कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चाँदनी चौक से सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि आगामी होली के अवसर पर इस वर्ष देशभर में लगभग 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान का व्यापक प्रभाव बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
इस बार होली के अवसर पर भारतीय निर्मित हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारियां, गुब्बारे, चंदन, पूजन सामग्री, परिधान तथा अन्य स्वदेशी उत्पादों की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है, जबकि वर्ष 2021 से पहले बाजारों में चीनी सामान का वर्चस्व हुआ करता था।होली से संबंधित वस्तुओं के अलावा मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम, फूल-फल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, एफएमसीजी उत्पादों तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की भी बाजारों में भारी मांग देखी जा रही है। होली खेलने के लिए सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, सलवार-सूट तथा “हैप्पी होली” लिखी टी-शर्ट भी बड़ी संख्या में खरीदी जा रही हैं।कैट के अनुमान के अनुसार केवल दिल्ली में ही लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने की संभावना है। शहर के थोक और खुदरा बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियों, गुजिया की मालाओं और ड्राई फ्रूट पैकों से सजे हुए हैं तथा दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मिठाई की दुकानों पर भी विशेष रूप से होली की पारंपरिक मिठाई Gujiya की बिक्री में बड़ा उछाल आया है।
श्री खंडेलवाल ने बताया कि देशभर में होली मिलन समारोह बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली में ही विभिन्न व्यापारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा 3000 से अधिक होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके चलते बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक पार्क लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं।उन्होंने बताया कि दिल्ली में होलिका दहन 3 मार्च को होगा और रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी।
इस वर्ष लोग केमिकल रंगों की बजाय हर्बल और प्राकृतिक रंगों को अधिक पसंद कर रहे हैं। वहीं बच्चों में स्पाइडर -मैन और छोटा भीम जैसे लोकप्रिय पात्रों वाली पिचकारियों का विशेष आकर्षण देखा जा रहा है।श्री खंडेलवाल ने कहा कि भारत में त्योहार केवल सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव ही नहीं होते बल्कि वे आर्थिक गतिविधियों को भी गति देते हैं। इस वर्ष की होली देशभर के व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, छोटे व्यापारियों, कुटीर उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी तथा स्वदेशी व्यापार को और मजबूती प्रदान करेगी।
प्राण-प्रतिष्ठा के 31 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आयोजन, श्री गोवर्धन प्रभु छप्पन भोग मनोरथ 22 फरवरी कोसात दिवसीय पुष्टि उत्सव का शुभारंभ, भक्तों को दर्शन के लिए आमंत्रण
सूरत। श्री गोवर्धन ट्रस्ट द्वारा संचालित पुष्टि मार्ग हवेली में सात दिवसीय पुष्टि उत्सव का शुभारंभ 16 फरवरी से हुआ है। हवेली की प्राण-प्रतिष्ठा फाल्गुन कृष्ण पक्ष दशमी, विक्रम संवत 2051 (26 मार्च 1995) को नित्य लीलास्थ परम पूज्य 108 श्री व्रजरत्नलालजी महाराज की कृपा से संपन्न हुई थी। अगले माह इस प्राण-प्रतिष्ठा के 31 वर्ष पूर्ण हो जाएंगे।
वर्तमान में हवेली में विराजमान लालन स्वरूप स्वर्गीय श्रीमती शशिकलाबेन शाह के घर-सेवा के ठाकोरजी हैं और उनकी प्रेरणा से ही इस हवेली का निर्माण हुआ था।ट्रस्ट के हेमंतभाई और मनोजभाई ने बताया कि उत्सव के तहत 20 फरवरी को शाम 6 से 8:30 बजे तक श्री गोवर्धन प्रभु छाकलीला, 21 फरवरी को सुबह 8 से 10 बजे तक श्री बालकृष्ण प्रभु नंद उत्सव तथा शाम 6 से 8:30 बजे तक केशर घटा में चांदी का बंगला एवं श्री गिरिराजजी महाभोग मनोरथ आयोजित होगा।
