लौटाने का फैसला किया। टिकट वापस करने का फैसला आसान नहीं था क्योंकि हम दो रातों तक सो नहीं पाए थे।अभि शाह के मुताबिक, हमने आखिरकार अपने दादा-दादी को भारत बुलाया और उन्होंने मुझसे टिकट वापस करने को भी कहा। जिसके बाद हमने अमेरिकी महिला को फोन किया और टिकट लौटा दिया।

अमेरिका में गुजराती युवक की निर्दयतापूर्वक हत्या!!


एक महीना पहले ही विदेश में भारत, गुजरात के सूरत में रहने वाले एक दंपत्ति पर हमले के दौरान पत्नी में से पत्नी की मौत हो गई थी। इसके बाद फिर से एक बार अमेरिका में फिर से एक बार एक गुजराती युवक की हत्या की खबर सामने आई है। लूट के ईरादे से आए कुछ लोगों ने हमला कर हत्या कर दिए होने का मामला पुलिस ने दर्ज किया है। 


मिली जानकारी के अनुसार मूल तौर से गुजरात के बोरसद के निवासी 35 वर्षीय किंशुक पटेल अमेरिका के न्यूयोर्क शहर में बीते कुछ साल से रहते हैं और एक दुकान चलाते थे। रात को जब वह दुकान बंद कर रहे थे, तभी कुछ अश्वेत लोग वहाँ आए और उन्होंने कुछ चीजों की मांग की। किंशुक ने दुकान बंद कर दी थी इसलिए उन्होंने सामान देने से मना कर दिया। इस बात पर बहस हो गई। वह किंशुक भाई से झगड़ा करने लगे और उन्होंने किंशुक के सर में भारी और धारदार हथियार से हमला कर वहाँ लूट मचाई थी।

किंशुक देर रात तक घर ना आने पर घरवालों ने किंशुक के मामा को इस बारे में बताया। इसके बाद किंशुक के मामा, मामी और उनका बेटा वहाँ दुकान पर पहुंचे थे। जहां उन्हें किंशुक घायल अवस्था में मिला था। तीनों ने मिलकर किंशुक को जल्दी से एम्ब्युलेंस में अस्पताल भेजा। पर रास्ते में ही किंशुक की मौत हो गई।

 किंशुक 8 से 10 साल पहले अमेरिका गए थे, जहां कुछ ही समय में उन्होंने तीन दुकान ले ली थी। साल 2015 में उनकी शादी हुई थी, जिससे उनको 4 साल तथा 6 महीने के दो पुत्र है। न्यूयोर्क पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और कार्यवाही भी शुरू की है। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी हासिल कर लिए गए है।