नई चमकः 11 माह में 10582 करोड़ के लैबग्रान हीरो का निर्यात


सूरत
नेचुरल हीरो का विकल्प बना लेब्रग्रॉन डायमंड अब धीरे-धीरे विदेश में अपनी पैंठ जमा रहा है।वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 में 11 महीने मे 10582 करोड रुपए से अधिक के लैबग्रान डायमंड का निर्यात विदेश में हो चुका है।आने वाले दिनों में भी लैबग्रान डायमंड का निर्यात बहुत तेजी से बढ़ेगा ऐसी उम्मीद हीरा उद्यमी बता रहे हैं।
हीरा उद्योग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सूरत में नेचुरल हीरो के साथ लैबग्रान डायमंड का काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।लगभग 1000 से अधिक डायमंड यूनिट में लैबग्रान डायमंड का काम होता है।सूरत के हीरा उद्यमियों के पास 10000 डायमंड रिएक्टर है।जिनमें की लैबग्रान डायमंड बनाए जाते हैं।कोरोना के बाद से लेब्रग्रॉन डायमंड की डिमांड डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है।अमेरिका यूरोप सहित अन्य देशों में लैबग्रान डायमंड की ज्वेलरी लोग पसंद कर रहे हैं।यह डायमंड देखने में बिल्कुल नेचुरल डायमंड जैसा लेकिन कीमत आधे से भी कम होने के कारण लोग नेचुरल डायमंड की जगह लैबग्रान डायमंड को भी पसंद कर रहे हैं।मध्यमवर्गीय परिवार जो कि अब तक नेचुरल डायमंड नहीं खरीद सकते थे उन्हें विकल्प के तौर पर लेबनान डायमंड मिलने के कारण ज्वेलरी आदि की खरीदी कर रहे है।नेचुरल हीरो की बात करें तो रूस और यूक्रेन का युद्ध के बाद से नेचुरल हीरो जमीनों के लिए संघर्ष जनक स्थिति बनी हुई है। वही लैबग्रान डायमंड का निर्यात तथा बढ़ रहा है। 2023 मे फरवरी महीने में 19582 करोड रुपए के नेचुरल हीरो का निर्यात हुआ।इसके मुकाबले फरवरी 2024 में 14162 करोड रुपए के नेचुरल डायमंड का निर्यात हुआ अर्थात की वर्तमान वर्ष में फरवरी मे नेचुरल हीरो की डिमांड में 28 प्रतिशत की कमी आई है।वहीं लेब्रग्रॉन डायमंड की बात करें तो वर्तमान वित्तीय वर्ष में 11537 करोड रुपए के लैबग्रॉन डायमंड का निर्यात हुआ।जो कि बीते वर्ष की अपेक्षा 3.29 प्रतिशत अधिक हैं।
हीराउद्योग के सूत्रों का कहना है कि सूरत में 2 लाख से अधिक लोग लैबग्रॉन डायमंड के कारोबार से जुड़े हैं।मंदी के समय में भी लैबग्रान डायमंड ने ही कई हीरा श्रमिकों को रोजगार देकर बेरोजगार होने से बचाया था।आने वाले दिनों में भी इलेक्ट्रॉन डायमंड का भविष्य उज्जवल है।
— पाँच माह मे लैबग्रॉन हीरो का निर्यात
महीना ————-——-निर्यात
अप्रेल-23—-838 करोड
मई-23—————-1147 करोड
जून-23———-901 करोड
जुलाई—23——-866करोड
अगस्त—23 ——-974 करोड
सितंबर—23———1102करोड
अक्टूबर—23——-1135 करोड
नवंबर—23———861 करोड
दिसंबर—23———695 करोड
जनवरी_24____946 करोड
फरवरी—24——1153 करोड

जीएसटीः ई-वे बिल बिना माल की बिक्री रोकने के लिए पैट्रोलिंग वैन की संख्या बढ़ाई!

