सूरत | साउथ गुजरात टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (एसजीटीटीए) की बोर्ड मीटिंग गुरुवार, 2 अप्रैल को शाम 7 बजे आयोजित की गई। इस बोर्ड मीटिंग में इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से सूरत के टेक्सटाइल व्यापार के जो हालात बदले हैं, उस पर गहन चर्चा की गई। इस युद्ध की वजह से रॉ मटेरियल जैसे कोयला, कलर केमिकल, गैस, यार्न इत्यादि में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। इसे देखते हुए बोर्ड मीटिंग में सभी डायरेक्टर्स ने इस बात पर सहमति जताई कि तैयार माल पर आज की लागत के असर को ध्यान में रखते हुए नए रेट निर्धारित करें। आगे युद्ध के न रुकने और इसके और बढ़ने की संभावनाएं नजर आती हैं।
बैठक में बोर्ड मेंबर ने कहा कि बदले हालात में रॉ मटेरियल की खरीदी पर नकदी का दबाव स्पष्टतौर पर दिखाई पड़ता है। ऐसी परिस्थिति में एसोसिएशन ट्रेडर्स भाइयों को सचेत करता है कि युद्ध से बने हालातों पर नजर रखकर... संयम से आगे की तैयारी करें। रकम अपने हाथ में रखें, गैरजरूरी फंसे नहीं। वर्तमान में कुछ स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है कि युद्ध किस दिशा में और कितना आगे जाएगा, इसलिए आज की इस बोर्ड मीटिंग में बोर्ड मेंबर्स ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया कि ट्रेडर्स भाई केवल और केवल 60 दिन के पेमेंट धारा (नियम) में ही व्यापार करें।
लेट पेमेंट वाले व्यापारियों के साथ व्यवहार नहीं करें । साथ ही अपने दिशावर के व्यापारियों को आगे के बदलते हालात से वाकिफ भी कराएं, जिससे कि समय पर पेमेंट मिल सके। बोर्ड मीटिंग में बोर्ड चेयरमैन सुनील कुमार जैन, अध्यक्ष सचिन अग्रवाल , महामंत्री मोहन कुमार अरोरा, ट्रेजरार संतोष माखरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील मित्तल, उपाध्यक्ष नितिन गर्ग, उपमंत्री महेश जैन, बोर्ड डायरेक्टर प्रदीप केजरीवाल, सारंग जालान, गुलाबभाई, विनोद अग्रवाल, राम खंडेलवाल, प्रहलाद गर्ग, सुरेंद्र जैन उपस्थित थे
सूरत के एम्ब्रॉयडरी कारखाने में आग के बाद धमाका; 11 मजदूरों का रेस्क्यूसूरत शहर के कापोद्रा इलाके में गुरुवार (19 मार्च) तड़के एक बड़ी दुर्घटना सामने आई। रचना सर्कल के पास भरतनगर स्थित एक औद्योगिक इकाई में अचानक आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान अंदर रखे गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो गया। इस हादसे में 2 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य लोग घायल हुए हैं।
फायर विभाग को सुबह करीब 5:30 बजे आग लगने की सूचना मिली। जानकारी के अनुसार, मारुति चौक के पास स्थित एक एम्ब्रॉयडरी कारखाने में आग लगी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए शहर के चार अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।फायर विभाग के अनुसार, टीम के पहुंचने से पहले ही इमारत में रखे LPG सिलेंडर में धमाका हो चुका था, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुल 8 सिलेंडर मौके पर मौजूद थे, जिनमें से 2 सिलेंडर फट गए, जबकि बाकी 6 सिलेंडर सुरक्षित बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिए गए।हादसे के दौरान कारखाने में फंसे 11 मजदूरों को फायर टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चाँदनी चौक से सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि आगामी होली के अवसर पर इस वर्ष देशभर में लगभग 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान का व्यापक प्रभाव बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
इस बार होली के अवसर पर भारतीय निर्मित हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारियां, गुब्बारे, चंदन, पूजन सामग्री, परिधान तथा अन्य स्वदेशी उत्पादों की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है, जबकि वर्ष 2021 से पहले बाजारों में चीनी सामान का वर्चस्व हुआ करता था।होली से संबंधित वस्तुओं के अलावा मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम, फूल-फल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, एफएमसीजी उत्पादों तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की भी बाजारों में भारी मांग देखी जा रही है। होली खेलने के लिए सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, सलवार-सूट तथा “हैप्पी होली” लिखी टी-शर्ट भी बड़ी संख्या में खरीदी जा रही हैं।