22 फरवरी को दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक श्री गोवर्धन प्रभु छप्पन भोग मनोरथ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस अवसर पर मिहिरभाई मारफतिया, दीपकभाई, हरीशभाई सहित अन्य महानुभाव मौजूद रहे। पुष्टि मार्ग की स्थापना श्री वल्लभाचार्य ने की थी तथा इसकी सेवा व्यवस्था श्री गुसाईंजी ने निर्धारित की। इस परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की सेवा की जाती है। हवेली का हाल ही में जीर्णोद्धार किया गया है, जिसमें निजी मंदिर, विशाल दर्शन-खंड, कार्यालय, बालभोग कक्ष, गिरिराजजी की स्थापना तथा सत्संग हॉल बनाया गया है।छप्पन भोग का विशेष महत्व वैष्णव संप्रदाय में माना जाता है।
मान्यता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत उठाया, तब उन्होंने कुछ भी ग्रहण नहीं किया। इसके बाद गोपियों ने सात दिन के आठ प्रहर के अनुसार कुल 56 प्रकार के व्यंजन अर्पित किए। यही परंपरा आज भी भक्ति, समर्पण और आभार के प्रतीक के रूप में निभाई जाती है।कार्यक्रम के लिए हवेली के डुमस रोड की ओर खुले मैदान में पार्किंग और कतार व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु राहुलराज मॉल के सामने सर्विस लेन से प्रवेश कर गेट नंबर 1 से दर्शन-खंड तक पहुंच सकेंगे तथा गेट नंबर 3 से बाहर निकलने की व्यवस्था रहेगी।
भारत में आज फूड ब्रांड्स की कोई कमी नहीं है। हर दिन नए नाम सामने आते हैं और हर ब्रांड खुद को अलग साबित करने की कोशिश करता है। लेकिन बहुत कम ऐसे ब्रांड होते हैं जिनकी कहानी सिर्फ पैकेजिंग या प्रचार तक सीमित न रहकर सीधे लोगों की ज़िंदगी से जुड़ती हो।ग्रामीण चटोर ऐसा ही एक नाम है, जिसने स्वाद के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थिरता, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास लाने का काम किया है।ग्रामीण चटोर की शुरुआत राजेश गुप्ता ने एक साधारण लेकिन दूरदर्शी सोच के साथ की थी। उनका मानना था कि व्यवसाय केवल मुनाफा कमाने का जरिया नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम भी बन सकता है। इसी सोच के साथ इस पहल की नींव रखी गई।मिथिला की परंपरा से निकला असली स्वादग्रामीण चटोर के उत्पाद मिथिला क्षेत्र की पारंपरिक रेसिपी और घरेलू तरीकों से तैयार किए जाते हैं। हर प्रक्रिया में समय, धैर्य और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। न तो जल्दबाज़ी होती है और न ही गुणवत्ता से कोई समझौता।यही वजह है कि इन उत्पादों का स्वाद लोगों को अपने बचपन और पुराने दिनों की याद दिलाता है। यह सिर्फ खाने का स्वाद नहीं, बल्कि भरोसे और अपनापन का एहसास है।
वेबसाइट: https://grameenchator.com/महिलाओं की कमाई से घरों में आई स्थिरताआज ग्रामीण चटोर से 25 से अधिक महिलाएँ जुड़ी हुई हैं और नियमित रूप से कार्य कर रही हैं। इनमें से कई महिलाओं के लिए यह पहला मौका है जब उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिला है।इस आमदनी से:घर का खर्च चलता हैबच्चों की पढ़ाई संभव हुई हैपरिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिली हैकई घरों में यह आय अब अतिरिक्त नहीं, बल्कि मुख्य सहारा बन चुकी है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे अब परिवार के निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।काम के साथ सम्मान और भरोसे का माहौलग्रामीण चटोर में महिलाओं को केवल काम ही नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक कार्यस्थल भी मिलता है। वे उत्पादन, पैकेजिंग और गुणवत्ता जांच जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालती हैं।
संस्थापक राजेश गुप्ता का मानना है कि जब किसी महिला को सम्मान और अवसर मिलता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।आगे बढ़ने की ज़िम्मेदार सोचग्रामीण चटोर आने वाले समय में अपने कार्य का विस्तार करने की योजना बना रहा है। लक्ष्य है कि भविष्य में 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।यह विस्तार सिर्फ व्यापार बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