सूरत
स्टेट जीएसटी विभाग करचोरी रोकने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहा है।सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ इन डायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम की ओर से भी टैक्स चोरों को सबक़ सिखाने के लिए आए दिनों जीएसटी के नियमों में संशोधन किए जाते हैं।जीएसटी रिटर्न से लेकर ई-वे बिल में भी अब तक कई बार नियमों में परिवर्तन आ चुका है।इसके बावजूद जीएसटी चोरी करने वाले व्यापारी अलग अलग ढंग से टैक्सचोरी करने का प्रयास करते रहते हैं।कई बार बिना बिल के ही व्यापारी माल बेच देते हैं।इस तरह कि टैक्सचोरी रोकने के लिए सूरत में सड़कों पर मोबाइल पैट्रोलिंग वैन घूमते रहती है।इस मोबाइल वैन की संख्या अब से बढ़ा दी गई है।सूरत शहर में अब तक दो पेट्रोलिंग वैन हाईवे पर और सड़कों पर से आने वाले गाड़ियों पर वाच रखते थी और यदि तक हो तो गाड़ी रुकवाकर ड्राइवरों से ई- वे बिल मांग लेते। अब से पेट्रोलिंग वैन में अधिकारियों की संख्या और गाड़ी की संख्या बढ़ा दी गई है।सूरत में बड़े पैमाने पर कपड़ा बनता है।इसलिए बिना बिल के कपड़ों की ख़रीदारी भी कई लोग करते हैं। पेट्रोलिंग वैन की जाँच के दौरान बड़े पैमाने पर कपड़े के की टैक्स चोरी सामने आयी है।इसके अलावा इलेक्ट्रिक साधन, कैमिकल भंगार आदि भी पकड़े गए हैं। जीएसटी डिपार्टमेंट बिना बिल के बेचे जाने वाले माल पकड़कर ज़ब्त कर लेता है और माल बेचने वाले से जीएसटी की रक़म तथा पेनाल्टी वसूल करता है।
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जीएसटी विभाग करचोरो के खिलाफ सक्रिय
वर्तमान वित्तीय वर्ष में एक सूरत जीएसटी डिपार्टमेंट में सूरत में 12 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी पकड़ी है।जीएसटी डिपार्टमेंट ने बीते दिनों बड़े पैमाने पर ट्यूशन क्लासेज, ट्रैवल एजेन्सी,होटल संचालक सहित अन्य कई व्यापारियों पर छापेमारी की थी और र करोड़ रुपए की टैक्स चोरी भी पकड़ी थी। इसके पहले डिपार्टमेंट ने बोगस बिलिंग करने वालों के ख़िलाफ़ भी मुहिम शुरू करके सूरत में डेढ़ सौ से अधिक फ़र्ज़ी व्यापारी पेढ़ियां ढूंढ निकाली थी। इनके ख़िलाफ़ अभी भी डिपार्टमेंट जाँच कर रहा हैऔर जिन लोगों ने फ़र्ज़ी व्यापारियों से बिल ख़रीदा था उनसे रिकवरी की जा रही है।

કામદારોના પ્રાણ પ્રશ્નો બાબતે રાહુલ ગાંધી સમક્ષ રજૂઆત કરાઈ

ભારત જોડો ન્યાય યાત્રા દરમિયાન બારડોલીમાં ઇન્ટુકનાં આગેવાનો દ્વારા રાહુલ ગાંધીને પત્ર આપી સુરત સહિત દક્ષિણ ગુજરાતના કામદારોના પ્રશ્નો બાબતે લેખિત રજૂઆત કરવામાં આવી હતી.

રવિવારે કોંગ્રેસ નેતા રાહુલ ગાંધીની ભારત જોડો ન્યાય યાત્રા સુરતના બારડોલીથી પસાર થઈ હતી. આ દરમિયાન ઈન્ટુકના ગુજરાત પ્રદેશ પ્રમુખ નૈશાદ દેસાઈ, સુરત ઈન્ટુક પ્રમુખ ઉમાશંકર મિશ્રા, કામદાર નેતા અને ઈન્ટુક અગ્રણી શાન ખાન સહિત ઈન્ટુકના અન્ય હોદ્દેદારોએ રાહુલ ગાંધીનું સ્વાગત કર્યું હતું. ઈન્ટુક દ્વારા કામદારોનાં પ્રાણ પ્રશ્નો બાબતે એક પત્ર રાહુલ ગાંધીને આપવામાં આવ્યો હતો. આ પત્રમાં જણાવવામાં આવ્યું હતું કે સુરત સહિત દક્ષિણ ગુજરાતમાં ટેક્સટાઈલ, ડાયમંડ સહિત અન્ય ઔદ્યોગિક એકમોમાં લાખો કામદાર ભાઈ-બહેનો કાર્યરત છે, જેમના લોહી અને પરસેવાથી ઉદ્યોગો ચાલે છે. આમાં મોટાભાગના કામદારોના ઉત્તર પ્રદેશ, બિહાર, ઝારખંડ, ઓરિસ્સા જેવા રાજ્યોના પરપ્રાંતિય કામદારો છે. ઉપરોક્ત એકમોમાં કામ કરતા કામદારોનું ભારે શોષણ થઈ રહ્યું છે, તેઓને કોઈપણ પ્રકારના કાયદાકીય લાભો અને સુવિધાઓ મળી રહી નથી અને કામદારો પાસે તેમની શારીરિક ક્ષમતા કરતા વધુ કામ કરાવવામાં આવી રહ્યું છે. મોટાભાગના કામદારો લઘુત્તમ વેતન, PF, ESI, ગ્રેજ્યુટી વગેરે જેવા મૂળભૂત અધિકારોથી પણ વંચિત છે અને આ ઉદ્યોગોમાં કામ કરતા કામદારોને ન તો કોઈ નોકરીની સુરક્ષા છે કે ન તો કોઈ સ્વાસ્થ્ય કે સામાજિક સુરક્ષા. માલિકો કોઈપણ કારણ બતાવ્યા વગર મનસ્વી રીતે કામદારોને જ્યારે ઈચ્છે ત્યારે કાઢી મૂકે છે.