कैट के अनुमान के अनुसार केवल दिल्ली में ही लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने की संभावना है। शहर के थोक और खुदरा बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियों, गुजिया की मालाओं और ड्राई फ्रूट पैकों से सजे हुए हैं तथा दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मिठाई की दुकानों पर भी विशेष रूप से होली की पारंपरिक मिठाई Gujiya की बिक्री में बड़ा उछाल आया है।
श्री खंडेलवाल ने बताया कि देशभर में होली मिलन समारोह बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली में ही विभिन्न व्यापारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा 3000 से अधिक होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके चलते बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक पार्क लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं।उन्होंने बताया कि दिल्ली में होलिका दहन 3 मार्च को होगा और रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी।
इस वर्ष लोग केमिकल रंगों की बजाय हर्बल और प्राकृतिक रंगों को अधिक पसंद कर रहे हैं। वहीं बच्चों में स्पाइडर -मैन और छोटा भीम जैसे लोकप्रिय पात्रों वाली पिचकारियों का विशेष आकर्षण देखा जा रहा है।श्री खंडेलवाल ने कहा कि भारत में त्योहार केवल सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव ही नहीं होते बल्कि वे आर्थिक गतिविधियों को भी गति देते हैं। इस वर्ष की होली देशभर के व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, छोटे व्यापारियों, कुटीर उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी तथा स्वदेशी व्यापार को और मजबूती प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ता भारत का व्यापार”नए वर्ष की पूर्व संध्या पर दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद एवं कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि वर्ष 2025 के समापन के साथ भारत पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने व्यापार, अर्थव्यवस्था और उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में हुई निरंतर प्रगति पर दृष्टि डाल रहा है, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में संभव हुई है।
उन्होंने कहा कि बीता हुआ वर्ष नीतिगत स्थिरता, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस सुधारों, डिजिटल एवं भौतिक अवसंरचना के विस्तार, तथा घरेलू विनिर्माण और निर्यात को लक्षित समर्थन के लिए उल्लेखनीय रहा। आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और डिजिटल इंडिया जैसी प्रमुख पहलों ने व्यापारियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाया है, जिससे वे घरेलू और वैश्विक बाजारों में प्रभावी प्रतिस्पर्धा कर पा रहे हैं।वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत के व्यापार क्षेत्र ने उल्लेखनीय मजबूती और लचीलापन प्रदर्शित किया। कर सुधारों, लॉजिस्टिक्स में सुधार, अनुपालन प्रक्रियाओं के सरलीकरण और ऋण तक बेहतर पहुँच ने विशेष रूप से छोटे व्यापारियों के बीच विश्वास को मजबूत किया है।
वर्ष 2026 की ओर देखते हुए, गुजरात CAIT चेरमेन श्री प्रमोद भगत* ने कहा कि व्यापार जगत नई आशा, विश्वास और आत्मविश्वास के साथ नए वर्ष में प्रवेश कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकास को और गति देने, निर्यात को सशक्त बनाने, विनिर्माण क्षमताओं को गहराने तथा 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।उन्होंने दोहराया कि व्यापार समुदाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास रखता है और सरकार के साथ साझेदारी में एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से सम्मानित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
कल सूरत शहर में “बिजनेस आइकॉन ऑफ द ईयर 2025” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन सूरत के प्रतिष्ठित अवध उटोपिया स्थित मेरीगोल्ड हॉल में किया गया