हमारे बारे में: https://grameenchator.com/about-us/संस्थापक की बातराजेश गुप्ता कहते हैं,“ग्रामीण चटोर मेरे लिए सिर्फ एक व्यवसाय नहीं है। यह उन महिलाओं की मेहनत और भरोसे का परिणाम है, जिनकी कमाई से आज उनके घर सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”
सूरत। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले सूरत के टेक्सटाइल वीविंग उद्योग ने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। नायलॉन वीवर्स एसोसिएशन सूरत, वेडरोड वीवर्स एसोसिएशन और सच्चिन इंडस्ट्रियल सोसायटी से जुड़े वीवर्स संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन को ज्ञापन भेजकर आग्रह किया है कि आयातित नायलॉन यार्न पर मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस (MIP) या एंटी डंपिंग ड्यूटी (ADD) जैसी कोई नई व्यवस्था लागू न की जाए।
वीवर्स संगठनों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और घटती अंतरराष्ट्रीय मांग के चलते भारतीय टेक्सटाइल उद्योग पहले से ही दबाव में है। टेक्सटाइल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कपड़ा निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि घरेलू बाजार में भी मांग कमजोर बनी हुई है। इस स्थिति का सीधा असर टेक्सटाइल हब सूरत पर पड़ा है, जहां कई यूनिटें सप्ताह में केवल चार दिन ही संचालित हो पा रही हैं।उद्योग पर नकारात्मक असर की आशंकावीवर्स का मानना है कि यदि बजट में आयातित नायलॉन यार्न पर MIP या एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया गया, तो इससे वीविंग सेक्टर की लागत बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होगी।
खासकर छोटे और मध्यम स्तर की यूनिटों के लिए उत्पादन जारी रखना मुश्किल हो सकता है, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ने की आशंका है।घरेलू आपूर्ति क्षमता पर सवालसंगठनों ने यह भी कहा है कि घरेलू नायलॉन स्पिनर्स फिलहाल उद्योग की कुल मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। इसके अलावा, हाई-स्पीड और आधुनिक मशीनों के लिए जिस स्तर की गुणवत्ता वाले यार्न की आवश्यकता होती है, वह भी घरेलू स्तर पर सीमित मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में आयात पर किसी भी प्रकार की अतिरिक्त बाधा से सप्लाई चेन प्रभावित होने का खतरा है।प्रोत्साहन योजना की मांगवीवर्स संगठनों ने सरकार से यह भी अपेक्षा जताई है कि मौजूदा मंदी के माहौल को देखते हुए बजट 2026-27 में टेक्सटाइल वीविंग उद्योग के लिए कोई राहत या प्रोत्साहन योजना घोषित की जाए, ताकि लाखों लोगों को रोजगार देने वाला यह क्षेत्र स्थिरता की ओर बढ़ सके।
सूरत : इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग सीज़न 3 का आगाज शुक्रवार से 9 जनवरी से शुरू होगा भारत का प्रीमियर T10 टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट, 6 फरवरी तक लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम में खेले जाएंगे 44 मुकाबले, आठ टीमें लेंगी हिस्सासूरत। क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) सीज़न 3 का आगाज़ शुक्रवार से सूरत में होने जा रहा है।
गुजरात के प्रमुख शहरों में शामिल सूरत, जहां खेलों के प्रति गहरा जुनून देखने को मिलता है, अब भारत के प्रीमियर T10 टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट के तीसरे सीज़न की मेज़बानी करेगा। तेज़-तर्रार मुकाबलों, उभरते खिलाड़ियों और रोमांचक माहौल के लिए मशहूर ISPL, सूरत के क्रिकेट फैंस को एक महीने तक चलने वाले क्रिकेट महोत्सव का अनुभव देगा।लीग के सूरत आगमन को लेकर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें ISPL लीग कमिश्नर और कोर कमेटी सदस्य सूरज समत, सूरत डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव डॉ. नैमेश के. देसाई और ISPL के प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) दीपक चौहान मौजूद रहे। उन्होंने टूर्नामेंट से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं और ISPL सीज़न 3 के होस्ट शहर के रूप में सूरत की भूमिका को रेखांकित किया।ISPL सीज़न 3 का आयोजन 9 जनवरी से 6 फरवरी तक लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम में किया जाएगा, जहां कुल 44 रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे। इस सीज़न में कुल आठ टीमें भाग लेंगी, जिनमें डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई, टाइगर्स ऑफ कोलकाता, श्रीनगर के वीर, चेन्नई सिंगम्स, बेंगलुरु स्ट्राइकर्स, फाल्कन राइजर्स हैदराबाद, दिल्ली सुपर हीरोज़ और अहमदाबाद लायंस शामिल हैं।