આ ઉદ્યોગોમાં ભારે મશીનો અને ખતરનાક રસાયણોનો ઉપયોગ કરવામાં આવે છે જેના કારણે સુરક્ષા અને સલામતીના સાધનો આપવા જરૂરી છે પરંતુ કામદારોને કોઈપણ પ્રકારના સલામતી અને સુરક્ષા સાધનો આપવામાં આવતા નથી જેના કારણે અવારનવાર અકસ્માતો થતા રહે છે. અને કામદારો જીવ ગુમાવે છે અને ગંભીર રીતે ઘાયલ પણ થાય છે, પરંતુ આવી સ્થિતિમાં પણ કામદારો અને તેમના પરિવારજનોને યોગ્ય વળતર મળતું નથી. ઉદ્યોગોના માલિકોને સત્તાનું સીધું રક્ષણ પ્રાપ્ત છે કોઈપણ સરકારી વિભાગમાં કામદારોની કોઈ સુનાવણી થતી નથી જો કોઈ કામદાર તેની સાથે થઈ રહેલા અન્યાય સામે ફરિયાદ કરે તો તે કામદારને ડરાવી-ધમકાવીને અનેક પ્રકારે ત્રાસ આપવામાં આવે છે. વર્તમાન સમયમાં કામદાર અને શ્રમિક વર્ગ આવા તમામ અન્યાય સામે ઝઝૂમી રહ્યો છે, આવી પરિસ્થિતિમાં સુરત અને દક્ષિણ ગુજરાતના કામદારોને તમારી પાસેથી ઘણી અપેક્ષાઓ છે તેથી અમારી માંગણી છે કે અમારા ઉપરોક્ત તમામ મુદ્દાઓને ધ્યાનમાં રાખીને આપ કામદારો માટે ન્યાયનો અવાજ બુલંદ કરો.

बिल लावो इनाम पावो वाली स्कीम से सरकार का निशाना दूर तक!

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सरकार द्ववारा एक स्किम चलाई गई थी और चल भी रही हैं बिल लावो इनाम पावो इस स्कीम के जरिये भी जीएसटी डिपार्टमेंट आपके बिल की किस प्रकार से जांच करता है और फिर कारण बतावो नोटिस के जरिये जबाब भी पूछता है।यानी कि ये उन टैक्सपेयर्स के लिए है जो जीएसटी रूल्स के मुताबिक B2C के इनवॉइस नही बनाते हैं।

जीएसटी रूल्स के मुताबिक 50 हजार से नीचे के बिल में इतनी डिटेल्स नही देनी होगी पर अगर आप B2C का कोई भी बिल 50 हजार से ऊपर बनाते हो तो उस बिल पर खरीददार का नाम, एड्र्स,स्टेट लिखना अनिवार्य है पर लापरवाही व छोटी सी गलती टैक्सपेयर्स कर बैठते हैं जिसकी वजह से फस जाते है अब होता ये की कोई भी परचेजर आपसे बिल लिया उसने सरकार द्ववारा चलाई गई।

स्किम के तहत इनाम पाने के लिए उसे अपलोड कर दिया कारण की सरकार लॉटरी सिस्टम के आधार पर इनाम जो दे रही हैं।और उधर आपका डेटा सरकार के पास चला गया।अब जब आप अपना जीएसटी आर 1 फ़ाइल करते है तब सरकार जीएसटी नम्बर के आधार पर पोट्रल के द्ववारा ये चेक हो जाता हैं कि एक जीएसटी नम्बर पर एक महीने में जितने बिल B2C के अपलोड हुई है क्या व आपके द्ववारा भेजे गए जीएसटी आर 1 में उतने बिल आ रहे है या नही।

इन सभी के आधार पर जीएसटी डिपार्टमेंट पहले भी कई तरीकों के आधार पर फेंक इनवॉइस व गलत अपलोड बिलो की जांच करता रहा हैं ठीक उसी तरह यहा भी चोरी कहा हो रही हैं ओर आपसे जबाब भी मांग सकता है।कुलमिलाकर सरकार को भी स्किम निकालती है उसमें भी अपना ही काम निकालती है।

सीजीएसटी विभाग ने बोगस पेढियो के खिलाफ शुरू किया अभियान, 200 करोड का मामला पकडाया

