सूरत : इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग सीज़न 3 का आगाज शुक्रवार से 9 जनवरी से शुरू होगा भारत का प्रीमियर T10 टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट, 6 फरवरी तक लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम में खेले जाएंगे 44 मुकाबले, आठ टीमें लेंगी हिस्सासूरत। क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) सीज़न 3 का आगाज़ शुक्रवार से सूरत में होने जा रहा है।

गुजरात के प्रमुख शहरों में शामिल सूरत, जहां खेलों के प्रति गहरा जुनून देखने को मिलता है, अब भारत के प्रीमियर T10 टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट के तीसरे सीज़न की मेज़बानी करेगा। तेज़-तर्रार मुकाबलों, उभरते खिलाड़ियों और रोमांचक माहौल के लिए मशहूर ISPL, सूरत के क्रिकेट फैंस को एक महीने तक चलने वाले क्रिकेट महोत्सव का अनुभव देगा।लीग के सूरत आगमन को लेकर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें ISPL लीग कमिश्नर और कोर कमेटी सदस्य सूरज समत, सूरत डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव डॉ. नैमेश के. देसाई और ISPL के प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) दीपक चौहान मौजूद रहे। उन्होंने टूर्नामेंट से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं और ISPL सीज़न 3 के होस्ट शहर के रूप में सूरत की भूमिका को रेखांकित किया।ISPL सीज़न 3 का आयोजन 9 जनवरी से 6 फरवरी तक लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम में किया जाएगा, जहां कुल 44 रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे। इस सीज़न में कुल आठ टीमें भाग लेंगी, जिनमें डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई, टाइगर्स ऑफ कोलकाता, श्रीनगर के वीर, चेन्नई सिंगम्स, बेंगलुरु स्ट्राइकर्स, फाल्कन राइजर्स हैदराबाद, दिल्ली सुपर हीरोज़ और अहमदाबाद लायंस शामिल हैं।

खास बात यह है कि इन टीमों की को-ओनरशिप देश की कई जानी-मानी फिल्मी हस्तियों के पास है, जिससे लीग की लोकप्रियता और बढ़ गई है।इस सीज़न में अभिषेक दलहोर, सैफ अली, विजय पावले, जगन्नाथ सरकार और अंकुर सिंह जैसे कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी भी नज़र आएंगे, जो अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित करने के लिए तैयार हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस में लीग कमिश्नर सूरज समत ने कहा कि सूरत का स्पोर्टिंग कल्चर और यहां के जोशीले फैंस ISPL सीज़न 3 के लिए इसे एक स्वाभाविक पसंद बनाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पिछले सीज़न की तरह इस बार भी लीग से नए और उच्च गुणवत्ता वाले खिलाड़ी सामने आएंगे।सूरत डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव डॉ. नैमेश के. देसाई ने कहा कि लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम में ISPL सीज़न 3 की मेज़बानी करना सूरत के लिए गर्व की बात है। यह लीग न केवल दर्शकों को एक अनोखा क्रिकेट अनुभव देगी, बल्कि उभरते खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगी।ISPL के प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) दीपक चौहान ने बताया कि सूरत में फैंस को बेहतरीन और किफायती अनुभव देने पर खास ध्यान दिया गया है। टिकटों की शुरुआती कीमत सिर्फ रु.99 रखी गई है, ताकि हर वर्ग का दर्शक इस रोमांच का हिस्सा बन सके।

टिकट BookMyShow पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जबकि ऑफलाइन टिकट स्टेडियम के गेट नंबर 1 पर रोज़ दोपहर 12 बजे से मिलेंगे। टिकट ‘डे पास’ के रूप में होंगे, जिससे दर्शक एक दिन में होने वाले सभी मैच देख सकेंगे।ISPL की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसकी कोर कमेटी में सचिन तेंदुलकर, आशीष शेलार, मीनल अमोल काले और सूरज समत जैसे नाम शामिल हैं, जो लीग को मज़बूत नेतृत्व और स्पष्ट विज़न प्रदान कर रहे हैं।सीज़न 3 का उद्घाटन मुकाबला माज़ी मुंबई और श्रीनगर के वीर के बीच खेला जाएगा। मैच से पहले शाम 5:30 बजे एक भव्य ओपनिंग सेरेमनी आयोजित होगी, जो पूरे सीज़न का माहौल बनाएगी।ISPL ने इस बार 6 करोड़ रुपये के प्राइज़ फंड की घोषणा की है। विजेता टीम को 2 करोड़ रुपये, जबकि उपविजेता टीम को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं, ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ (MVP) को एक बिल्कुल नई पोर्श 911 कार से सम्मानित किया जाएगा। तेज़ क्रिकेट, किफायती टिकट और लाइव मैच-डे अनुभव के साथ ISPL सीज़न 3 सूरत के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार पल लेकर आने के लिए पूरी तरह तैयार है।------------------------------------