खास बात यह है कि इन टीमों की को-ओनरशिप देश की कई जानी-मानी फिल्मी हस्तियों के पास है, जिससे लीग की लोकप्रियता और बढ़ गई है।इस सीज़न में अभिषेक दलहोर, सैफ अली, विजय पावले, जगन्नाथ सरकार और अंकुर सिंह जैसे कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी भी नज़र आएंगे, जो अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित करने के लिए तैयार हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस में लीग कमिश्नर सूरज समत ने कहा कि सूरत का स्पोर्टिंग कल्चर और यहां के जोशीले फैंस ISPL सीज़न 3 के लिए इसे एक स्वाभाविक पसंद बनाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पिछले सीज़न की तरह इस बार भी लीग से नए और उच्च गुणवत्ता वाले खिलाड़ी सामने आएंगे।सूरत डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव डॉ. नैमेश के. देसाई ने कहा कि लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम में ISPL सीज़न 3 की मेज़बानी करना सूरत के लिए गर्व की बात है। यह लीग न केवल दर्शकों को एक अनोखा क्रिकेट अनुभव देगी, बल्कि उभरते खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगी।ISPL के प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) दीपक चौहान ने बताया कि सूरत में फैंस को बेहतरीन और किफायती अनुभव देने पर खास ध्यान दिया गया है। टिकटों की शुरुआती कीमत सिर्फ रु.99 रखी गई है, ताकि हर वर्ग का दर्शक इस रोमांच का हिस्सा बन सके।
टिकट BookMyShow पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जबकि ऑफलाइन टिकट स्टेडियम के गेट नंबर 1 पर रोज़ दोपहर 12 बजे से मिलेंगे। टिकट ‘डे पास’ के रूप में होंगे, जिससे दर्शक एक दिन में होने वाले सभी मैच देख सकेंगे।ISPL की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसकी कोर कमेटी में सचिन तेंदुलकर, आशीष शेलार, मीनल अमोल काले और सूरज समत जैसे नाम शामिल हैं, जो लीग को मज़बूत नेतृत्व और स्पष्ट विज़न प्रदान कर रहे हैं।सीज़न 3 का उद्घाटन मुकाबला माज़ी मुंबई और श्रीनगर के वीर के बीच खेला जाएगा। मैच से पहले शाम 5:30 बजे एक भव्य ओपनिंग सेरेमनी आयोजित होगी, जो पूरे सीज़न का माहौल बनाएगी।ISPL ने इस बार 6 करोड़ रुपये के प्राइज़ फंड की घोषणा की है। विजेता टीम को 2 करोड़ रुपये, जबकि उपविजेता टीम को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं, ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ (MVP) को एक बिल्कुल नई पोर्श 911 कार से सम्मानित किया जाएगा। तेज़ क्रिकेट, किफायती टिकट और लाइव मैच-डे अनुभव के साथ ISPL सीज़न 3 सूरत के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार पल लेकर आने के लिए पूरी तरह तैयार है।------------------------------------
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ता भारत का व्यापार”नए वर्ष की पूर्व संध्या पर दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद एवं कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि वर्ष 2025 के समापन के साथ भारत पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने व्यापार, अर्थव्यवस्था और उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में हुई निरंतर प्रगति पर दृष्टि डाल रहा है, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में संभव हुई है।