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सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट में फ़र्ज़ी पेढियो के ख़िलाफ़ अभियान शुरू किया है।इसके अंतर्गत सीजीएसटी डिपार्टमेंट ने बीते दिनों 10 सूरत मे बोगस पेढी पर कार्रवाई करते हुए दो सौ करोड़ रूपए के बोगस बिल ने घोटाले का पर्दाफ़ाश किया। इन पेढियो के संचालकों ने 200 करोड़ रुपये के फ़र्ज़ी बिल 100 से अधिक पेढियो को बेचकर 30 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर ली थी। इस मामले मे जीएसटी ने पुलिस मे शिकायत की थी। जिसके आधार पर एक को गिरफ़्तार किया गया है।


मिली जानकारी के अनुसार सेंट्रल जीएसटी डिपार्टमेंट को इंटेलिजेंस यूनिट से मिली जानकारी के आधार पर डिपार्टमेंट ने कार्रवाई शुरू की है। बीते साल भी जीएसटी विभाग ने सैकड़ों शंकास्पद पेढियो के ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी और करोड़ों रुपए के आईटीसी घोटाले का पर्दाफ़ाश किया था। इस सिलसिले में डिपार्टमेंट ने एक बार फिर से शंकास्पद पेढियो को निशाना बनाना शुरू किया है। मिली अधिक जानकारी के अनुसार आगामी दिनों में भी विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी।


स्क्रैप, केमिकल तथा लकड़ी के बोगस बिल बेचे
GST विभाग में बीते दिनों जिन 10 पेढियो पर कार्रवाई की थी। इन पेढियो ने स्क्रैप, केमिकल तथा लकड़ी के 200 करोड रूपए के बोगस बिल बनाए थे। जब विभाग ने पेढियो के पते पर जा कर जाँच की तो कोई पेढी बताए गए पते पर नहीं चल रही थी। नक़ली आधार कार्ड, लाईटबिल तथा रेन्ट एग्रीमेन्ट के आधार पर जीएसटी नंबर लिया गया था।

  • इन लोगों को ख़िलाफ़ मामला दर्ज
    1-गोविंद नगर पिपलिया पलिया प्लॉट स्थित स्काई इंटरप्राइजेज के मालिक रामजी मेराम मैनिया।
    2- सिंगणपुर रोड, पार्वती नगर के पीछे स्थित बराड ट्रेडर्स के मालिक रमेश बावचंद बराड।
    3-मोटा वराछा सुदामा चौक सिटी मॉल में दूसरी मंजिल पर गणेश एंटरप्राइजेज के मालिक धुविक हितेश परमार।
    4-नवसारी चिखली वंसदा रोड, पुपाली इंटरप्राइजेज के मालिक मयूर प्राइन वाला
    5-अडाजण पालनपुर राज वर्ल्ड शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में हार्दिक एंटरप्राइजेज के मालिक
    हार्दिक अरविंद परमार।
    6-कोसाड रोड गृहम आइकन में टियारा इंटरप्राइजेज के मालिक इंद्रजीत चरणव मौर्य
    7-कोसाड वरियाव रोड पर ग्रिहम आइकन में बॉस एंटरप्राइजेज के मालिक रमेश हरजी राठौड़।
    8-भरथाना समर्पण बिजनेस हब में सिल्वर एंटरप्राइज के मालिक अजय बटुक मकवाना
  • आईटीसी लेने वालो से होगी वसूली
  • GST विभाग का कहना है कि फ़र्ज़ी बिलींग के मामलो मैं जिन लोगों ने फ़र्ज़ी बिल ख़रीद के इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया है।ऐसे लोगों से आगामी दिनों में टैक्स की रिकवरी की जाएगीं।फ़िलहाल डिपार्टमैंट ऐसे लोगों की सूची बना रहा है।आगामी दिनों में डिपार्टमेंट फ़र्ज़ी बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने वालों को भी नोटिस देगा आर बाद मैं उन लोगों से भी टैक्स की रिकवरी की जाएगी।बीते दिनों में भी कई मामलों में जिन लोगों ने फ़र्ज़ी बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया था उनसे वसूली की गई थी।

बोगस बिलिंग किस तरह होता है
बोगस बिलिंग अर्थात की जिस सौदे में सिर्फ़ बिल ही लिए दिए जाते हैं। अर्थात कि इस प्रकार के सौदे में कोई माल सामान नहीं ख़रीदा – बेचा जाता।जैसे की कोई व्यापारी बोगस बिल बेचने वाले से मात्र बिल ख़रीदता है। इसके बदले में वह बोगस बिल बेचने वाले को बिल की रक़म का 1 या 2 प्रतिशत रक़म देता है।

दिल्ली में व्यापारियों का प्रदर्शन: पीएम मोदी के खिलाफ असम्मानजनक टिप्पणियों के खिलाफ मालदीव से व्यापार स्थगित करने की मांग

