भूखे माँ-बाप ने सात हज़ार में बेच दिया 10 साल का बेटा

कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों की रोजगारी छूट जाने से खाने के लिए भी लाले पड़ गए थे। लोग अपना जीवन निर्वाह चलाने के लिए रोजगार के साधन ढूंढ रहे थे। ऐसे में एक गरीब परिवार ने आर्थिक मजबूरी के चलते अपने बेटे को ₹7000 में ही बेच दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अरवल्ली जिले के मालपुर तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले श्रमिक परिवार को कोरोना संक्रमण के दौरान काम नहीं मिलने की वजह से खाने को लाले पड़ गए। इस पर उसने अपने 10 वर्षीय बेटे को मोडासा के खंभीसर के समीप झोपड़ी में रहने वाले एक परिवार को सात हजार रुपए में बेच दिया।

जिसके बाद बालक खंभीसर क्षेत्र में रखडता था। एक युवक जागृत युवक की नजर इस बच्चे पर पड़ी तो उन्होंने उससे पूछताछ की बच्चे ने बताया कि उसके माता पिता ने उसे बेच दिया है। एक युवक ने इसकी जानकारी अगम फाउंडेशन के हेतल पंड्या को दी।

फाउंडेशन के सदस्य मौके पर पहुंचे और बच्चे को रेस्क्यू कर लिया और जिला बाल सुरक्षा विभाग में सौंप दिया। पूछताछ में बाल विभाग ने जांच की तो पता चला कि बच्चे को खरीदने वाला परिवार उससे कठिन श्रम करवाता था। बाद में बाल सुरक्षा विभाग ने बच्चे के माता-पिता का संपर्क किया और उसे बच्चे के बारे में जानकारी दी। फाउंडेशन की हेतल पंड्या ने मीडिया को बताया कि बच्चे को शिक्षा देने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है