उन्होंने कहा कि बीता हुआ वर्ष नीतिगत स्थिरता, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस सुधारों, डिजिटल एवं भौतिक अवसंरचना के विस्तार, तथा घरेलू विनिर्माण और निर्यात को लक्षित समर्थन के लिए उल्लेखनीय रहा। आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और डिजिटल इंडिया जैसी प्रमुख पहलों ने व्यापारियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाया है, जिससे वे घरेलू और वैश्विक बाजारों में प्रभावी प्रतिस्पर्धा कर पा रहे हैं।वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत के व्यापार क्षेत्र ने उल्लेखनीय मजबूती और लचीलापन प्रदर्शित किया। कर सुधारों, लॉजिस्टिक्स में सुधार, अनुपालन प्रक्रियाओं के सरलीकरण और ऋण तक बेहतर पहुँच ने विशेष रूप से छोटे व्यापारियों के बीच विश्वास को मजबूत किया है।
वर्ष 2026 की ओर देखते हुए, गुजरात CAIT चेरमेन श्री प्रमोद भगत* ने कहा कि व्यापार जगत नई आशा, विश्वास और आत्मविश्वास के साथ नए वर्ष में प्रवेश कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकास को और गति देने, निर्यात को सशक्त बनाने, विनिर्माण क्षमताओं को गहराने तथा 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।उन्होंने दोहराया कि व्यापार समुदाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास रखता है और सरकार के साथ साझेदारी में एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से सम्मानित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
कल सूरत शहर में “बिजनेस आइकॉन ऑफ द ईयर 2025” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन सूरत के प्रतिष्ठित अवध उटोपिया स्थित मेरीगोल्ड हॉल में किया गया

आयोजन की शुरुआत बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्टार कलाकार अमन वर्मा एवं लाफ्टर कॉमेडी शो से लोकप्रिय हुए गौरव शर्मा ने अपने शानदार संचालन से की, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार रहे—श्री शेष देवपुजारी जी (आरएसएस), गोवर्धन साड़ी सेंटर (कानपुर), दीनदयाल जालान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड (वाराणसी), राजा राम एंड संस (जौनपुर), चावला साड़ी डिपो (नागपुर), सुंदर साड़ी लहंगा एंड साड़ी (बैरागढ़), दुर्गे साड़ी (बैरागढ़), वंदना साड़ी (उज्जैन), अनिल जैन (सेक्रेटरी – कानपुर कपड़ा कमेटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बनीं बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री भाग्यश्री, जिन्हें उनकी पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया” के लिए आज भी देशभर में अपार स्नेह मिलता है।
अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष — आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत (AKAS) ने सूरत शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को सम्मानित किया।सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप सेलक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, एप्पल लाइफस्टाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, तनु फैशन, अजमेरा फैशन लिमिटेड, वसंत गजेरा, इन्नाया बाय लिजा, श्री गणेश कृपा पॉली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, केसरिया टेक्सटाइल कंपनी, मां कृपा ट्रेंड्ज प्राइवेट लिमिटेड, जे. पी. अग्रवाल (रचना ग्रुप), बाबूलाल मित्तल (समाजसेवी), डी. खुशालभाई ज्वैलर्स, कयान प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सतवचन साड़ी, एम. पी. फैब प्राइवेट लिमिटेड, बंसल ट्रेडिंग सहित अनेक बड़े सप्लायर्स एवं उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों लोगों को भारी भीड़ के कारण हॉल के बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि अंदर कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
यह आयोजन सूरत के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जो अब इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा न केवल सूरत में, बल्कि देश के बड़े-बड़े शहरों में भी खूब हो रही है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूरत के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच तक पहुँचाना, साथ ही उन प्रतिष्ठित व्यापारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से सूरत के व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