हाल ही में मालदीव के कुछ सरकारी लोगों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ असम्मानजनक टिप्पणियों के जवाब में, कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने आज दिल्ली में एक प्रदर्शन मार्च का आयोजन किया, जिसमें व्यापारियों एवं निर्यातकों से मालदीव के साथ व्यापार स्थगित करने की ज़बरदस्त अपील की गई।

“मालदीव के साथ व्यापार स्थगित करें” के बैनर के साथ मार्च में शामिल व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ किए गए आपत्तिजनक टिप्पणियों पर अपना गहरा रोष और आक्रोश व्यक्त किया।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य राजनीतिक सम्मान और सहयोग पर आधारित दो देशों के बीच संबंधों की महत्वपूर्णता पर ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने सरकार से उपयुक्त कदम उठाने के लिए आग्रह किया और प्रधानमंत्री के खिलाफ किए गए अपमानजनक टिप्पणियों के ख़िलाफ़ आवश्यक कदम उठाने की माँग की।

श्री खंडेलवाल ने कहा , “हम प्रधानमंत्री के खिलाफ किए गए किसी भी अपमानजनक टिप्पणी की निंदा में एकजुट खड़े हैं। व्यापार स्थगित करना एक प्रतीकात्मक कदम है जो हमारी मजबूत असंतुष्टि को बताने और मालदीव की सरकार को यह संदेश देगा कि यह टिप्पणी श्री मोदी के ख़िलाफ़ नहीं बल्कि पूरे भारत के ख़िलाफ़ है जिसकी जितनी निंदा की जाये कम है।

श्री खंडेलवाल ने बताया कि व्यापार स्थगित करना एक अस्थायी कदम है, जो स्थिति की गंभीरता को संकेत करता है इस गंभीर विवाद को शीघ्र निपटाने की दिशा में मालदीव की तुरंत माफ़ी माँगनी चाहिए ।

सूरत: सिटीबस और बीआरटीएस से दुर्घटना मे ड्राइवर सहित एजेन्सी के खिलाफ भी दर्ज होगा मामला


कतारगाम इलाके में पिछले शनिवार को बीआरटीएस बस ड्राइवर की लापरवाही से एक मासूम की मौत हो गई। इस घटना के बाद सिटीबस और बीआरटीएस बस प्रबंधन की लचर नीतियां सामने आई हैं। मनपा शासकों ने अब हालात पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।सत्ताधारियों और प्रशासन के साथ बस प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों की बैठक में कुछ अहम फैसले लिए गए हैं।दुर्घटना जैसी घटनाओं में अब ड्राइवर सहित संबंधित एजेंसी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।इसके साथ ही कतारगाम घटना में ज़िम्मेदार एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने का पर विचार किया जा रहा है।


मिली जानकारी के अनुसार लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गई सिटी बसों और बीआरटीएस बसों से हुए हादसों में अब तक 90 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। नए नियमों के अनुसार शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों और नगर निगम के निर्देशों का बार-बार उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कदम उठाया जाएगा।


नई नीति के अनुसार ड्राइवरों और कंडक्टरों की योग्यता दोबारा निर्धारित की जाएगी।विजिलेंस टीम रोजाना ड्राइवरों और कंडक्टरों की जांच करेगी और नशे की हालत में पकड़े जाने पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की जाएगी। चोरी, टिकट न देने, मारपीट जैसे मामलों में ड्राइवर, कंडक्टर और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।कर्मचारियों को कम वेतन देने वाली एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।चालक और परिचालक को सात दिन के भीतर स्मीमेर अस्पताल द्वारा जारी फिटनेस प्रमाण पत्र दिखाना होगा। स्थानीय पुलिस स्टेशन से चरित्र प्रमाण पत्र सात दिनों के भीतर जमा करना होगा। जिन बसों में डिजिटल बोर्ड नहीं है उनका तत्काल संचालन कराया जाए। अगर कोई यात्री बिना टिकट पकड़ा गया तो कंडक्टर समेत एजेंसी के खिलाफ वित्तीय गबन की शिकायत दर्ज कर स्थायी तौर पर नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।


चार सड़कों और चौराहों पर गति सीमा 0 रखी जाएगी.यात्रियों को बस स्टॉप के अलावा किसी अन्य स्थान पर नहीं उतारा जाएगा। भविष्य में किसी घटना की स्थिति में केस टू केस सहायता का भुगतान कंपनी के बिल से किया जाएगा।