आयोजन की शुरुआत बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्टार कलाकार अमन वर्मा एवं लाफ्टर कॉमेडी शो से लोकप्रिय हुए गौरव शर्मा ने अपने शानदार संचालन से की, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार रहे—श्री शेष देवपुजारी जी (आरएसएस), गोवर्धन साड़ी सेंटर (कानपुर), दीनदयाल जालान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड (वाराणसी), राजा राम एंड संस (जौनपुर), चावला साड़ी डिपो (नागपुर), सुंदर साड़ी लहंगा एंड साड़ी (बैरागढ़), दुर्गे साड़ी (बैरागढ़), वंदना साड़ी (उज्जैन), अनिल जैन (सेक्रेटरी – कानपुर कपड़ा कमेटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बनीं बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री भाग्यश्री, जिन्हें उनकी पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया” के लिए आज भी देशभर में अपार स्नेह मिलता है।
अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष — आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत (AKAS) ने सूरत शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को सम्मानित किया।सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप सेलक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, एप्पल लाइफस्टाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, तनु फैशन, अजमेरा फैशन लिमिटेड, वसंत गजेरा, इन्नाया बाय लिजा, श्री गणेश कृपा पॉली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, केसरिया टेक्सटाइल कंपनी, मां कृपा ट्रेंड्ज प्राइवेट लिमिटेड, जे. पी. अग्रवाल (रचना ग्रुप), बाबूलाल मित्तल (समाजसेवी), डी. खुशालभाई ज्वैलर्स, कयान प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सतवचन साड़ी, एम. पी. फैब प्राइवेट लिमिटेड, बंसल ट्रेडिंग सहित अनेक बड़े सप्लायर्स एवं उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों लोगों को भारी भीड़ के कारण हॉल के बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि अंदर कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
यह आयोजन सूरत के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जो अब इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा न केवल सूरत में, बल्कि देश के बड़े-बड़े शहरों में भी खूब हो रही है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूरत के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच तक पहुँचाना, साथ ही उन प्रतिष्ठित व्यापारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से सूरत के व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
कल सूरत शहर में “बिजनेस आइकॉन ऑफ द ईयर 2025” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन सूरत के प्रतिष्ठित अवध उटोपिया स्थित मेरीगोल्ड हॉल में किया गया।
आयोजन की शुरुआत बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्टार कलाकार अमन वर्मा एवं लाफ्टर कॉमेडी शो से लोकप्रिय हुए गौरव शर्मा ने अपने शानदार संचालन से की, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार रहे—श्री शेष देवपुजारी जी (आरएसएस), गोवर्धन साड़ी सेंटर (कानपुर), दीनदयाल जालान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड (वाराणसी), राजा राम एंड संस (जौनपुर), चावला साड़ी डिपो (नागपुर), सुंदर साड़ी लहंगा एंड साड़ी (बैरागढ़), दुर्गे साड़ी (बैरागढ़), वंदना साड़ी (उज्जैन), अनिल जैन (सेक्रेटरी – कानपुर कपड़ा कमेटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बनीं बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री भाग्यश्री, जिन्हें उनकी पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया” के लिए आज भी देशभर में अपार स्नेह मिलता है।
अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष — आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत (AKAS) ने सूरत शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को सम्मानित किया।सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप सेलक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, एप्पल लाइफस्टाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, तनु फैशन, अजमेरा फैशन लिमिटेड, वसंत गजेरा, इन्नाया बाय लिजा, श्री गणेश कृपा पॉली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, केसरिया टेक्सटाइल कंपनी, मां कृपा ट्रेंड्ज प्राइवेट लिमिटेड, जे. पी. अग्रवाल (रचना ग्रुप), बाबूलाल मित्तल (समाजसेवी), डी. खुशालभाई ज्वैलर्स, कयान प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सतवचन साड़ी, एम. पी. फैब प्राइवेट लिमिटेड, बंसल ट्रेडिंग सहित अनेक बड़े सप्लायर्स एवं उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों लोगों को भारी भीड़ के कारण हॉल के बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि अंदर कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
यह आयोजन सूरत के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जो अब इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा न केवल सूरत में, बल्कि देश के बड़े-बड़े शहरों में भी खूब हो रही है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूरत के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच तक पहुँचाना, साथ ही उन प्रतिष्ठित व्यापारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से सूरत के व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
वेसू स्थित बाल आश्रम के बच्चों के साथ मनाई सालगिरह, सीएसआर के तहत खुशियां बांटने की सराहनीय पहलसूरत। डुमस रोड स्थित बी.आर. मॉल के समीप संचालित बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे ने अपनी पहली वर्षगांठ 24 दिसंबर 2025 को एक सराहनीय सामाजिक पहल के साथ मनाई। इस अवसर पर विश्व जागृति मिशन द्वारा संचालित बाल आश्रम (अनाथालय), वेसू, सूरत के बच्चों और स्टाफ को विशेष रूप से आमंत्रित किया।

रेस्टोरेन्ट की संचालिका अर्कना दत्ता ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत बाल आश्रम से आए बच्चों के माल्यार्पण और आत्मीय स्वागत के साथ हुई। इसके बाद सभी ने एक साथ भोजन किया। बच्चों द्वारा की गई शास्त्रोक्त प्रार्थना से पूरा वातावरण भक्तिमय और भावनात्मक हो गया।रेस्टोरेन्ट के संचालक अभिषेक दास ने बताया कि बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे का उद्देश्य केवल व्यवसाय तक सीमित न रहकर समाज को सकारात्मक रूप से कुछ लौटाना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद वर्ग के लोगों के साथ जुड़कर उनके जीवन में खुशियां बांटना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। इसी सोच के तहत सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत बाल आश्रम के बच्चों के साथ समय बिताने और उनकी खुशियों में सहभागी बनने का निर्णय लिया गया।
कल्याणी दास ने बताया कि रेस्टोरेन्ट की पहली वर्षगांठ के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष रूप से स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही उनके मनोरंजन के लिए विभिन्न रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया और बच्चों को उपहार भी भेंट किए गए। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना और उनके साथ यादगार पल साझा करना रहा। बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे की यह पहल समाज के प्रति संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण मानी जा रही है।
इस सीज़न दोहरे अंकों में उच्च बढ़ोतरी का अनुमानएक्सक्लुज़िव ऑफर्स और अपनी तरह के अनूठे परचेज़ प्लान के साथ साड़ी खरीदने का सपना करें साकार टाटा की ओर से महिलाओं के एथनिक वियर ब्राण्ड तनाएरा ने अपने फेस्टिव कलेक्शन ‘मियाराः क्राफ्टेड बाय हैण्ड, रूटेड इन प्योरिटी’ लॉन्च किया है। आज की महिलाओं के लिए पेश की गई यह हस्तनिर्मित रेंज पारम्परिक कारीगरी और आधुनिक डिज़ाइनों का बेहतरीन संयोजन है, जिसके डिज़ाइन इसे सबसे खास बनाते हैं। विभिन्न बुनकर परम्पराओं के सिल्क और कॉटन से बनी यह रेंज हर पल का जश्न मनाने के लिए डिज़ाइन की गई है, फिर चाहे आप इसे खुद पहनना चाहते हैं या अपने किसी प्रिय को उपहार में देना चाहते हैं।त्योहारों के उत्साह को बढ़ाते हुए तनाएरा का नया कैंपेन ‘द गिफ्ट ऑफ प्योर लव’ फेस्टिव सीज़न में साड़ी के प्रति महिलाओं के लगाव का जश्न मनाता है। यह कैंपेन उपहार देने की खुशी को उजागर करते हुए हमें याद दिलाता है कि किस तरह तोहफे़ में दी गई तनाएरा साड़ी प्यार के साथ-साथ दुर्लभ एवं अमूल्य भावनाओं को सम्मान देती है।