कल सूरत शहर में “बिजनेस आइकॉन ऑफ द ईयर 2025” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन सूरत के प्रतिष्ठित अवध उटोपिया स्थित मेरीगोल्ड हॉल में किया गया।
आयोजन की शुरुआत बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्टार कलाकार अमन वर्मा एवं लाफ्टर कॉमेडी शो से लोकप्रिय हुए गौरव शर्मा ने अपने शानदार संचालन से की, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार रहे—श्री शेष देवपुजारी जी (आरएसएस), गोवर्धन साड़ी सेंटर (कानपुर), दीनदयाल जालान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड (वाराणसी), राजा राम एंड संस (जौनपुर), चावला साड़ी डिपो (नागपुर), सुंदर साड़ी लहंगा एंड साड़ी (बैरागढ़), दुर्गे साड़ी (बैरागढ़), वंदना साड़ी (उज्जैन), अनिल जैन (सेक्रेटरी – कानपुर कपड़ा कमेटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बनीं बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री भाग्यश्री, जिन्हें उनकी पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया” के लिए आज भी देशभर में अपार स्नेह मिलता है।
अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष — आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत (AKAS) ने सूरत शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को सम्मानित किया।सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप सेलक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, एप्पल लाइफस्टाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, तनु फैशन, अजमेरा फैशन लिमिटेड, वसंत गजेरा, इन्नाया बाय लिजा, श्री गणेश कृपा पॉली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, केसरिया टेक्सटाइल कंपनी, मां कृपा ट्रेंड्ज प्राइवेट लिमिटेड, जे. पी. अग्रवाल (रचना ग्रुप), बाबूलाल मित्तल (समाजसेवी), डी. खुशालभाई ज्वैलर्स, कयान प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सतवचन साड़ी, एम. पी. फैब प्राइवेट लिमिटेड, बंसल ट्रेडिंग सहित अनेक बड़े सप्लायर्स एवं उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों लोगों को भारी भीड़ के कारण हॉल के बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि अंदर कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
यह आयोजन सूरत के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जो अब इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा न केवल सूरत में, बल्कि देश के बड़े-बड़े शहरों में भी खूब हो रही है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूरत के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच तक पहुँचाना, साथ ही उन प्रतिष्ठित व्यापारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से सूरत के व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
वेसू स्थित बाल आश्रम के बच्चों के साथ मनाई सालगिरह, सीएसआर के तहत खुशियां बांटने की सराहनीय पहलसूरत। डुमस रोड स्थित बी.आर. मॉल के समीप संचालित बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे ने अपनी पहली वर्षगांठ 24 दिसंबर 2025 को एक सराहनीय सामाजिक पहल के साथ मनाई। इस अवसर पर विश्व जागृति मिशन द्वारा संचालित बाल आश्रम (अनाथालय), वेसू, सूरत के बच्चों और स्टाफ को विशेष रूप से आमंत्रित किया।

रेस्टोरेन्ट की संचालिका अर्कना दत्ता ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत बाल आश्रम से आए बच्चों के माल्यार्पण और आत्मीय स्वागत के साथ हुई। इसके बाद सभी ने एक साथ भोजन किया। बच्चों द्वारा की गई शास्त्रोक्त प्रार्थना से पूरा वातावरण भक्तिमय और भावनात्मक हो गया।रेस्टोरेन्ट के संचालक अभिषेक दास ने बताया कि बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे का उद्देश्य केवल व्यवसाय तक सीमित न रहकर समाज को सकारात्मक रूप से कुछ लौटाना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद वर्ग के लोगों के साथ जुड़कर उनके जीवन में खुशियां बांटना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। इसी सोच के तहत सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत बाल आश्रम के बच्चों के साथ समय बिताने और उनकी खुशियों में सहभागी बनने का निर्णय लिया गया।