हेडिंग- बीते छ साल मे 120 ड्राइवर किए गए टर्मिनेट

सूरत महानगर पालिका की ओर से शहरी जनों की सुविधा के लिए और यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सिटी बस और BRTS की सेवा शुरू की गई है लेकिन इसमें ड्राइवर और कंडक्टर की लापरवाही के चलते जानलेवा साबित हो रही है। बीते 4 साल में BRTS बस की चपेट मे 19 लोगों की जान जा चुकी है।सिटी बस और BRTS दोनों की बात करें तो लगभग 90 के क़रीब लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है। सूरत महानगर पालिका की ओर से BRTS बस के ड्राइवर और कंडक्टर को बार बार ट्रेनिंग और सेमिनार के माध्यम से लोगों से अच्छा बर्ताव करने बस दे में चलाने तथा यात्रियों से झगड़ा न करने आदि की का प्रशिक्षण दिया जाता है लेकिन अभी तक इसका कोई विशेष नतीजा निकलकर नहीं याद आ रहा है।

वर्ष 2017 से सिटी और BRTS में काम करने वाले 120 ड्राइवर को टर्मिनेट किया जा चुका है।यात्रियों की ओर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए महानगर पालिका ने इन्हें निकाल दिया है। बताया जा रहा है कि सूरत महानगर पालिका की ओर से बार बार ड्राइवर्स को बस धीमे चलाने की सलाह दी जाती है लेकिन यह सलाह फिर कुछ समय तक ही ड्राइवर्स के पल्ले पड़ती है और बाद में वह फिर से अपने मनमाने ढंग से ड्राइविंग शुरू कर देते हैं जिसका खामियाजा सामान्य लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

सूरतः तापी नदी में गंदगी कर रहे लोगों को मेयर ने रोका, कही यह बात!

सूरत में तापी नदी को साफ रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कई बार औद्योगिक इकाइयों के कारण तापी प्रदूषित होती रहती है। लोगों की उदासीनता के कारण तापी नदी में लगातार कचरा डंप किया जा रहा है, एक बार फिर लोग तापी नदी के पुल से पूजा करने के बाद पूजा की वस्तु, प्लास्टिक बैग जैसी चीजें फेंकते नजर आए। जब लोग नदी में कूड़ा फेंक रहे थे तो शहर के मेयर वहां से गुजर रहे थे. ये नजारा देखकर मेयर लोगों के पास गए और उन्हें नदी में कूड़ा न फेंकने को कहा. मेयर ने लोगों से कहा कि तापी नदी में इस तरह से प्लास्टिक बैग और कचरा नहीं फेंकना चाहिए. किसी भी पूजा को आपके निकटतम वार्ड कार्यालय को सौंप दिया जाएगा और उचित तरीके से निपटान किया जाएगा।


दिवाली के त्योहार से पहले आमतौर पर साफ-सफाई की जाती है, जिसके कारण कई बेकार चीजों को घर से बाहर फेंक दिया जाता है। तापी नदी में कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं विसर्जित की जाती हैं।साथ ही दिवाली के बाद घर में इकट्ठा की गई प्लास्टिक की थैलियों समेत अन्य चीजों को गर्म नदी में फेंक दिया जाता है। जिसके कारण तापी नदी में बड़ी मात्रा में कूड़ा-प्लास्टिक जमा हो जाता है, शहर के मेयर ने पुल से गुजरते समय कुछ लोगों को तापी नदी में पूजा-अर्चना करते देखा. ये नजारा देख मेयर दक्षेश मवानी ने अपनी गाड़ी रोकी और लोगों से नदी में कूड़ा न फेंकने को कहा।


इस बारे में दक्षेश मवानी ने कहा कि मैं कुछ लोगों को पुल से तापी नदी में पूजा-पाठ, प्लास्टिक बैग समेत अन्य चीजें फेंकते हुए देख रहा था. हमारी जीवन रेखा तापी नदी को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। हमारी तरफ से काफी प्रयास किये जा रहे हैं, लेकिन लोगों का सहयोग मिले तो यह काम अच्छे से हो सकता है. नए साल में सभी नागरिकों को मिलकर यह संकल्प लेना चाहिए कि हम जाने-अनजाने में नदी को प्रदूषित नहीं करेंगे। हालाँकि अब धीरे-धीरे जागरूकता आ रही है और तापी नदी को प्रदूषित करने वाले लोगों की संख्या भी कम हो रही है, लेकिन अभी भी बेहतर लोगों को अपने तरीके से सहयोग करने की ज़रूरत है।

સુરત જિલ્લાના કડોદરા ખાતે રહેતા બ્રેઈનડેડ યુવાનની કિડની, લીવર અને બે આંખોનું દાન કરીને માનવતા મહેંકાવી

ભિંદ પરિવારની મહિલા નિલમદેવીએ સુરત સિવિલ હોસ્પિટલ ખાતે પોતાના બ્રેઈનડેડ પતિના પાંચ અંગોનું દાન કરી સમાજ માટે પ્રેરણારૂપ બન્યાં

સુરતઃગુરૂવારઃ ‘અંગદાન મહાદાન’ના સુત્રને સાર્થક કરતા સુરત શહેરમાં ફરીવાર સફળ અંગદાન થયું છે. મૂળ ઉતરપ્રદેશના ભિંદ પરિવારના નિલમદેવી ભિંદેએ સુરતની નવી સિવિલ હોસ્પિટલમાં સારવાર દરમિયાન બ્રેઈન ડેડ થયેલા પોતાના પતિ સ્વ.રામજીભાઇ સંતલાલ ભિદેની બે કિડની, લીવર અને બે આંખોનું મહાદાન કરીને માનવતા મહેંકાવી છે.