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ता भारत का व्यापार”नए वर्ष की पूर्व संध्या पर दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद एवं कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि वर्ष 2025 के समापन के साथ भारत पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने व्यापार, अर्थव्यवस्था और उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में हुई निरंतर प्रगति पर दृष्टि डाल रहा है, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में संभव हुई है।

उन्होंने कहा कि बीता हुआ वर्ष नीतिगत स्थिरता, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस सुधारों, डिजिटल एवं भौतिक अवसंरचना के विस्तार, तथा घरेलू विनिर्माण और निर्यात को लक्षित समर्थन के लिए उल्लेखनीय रहा। आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और डिजिटल इंडिया जैसी प्रमुख पहलों ने व्यापारियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाया है, जिससे वे घरेलू और वैश्विक बाजारों में प्रभावी प्रतिस्पर्धा कर पा रहे हैं।वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत के व्यापार क्षेत्र ने उल्लेखनीय मजबूती और लचीलापन प्रदर्शित किया। कर सुधारों, लॉजिस्टिक्स में सुधार, अनुपालन प्रक्रियाओं के सरलीकरण और ऋण तक बेहतर पहुँच ने विशेष रूप से छोटे व्यापारियों के बीच विश्वास को मजबूत किया है।

वर्ष 2026 की ओर देखते हुए, गुजरात CAIT चेरमेन श्री प्रमोद भगत* ने कहा कि व्यापार जगत नई आशा, विश्वास और आत्मविश्वास के साथ नए वर्ष में प्रवेश कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकास को और गति देने, निर्यात को सशक्त बनाने, विनिर्माण क्षमताओं को गहराने तथा 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।उन्होंने दोहराया कि व्यापार समुदाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास रखता है और सरकार के साथ साझेदारी में एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से सम्मानित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

कल सूरत शहर में “बिजनेस आइकॉन ऑफ द ईयर 2025” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन सूरत के प्रतिष्ठित अवध उटोपिया स्थित मेरीगोल्ड हॉल में किया गया

आयोजन की शुरुआत बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्टार कलाकार अमन वर्मा एवं लाफ्टर कॉमेडी शो से लोकप्रिय हुए गौरव शर्मा ने अपने शानदार संचालन से की, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार रहे—श्री शेष देवपुजारी जी (आरएसएस), गोवर्धन साड़ी सेंटर (कानपुर), दीनदयाल जालान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड (वाराणसी), राजा राम एंड संस (जौनपुर), चावला साड़ी डिपो (नागपुर), सुंदर साड़ी लहंगा एंड साड़ी (बैरागढ़), दुर्गे साड़ी (बैरागढ़), वंदना साड़ी (उज्जैन), अनिल जैन (सेक्रेटरी – कानपुर कपड़ा कमेटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बनीं बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री भाग्यश्री, जिन्हें उनकी पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया” के लिए आज भी देशभर में अपार स्नेह मिलता है।

अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष — आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत (AKAS) ने सूरत शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को सम्मानित किया।सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप सेलक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, एप्पल लाइफस्टाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, तनु फैशन, अजमेरा फैशन लिमिटेड, वसंत गजेरा, इन्नाया बाय लिजा, श्री गणेश कृपा पॉली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, केसरिया टेक्सटाइल कंपनी, मां कृपा ट्रेंड्ज प्राइवेट लिमिटेड, जे. पी. अग्रवाल (रचना ग्रुप), बाबूलाल मित्तल (समाजसेवी), डी. खुशालभाई ज्वैलर्स, कयान प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सतवचन साड़ी, एम. पी. फैब प्राइवेट लिमिटेड, बंसल ट्रेडिंग सहित अनेक बड़े सप्लायर्स एवं उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों लोगों को भारी भीड़ के कारण हॉल के बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि अंदर कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

यह आयोजन सूरत के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जो अब इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा न केवल सूरत में, बल्कि देश के बड़े-बड़े शहरों में भी खूब हो रही है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूरत के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच तक पहुँचाना, साथ ही उन प्रतिष्ठित व्यापारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से सूरत के व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।

कल सूरत शहर में “बिजनेस आइकॉन ऑफ द ईयर 2025” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन सूरत के प्रतिष्ठित अवध उटोपिया स्थित मेरीगोल्ड हॉल में किया गया।