कल्याणी दास ने बताया कि रेस्टोरेन्ट की पहली वर्षगांठ के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष रूप से स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही उनके मनोरंजन के लिए विभिन्न रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया और बच्चों को उपहार भी भेंट किए गए। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना और उनके साथ यादगार पल साझा करना रहा। बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे की यह पहल समाज के प्रति संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण मानी जा रही है।
, गुजरात को सड़क दुर्घटना मुक्त बनाने की पहलस्मार्ट क्यूआर स्टिकर के जरिए दुर्घटना के समय त्वरित सहायता, 26 राज्यों में पहले से लागू व्यवस्था अब गुजरात में शुरू
सूरत। सड़क सुरक्षा के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखते हुए सूरत में ‘ईको भारत’ (Eco Bharat) का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। ईको भारत के संस्थापक संपत सारस्वत बामनवाली ने इस अभिनव पहल को सूरत सहित पूरे गुजरात में लागू करने की घोषणा की।
इस अवसर पर सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ रहे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से ईको भारत द्वारा एक स्मार्ट क्यूआर स्टिकर लॉन्च किया गया।संपत सारस्वत बामनवाली ने बताया कि ईको भारत एक स्मार्ट क्यूआर कोड आधारित सुरक्षा प्रणाली है, जिसे विशेष रूप से सड़क सुरक्षा और स्मार्ट पार्किंग प्रबंधन के लिए विकसित किया गया है। यह स्टार्टअप ‘स्टार्टअप इंडिया’ द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसका मुख्यालय सूरत में स्थित है। देश के 26 राज्यों में यह सुविधा पहले से लागू की जा चुकी है और अब इसे धीरे-धीरे सरकारी एवं प्रशासनिक स्तर पर भी लागू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आमजन तेजी से अपनी और अपने परिजनों की सड़क सुरक्षा के लिए ईको भारत को अपना रहे हैं। हाल ही में राजस्थान सरकार द्वारा ईको भारत को टॉप-10 स्टार्टअप में चयनित करते हुए सम्मानित किया गया है, जो इस नवाचार की उपयोगिता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।ईको भारत के स्मार्ट क्यूआर स्टिकर के माध्यम से दुर्घटना की स्थिति में कोई भी राहगीर वाहन पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर तुरंत वाहन मालिक के परिजनों, एम्बुलेंस या पुलिस को सूचना भेज सकता है। स्कैन करने पर पीड़ित की आवश्यक चिकित्सा जानकारी जैसे ब्लड ग्रुप या एलर्जी भी उपलब्ध हो सकती है, जिससे समय पर सही उपचार संभव हो पाता है।
इसके अलावा, स्मार्ट पार्किंग सुविधा के तहत यदि कोई वाहन रास्ता रोक रहा हो, तो दूसरा व्यक्ति क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे वाहन मालिक से संपर्क कर सकता है। इस प्रक्रिया में वाहन मालिक का निजी मोबाइल नंबर सुरक्षित रहता है और साझा नहीं होता। पूरी प्रणाली में डेटा गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया है और संपर्क सुरक्षित गेटवे के माध्यम से स्थापित होता है।ईको भारत का उपयोग करने के लिए वाहन मालिक को पहले ईको भारत की वेबसाइट या अधिकृत वितरकों से क्यूआर स्टिकर किट खरीदनी होती है। इसके बाद ‘ईको भारत’ ऐप डाउनलोड कर वाहन के साथ क्यूआर कोड को लिंक करना होता है। ऐप में आपातकालीन संपर्क और आवश्यक चिकित्सा जानकारी भरने के बाद स्टिकर को वाहन के आगे और पीछे चिपकाया जाता है। ईको भारत की यह पहल सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे भविष्य में गुजरात को सड़क दुर्घटना मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा सकेंगे।