आखिरकार, शुद्धता ही प्यार का सच्चा मापदंड है। क्योंकि ‘सच्चा प्यार सिर्फ दिखता नहीं बल्कि महसूस होता है’। हर खरीद को यादगार बनाने के लिए ब्राण्ड स्पेशल फेस्टिव ऑफर्स भी लेकर आई है, जिसके तहत उपभोक्ता गिफ्ट वाउचर्स और गोल्ड कॉयन्स का लाभ उठा सकते हैं। हर रु. 10000 की खरीद पर उपभोक्ताओं को रु 1000 का वाउचर मिलेगा, जिसे अगली खरीद पर रीडीम किया जा सकता है, इसी तरह रु 50,000 की खरीददारी करने वाले उपभोक्ताओं को 0.2 ग्राम का तनिष्क का सोने का सिक्का दिया जाएगा। यह लिमिडेट पीरियड ऑफर 20 अक्टूबर 2025 तक वैलिड है। इस दायरे से आगे बढ़कर तनाएरा ‘गोल्डन कोकून’ परचेज़ प्लान भी लेकर आई है, जिसके ज़रिए उपभोक्ता आने वाले समय में अपने सपनों की साड़ी खरीदने का सपना साकार कर सकते हैं।बुधवार को घोड़ दौड़ रोड स्थित काकड़िया काम्प्लेक्स के पीछे इस लॉन्च पर बात करते हुए आनंद श्रीनिवास, सीनियर मार्केटिंग मैनेजर, तनाएरा ने कहा, ‘‘इस सीज़न हम बहुमुखी साड़ियों में अभिव्यक्त कल्पना और विरासत के प्रतिबिंब के रूप में मियारा का लॉन्च कर रहे हैं। तनाएरा में हमारा मानना है कि साड़ी सिर्फ पहनी नहीं बल्कि महसूस की जाती है। यह उत्सव के जश्न को सच्चे प्यार की अभिव्यक्ति में बदल देती है- यह भावना हमारे फेस्टिव कैंपेन ‘द गिफ्ट ऑफ प्योर लव’ में दिखाई देती है।
अपने एक्सक्लुज़िव ऑफर्स और ‘गोल्डन कोकून’ प्लान के साथ हम इस सीज़न तनाएरा साड़ी को उपभोक्ताओं के लिए सबसे बेहतरीन चुनाव बनाना चाहते हैं। मार्केट के मजबूत रूझानों को देखते हुए हमें त्योहारों के इस सीज़न दो अंकों में बढ़ोतरी का अनुमान है।’मियारा के साथ अपने त्योहार के जश्न को खास बनाएं, जिसकी शुरूआती कीमत रु 6499 है, और इसे उपहार में देने और संजोकर रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हस्तनिर्मित साड़ियां का नया अनुभव पाने के लिए विज़िट करें तनाएरा शोरूम, काकड़िया कॉम्प्लेक्स, ऑफ़ – घोड़ डोड रोड, सूरत।
सूरतसिल्क सिटी सूरत की पहचान कहे जाने वाले कपड़ा उद्योग में बढ़ते जा रही श्रमिकों की कमी ने कपड़ा उद्यमियों को नए विकल्प तलाशने के लिए मजबूर कर दिया है। सूरत में हर साल बड़ी संख्या में कपड़ा उद्योग में से लोग बाहर जा रहे हैं जबकि इतनी गति से नए लोग नहीं जुड़ रहे हैं। इसके चलते अब सूरत के कपड़ा उद्यमियों ने प्रशिक्षण केंद्र बनाने तथा दक्षिण गुजरात के आसपास के क्षेत्र में से कुशल श्रमिकों को लाकर ट्रेनिंग देने की शुरुआत की है। कपड़ा उद्योग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सूरत में 6 लाख मशीन है। इनमें डेढ़ लाख के करीब हाईटेक मशीने हैं। 350 प्रोसेसिंग यूनिट है और 2 लाख के करीब एंब्रॉयडरी मशीन है।इसके अलावा कपड़ा बाजार की बात करें तो 200 के करीब कपड़ा मार्केट है। इनमें एक लाख से अधिक दुकानें हैं।
प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष ढंग से सूरत के कपड़ा कारोबार से 20 लाख लोगों को रोजगार मिलता है। 10 साल पहले की बात करें तो सूरत के कपड़ा उद्योग में नौकरी के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उड़ीसा आदि राज्यों से बड़े पैमाने पर लोग नौकरी के लिए आते थे लेकिन बीते कुछ वर्षों से नया युवा वर्ग नौकरी में आने के लिए ज्यादा उत्सुक नहीं दिख रहा। कई राज्यों में चल रही नरेगा योजना के कारण लोग वहीं रुक जाते हैं और कुछ लोग अपना ही छोटा-मोटा कारोबार शुरू करके रोजगार के अवसर बना लेते हैं। इसलिए सूरत के कपड़ा उद्योग में श्रमिकों की कमी शुरू हो गई है।-
-25 से 30% श्रमिकों की कमी से जूझ रहा उद्योग
कपड़ा उद्यमियों का कहना है कि वर्तमान समय में कपड़ा उद्योग में 20 लाख लोग जुड़े हैं जबकि अभी भी 20 से 25% तक श्रमिकों की कमी है। दिवाली और होली जैसे त्योहारों के समय पर यह कमी बढ़कर 50% तक हो जाती है। उन दिनों तो कारखाने भी बंद करने की नौबत आ जाती है। इस स्थिति को समझते हुए कपड़ा वह जमीनों ने इसके विकल्प की तलाश शुरू कर दी है। हाल में ही चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। जिसमें कि इस पर चर्चा की गई। कई कपड़ा उद्योगों ने इस मामले की गंभीरता को समझने के लिए स्किल्ड केंद्र बनने पर भी जोड़ दिया। ---