સુરત શહેરના કડોદરા સ્થિત જોલવા પાટીયાની બાલાજી સોસાયટી ખાતે રહેતા( મુળ.મહદેપુર ભોરી સંત રવિદાસનગર, ઉતરપ્રદેશ) ૪૩ વર્ષીય યુવાન રામજીભાઇ સંતલાલ ભિંદ સંચાના ખાતામાં કામ કરીને આજીવિકા મેળવતા હતા. ગત તા.૧૯મી સપ્ટેમ્બરના રોજ સાંજે પોતાના ઘરના બાથરૂમમાં ચક્કર આવતા પડી ગયા હતા. જેથી પરિવારજનો તત્કાલ નજીકની ખાનગી હોસ્પિટલમાં લઈ જવામાં આવ્યા. વધુ સારવાર માટે તા.૨૦મીએ બપોરે સુરત નવી સિવિલમાં સારવાર માટે દાખલ કરાયા હતા. જ્યાં તેઓને હેડ ઈન્જરી થયાનું નિદાન થયું હતું. આઇસીયુમાં ૧૭ દિવસની સધન સારવાર બાદ આજરોજ તા.૦૫મી ઓક્ટોમ્બરના રોજ બપોરે ૧.૧૫ વાગે આર.એમ.ઓ. ડો.કેતન નાયક, ડો.નિમેષ વર્મા, ડો.જય પટેલ, ડો.કેયુર પ્રજાપતિની તબીબી ટીમ દ્વારા બ્રેઈનડેડ જાહેર કરવામાં આવ્યા. તેમના પરિવારજનોને આર.એમ.ઓ. ડો.કેતન નાયક, ગુજરાત નર્સિંગ કાઉન્સીલના ઇકબાલ કડીવાલા, કાઉન્સેલર નિર્મલા કાથુડે બ્રેઈનડેડ સ્વ.રામજીભાઈના અંગોના દાનથી અન્ય જરૂરિયાતમંદને નવજીવન મળી શકે તેમ સમજાવી અંગદાનની માહિતી આપી હતી.


બ્રેઇનડેડ યુવાનના પરિવારમાં પત્નિ નિલમદેવી ભિંદ, મોટો દિકરો સુરજ ભિંદ,નાના દિકરો પવન ભિંદ અને દિકરી કાજલ ભિંદ છે. સ્વ.રામજીભાઇ ભિંદને બ્રેઇન ડેડ જાહેર કરતાં પરિવારે અંગદાન કરવાનો નિર્ણય કરી અન્ય જરૂરિયાતમંદ પરિવારના બાળકોના પિતાની છત્રછાયાના ન ગુમાવે એવી ભાવના વ્યક્ત કરી હતી.
દુઃખદ ઘડીમાં બ્રેઈનડેડ રામજીભાઈના પત્ની નિલમદેવીએ અંગદાનનો નિર્ણય કરી સમાજ માટે પ્રેરણારૂપ બન્યા હતા. આમ પરિવારની સંમતિ મળતા સોટો અને નોટોની ગાઈડલાઈન મુજબ અંગદાનની પ્રક્રિયા પાર પાડવામાં આવી હતી. સુરત સિવિલ ખાતેથી બ્રેઈનડેડ યુવાનની બંન્ને કિડની અને લીવરનું દાન સ્વીકારીને અમદાવાદની ઝાડટસ હોસ્પિટલમાં લઈ જવામાં આવ્યા હતા. તથા બન્ને આંખોનું દાન નવી સિવિલ હોસ્પિટલની આઇસ બેંકે સ્વીકાર્યું હતું.


સિવિલ હોસ્પિટલના તબીબી અધિક્ષક ડો.ગણેશ ગોવેકરના માર્ગદર્શન હેઠળ અંગદાનના આ સેવા કાર્યમાં સુરત પોલીસ, સોટો ટીમ, તબીબી અધિકારીઓ, નર્સિંગ અને સિક્યોરિટી સ્ટાફ, સફાઈ કર્મીઓ જહેમત ઉઠાવી હતી. આમ, સુરત સિવિલમાં આજે ૪૬મું સફળ અંગદાન થયું હતું.

