भूख के मारे बेटी को 45 हजार रूपए में बेच दी!

हाय रे कोरोनावायरस इससे बढ़कर और दुख की बात क्या होगी कि कोरोना के कारण लोगों का रोजगार छिन जाने से उन्हें दो वक्त का भोजन भी नहीं मिल पा रहा है।

ऐसा ही एक मामला सामने सामने आया है इस घटना में लोक डाउन के कारण आर्थिक संकट में फंस गए कोकराझार जिला के पिता ने अपनी बेटी को ₹45000 रुपए में बेच दिया।

दीपक ब्रह्मा नाम का व्यक्ति गुजरात में काम करता था लोग गांव के दौरान उसे अपने गांव जाना पड़ा कुछ दिनों तक तो उसने अपने रहे थे पैसे तो गुजरान चलाया लेकिन जब वह गुजरा जब पैसे खर्च हो गए तब उसे खाने के भी लाले पड़ गए। ऐसे में 3 बच्चों में अपनी पुत्री को ₹45000 रूपए में बेच दिया।

जब एक एनजीओ के इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस का संपर्क किया और दीपक को पकड़ने के लिए गांव के दूसरे लोग भी आगे आए। गाँव के लोगों की मदद से पुलिस ने दीपक की और बच्ची को खरीदने वाले 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

उल्लेखनीय है कि कोरोनावायरस देश भर में लोक डाउन के बाद लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं अभी तक व्यापार धंधा अच्छे तो नहीं शुरू हो सका है इसके चलते लोग एक एक रुपए के लिए मोहताज हो गए हैं।

कई लोगों ने तो इसके कारण आत्महत्या भी कर लेने की जानकारी सामने आ रही है यदि परिस्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में और संजोग सामने आ सकते हैं।

सिलवासा और उमरगाम की कंपनी से 11.61 करोड की जीएसटी चोरी पकड़ी
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट ने गुरुवार को सिलवासा और उमरगांव में दो कंपनियों पर कार्रवाई करते हुए 11. 61 करोड के जीएसटी चोरी का पर्दाफाश किया है।


मिली जानकारी के अनुसार सूरत डीजीजीआई के अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि कुछ यूनिट जीएसटी चोरी में लिप्त हैं। इस जानकारी के आधार पर डीजीजीआई के अधिकारियों ने सिलवासा में प्रिंस एसडबल्यूआर सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में छापा मारा।

छापे के दौरान कई दस्तावेज जप्त किए दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि कंपनी का संचालक 1 साल से अधिक समय से gstr-3b नहीं भरा था। वह कारोबार बेचने की तैयारी कर रहे था। डीजीजीआई की टीम ने इनके साथ सौदा करने वाले अन्य स्थानों पर भी छापा मारा।


छापा के दौरान जो दस्तावेज जप्त हुए उनकी प्राथमिक जांच के दौरान अभी तक पौने आठ करोड रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। कंपनी के मैनेजर का बयान दर्ज कर वहां से 4.73 करोड रुपए की वसूली की है।


ऐसी घटना में जैमिनी इंजीनियरिंग लिमिटेड नाम की कंपनी में जांच की गई। जिसमें पता चला कि वह लोगों से जीएसटी वसूल करता है लेकिन सरकार को नहीं जमा करवाता है। कुल दस्तावेजों की जांच में 3.86 करोड रुपए की कर चोरी का खुलासा हुआ। 1.9 करोड रुपए का भुगतान कर दिया।

डिपार्टमेंट की ओर से आगे की जा रही है। कल ही डिपार्टमेंट में सूरत के कपड़ा व्यापारियों कारुपए के घोटाले का पर्दाफाश किया था विभाग के जांच के बाद चोरों में हड़कंप मच गया है।