----ग्रामीणों को ट्रेनिंग देने की शुरुआत
दक्षिण गुजरात में बड़े पैमाने पर ग्रामीण लोग रहते हैं जो कि छोटा-मोटा काम करके आजीविका चला रहे हैं। उन लोगों को गांव से लाकर ट्रेनिंग देने की भी शुरुआत की गई है। इसके अवेज में उन्हें पर्याप्त स्टाइपेड और भी दिया जाता है। इन्हें ट्रेनिंग देने का मुख्य उद्देश्य कपड़ा उद्योग में बढ़ रही श्रमिकों की कमी को रोकना है। इसके अलावा महिलाओं को भी धीरे-धीरे कपड़ा उद्योग में लाने के लिए भी प्रयास शुरू किए गए हैं। हाल में भी कई बड़े उद्योगों ने उनके यूनिटों में महिलाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था की है लेकिन महिलाएं 24 घंटे तक सुरक्षा के साथ नौकरी कर सके इसलिए भी प्रयास जारी किए गए हैं।
चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ने शुरू की कवायतचें
बर ऑफ कॉमर्स तथा जीएफआरआरसी कपड़ा उद्योग में श्रमिकों की घटती संख्या को गंभीरता से लेते हुए इस दिशा पर काम शुरू किया है। चेंबर ऑफ कॉमर्स ने स्किल्स केंद्र के माध्यम से लोगों को प्रशिक्षित कर कपड़ा उद्योग से जोड़ने के लिए भी कवायत शुरू की है। कपड़ा उद्योग में स्कील्ड लेबर आने से एक और जहां उत्पादन बढ़ेगा वहीं नए लोग आने से श्रमिकों की कमी भी नहीं खुलेगी। गिरधर गोपाल मुंदडा,कपड़ा उद्यमी
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान से निर्यातित या पाकिस्तान में उत्पन्न किसी भी वस्तु के प्रत्यक्ष या परोक्ष आयात और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के साहसी और निर्णायक कदम का हार्दिक स्वागत किया है। *यह निर्णय एक सशक्त और स्पष्ट संदेश देता है कि पाकिस्तान की ओर से निरंतर शत्रुतापूर्ण गतिविधियों और भारत विरोधी रुख के बीच व्यापारिक एवं आर्थिक संबंध नहीं बनाए जा सकते” – यह कहना है कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल का।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह कदम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप है, बल्कि देश के व्यापारिक समुदाय और आम नागरिकों की भावना का भी सम्मान करता है, जो लंबे समय से आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों के साथ आर्थिक संबंधों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पाकिस्तान से वस्तुओं के व्यापार और परिवहन पर रोक लगाकर सरकार ने राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है।*कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी. सी. भरतिया* ने देशभर के व्यापारियों से अपील की है कि वे इस नीति का पूर्ण समर्थन और अनुपालन करें और यह सुनिश्चित करें कि पाकिस्तान से कोई भी वस्तु प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भारतीय बाजार में प्रवेश न कर सके।
CAIT पुनः यह दोहराता है कि वह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देशहित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।व्यापारिक नेताओं ने यह भी आह्वान किया है कि भारतीय निर्माता और उद्यमी इस अवसर का लाभ उठाते हुए घरेलू उत्पादन को सशक्त करें और उन वस्तुओं का स्वदेशी विकल्प विकसित करें, जो पहले पाकिस्तान से आयात की जाती थीं, ताकि देश के उद्योग को बढ़ावा मिले और रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
गुजरात कैट के चेयरमैन श्री प्रमोद भगत* ने कहा कि यह कदम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप है, बल्कि देश के व्यापारिक समुदाय और आम नागरिकों की भावना का भी सम्मान करता है, जो लंबे समय से आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों के साथ आर्थिक संबंधों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पाकिस्तान से वस्तुओं के व्यापार और परिवहन पर रोक लगाकर सरकार ने राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है।कैट ने यह भी आह्वान किया है कि भारतीय निर्माता और उद्यमी इस अवसर का लाभ उठाते हुए घरेलू उत्पादन को सशक्त करें और उन वस्तुओं का स्वदेशी विकल्प विकसित करें, जो पहले पाकिस्तान से आयात की जाती थीं, ताकि देश के उद्योग को बढ़ावा मिले और रोजगार के नए अवसर सृजित हों।