ભાટીયા ટોલ નાકા પાસે બ્રીજની હેવી ગડર ચઢાવવાની કામગીરીને ધ્યાને લઈ બે દિવસ રાત્રીના સમય દરમિયાન ટ્રાફિક ડાઈવર્ટ કરાયો

સુરતઃશનિવારઃ- સુરત શહેરના પોલીસ કમિશ્નરશ્રી અજયકુમાર તોમરે પોલીસ કમિશ્નર હકુમત હેઠળના સુરત શહેરમાં બુલેટ ટ્રેન પ્રોજેકટ અંતર્ગત સચીન-પલસાણા હાઇવે ઉપર આવેલ ભાટીયા ટોલ નાકા પાસે બ્રીજની હેવી ગડર ચઢાવવાની કામગીરી કરવાની હોવાથી તા.૦૧/૧૦/૨૦૨૩ના રોજ રાત્રીના ૧૧.૦૦ વાગ્યાથી તા.૦૨/૧૦/૨૦૨૩ના રોજ સવારના ૮.૦૦ વાગ્યા સુધી તથા તા.૦૨/૧૦/૨૦૨૩ના રોજ રાત્રીના ૧૧.૦૦ થી તા.૦૩/૧૦/૨૦૨૩ ના રોજ સવારના ૦૮.૦૦ વાગ્યા સુધી ટ્રાફીક સુચારૂ રીતે ચાલે અને ટ્રાફીકની કોઇ સમસ્યા ઉદભવે નહી જે હેતુસર તે વિસ્તારમાં નીચે જણાવ્યા મુજબનો રસ્તો બંધ/ડાયવર્ઝન આપ્યું છે.

::* હુકમ ::*

(૧) ભાટીયા ટોલ નાકાથી ભાટીયા ચેક પોસ્ટ ઓવર બ્રીજ તરફ આવતા લાઇટ વાહનો પ્રવેશવા પર પ્રતિબંધ રહેશે.
(૨) આલ્ફા હોટલ સચીન થી ભાટીયા ચેક પોસ્ટ તરફ જતા ભારે વાહનો પ્રવેશવા પર પ્રતિબંધ રહેશે.
(૩) ભાટીયા ચેક પોસ્ટ થી ભાટીયા ટોલ નાકા તરફ આવતા તમામ પ્રકારનાં વાહનો પ્રવેશવા પર પ્રતિબંધ રહેશે.

વૈકલ્પિક રૂટ તરીકે

(૧) સચીન પલસાણા ચોકડીથી પલસાણા હાઇવે તરફ જવા માટે આલ્ફા હોટલથી ડાબે એકલેરા ગામ તરફ કેનાલ રોડ થઇ બોળંદ ચોકડીથી જમણે ટર્ન લઇ વકતાણા ગામ થઇ ભાટીયા ચેક પોસ્ટ થઇ ડાબે ટર્ન લઇ પલસાણા તરફના રોડ ઉપર ભારે વાહનો જઇ શકશે.

(૨) ભાટીયા ચેક પોસ્ટથી સચીન પલસાણા ચોકડી તરફ જવા માટે ભાટીયા ચેક પોસ્ટથી ભાટીયા ઓવર બ્રીજ નીચેથી જમણે ટર્ન લઇ વકતાણા ગામ થઇ બોળંદ ગામ ચાર રસ્તાથી ડાબે ટર્ન લઇ આલ્ફા હોટલ તરફ ભારે વાહનો જઇ શકશે. જયારે અન્ય ભાટીયા ચેક પોસ્ટથી (સચીન-હજીરા તરફ જતા લાઇટ વાહનો માટે) ડાબે ટર્ન લઇ કછોલી ગામ થઇ લાજપોર ચોકડી થઇ સાતવલ્લા બ્રીજ તરફના રોડ ઉપર લાઇટ વાહનો જઇ શકશે.

::ઇમરજન્સી રૂટ::
(૧) સચીન તરફથી આવતા વાહનો સચીનથી મરોલી ચાર રસ્તા થઇ વેસ્મા તરફ જઇ શકશે. (૨) પલસાણા તરફથી આવતા વાહનો પલસાના થઇ ભાટીયા ચેક પોસ્ટ થઇ વકતાણા થઇ નેશનલ હાઇવે-૫૩ તરફ જઇ શકશે.
આ જાહેરનામા અનુસાર તા.૦૧/૧૦/૨૦૨૩ના રોજ રાત્રીના ૧૧.૦૦ થી તા.૦૨/૧૦/૨૦૨૩ના રોજ સવારના ૮.૦૦ વાગ્યા સુધી તથા તા.૦૨/૧૦/૨૦૨૩ના રોજ રાત્રીના ૧૧.૦૦ થી તા.૦૩જી ઓકટોમ્બર રોજ સવારનાં ૮.૦૦ સુધી કરવાનો રહેશે, જાહેરનામાનું ઉલંઘન કરનાર શિક્ષાને પાત્ર થશે.