आयोजन की शुरुआत बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्टार कलाकार अमन वर्मा एवं लाफ्टर कॉमेडी शो से लोकप्रिय हुए गौरव शर्मा ने अपने शानदार संचालन से की, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार रहे—श्री शेष देवपुजारी जी (आरएसएस), गोवर्धन साड़ी सेंटर (कानपुर), दीनदयाल जालान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड (वाराणसी), राजा राम एंड संस (जौनपुर), चावला साड़ी डिपो (नागपुर), सुंदर साड़ी लहंगा एंड साड़ी (बैरागढ़), दुर्गे साड़ी (बैरागढ़), वंदना साड़ी (उज्जैन), अनिल जैन (सेक्रेटरी – कानपुर कपड़ा कमेटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बनीं बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री भाग्यश्री, जिन्हें उनकी पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया” के लिए आज भी देशभर में अपार स्नेह मिलता है।

अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष — आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत (AKAS) ने सूरत शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को सम्मानित किया।सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप सेलक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, एप्पल लाइफस्टाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, तनु फैशन, अजमेरा फैशन लिमिटेड, वसंत गजेरा, इन्नाया बाय लिजा, श्री गणेश कृपा पॉली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, केसरिया टेक्सटाइल कंपनी, मां कृपा ट्रेंड्ज प्राइवेट लिमिटेड, जे. पी. अग्रवाल (रचना ग्रुप), बाबूलाल मित्तल (समाजसेवी), डी. खुशालभाई ज्वैलर्स, कयान प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सतवचन साड़ी, एम. पी. फैब प्राइवेट लिमिटेड, बंसल ट्रेडिंग सहित अनेक बड़े सप्लायर्स एवं उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों लोगों को भारी भीड़ के कारण हॉल के बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि अंदर कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

यह आयोजन सूरत के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जो अब इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा न केवल सूरत में, बल्कि देश के बड़े-बड़े शहरों में भी खूब हो रही है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूरत के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच तक पहुँचाना, साथ ही उन प्रतिष्ठित व्यापारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से सूरत के व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।

वेसू स्थित बाल आश्रम के बच्चों के साथ मनाई सालगिरह, सीएसआर के तहत खुशियां बांटने की सराहनीय पहलसूरत। डुमस रोड स्थित बी.आर. मॉल के समीप संचालित बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे ने अपनी पहली वर्षगांठ 24 दिसंबर 2025 को एक सराहनीय सामाजिक पहल के साथ मनाई। इस अवसर पर विश्व जागृति मिशन द्वारा संचालित बाल आश्रम (अनाथालय), वेसू, सूरत के बच्चों और स्टाफ को विशेष रूप से आमंत्रित किया।

रेस्टोरेन्ट की संचालिका अर्कना दत्ता ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत बाल आश्रम से आए बच्चों के माल्यार्पण और आत्मीय स्वागत के साथ हुई। इसके बाद सभी ने एक साथ भोजन किया। बच्चों द्वारा की गई शास्त्रोक्त प्रार्थना से पूरा वातावरण भक्तिमय और भावनात्मक हो गया।रेस्टोरेन्ट के संचालक अभिषेक दास ने बताया कि बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे का उद्देश्य केवल व्यवसाय तक सीमित न रहकर समाज को सकारात्मक रूप से कुछ लौटाना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद वर्ग के लोगों के साथ जुड़कर उनके जीवन में खुशियां बांटना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। इसी सोच के तहत सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत बाल आश्रम के बच्चों के साथ समय बिताने और उनकी खुशियों में सहभागी बनने का निर्णय लिया गया।

कल्याणी दास ने बताया कि रेस्टोरेन्ट की पहली वर्षगांठ के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष रूप से स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही उनके मनोरंजन के लिए विभिन्न रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया और बच्चों को उपहार भी भेंट किए गए। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना और उनके साथ यादगार पल साझा करना रहा। बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे की यह पहल समाज के प्रति संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण मानी जा रही है।

सूरत। देश के कपड़ा उद्योग से जुड़े बड़े व्यापारी अब एक ही मंच पर सम्मानित होंगे। आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन (AKAS) सूरत पहली बार देश में “बिज़नेस आइकॉन अवॉर्ड ऑफ द ईयर – 2025” का आयोजन करने जा रही है। यह कार्यक्रम कपड़ा व्यापार में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कारोबारियों को सम्मानित करने का एक बड़ा मंच बनने जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यह अवॉर्ड समारोह व्यापारियों के लिए “बूस्टर एनर्जी” का काम करेगा।

इस सम्मान समारोह में बॉलीवुड अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ ही आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत के अध्यक्ष प्रहलाद जी अग्रवाल पुरस्कार प्रदान करेंगे। बताया जा रहा है कि देशभर के प्रमुख कपड़ा कारोबारी इस आयोजन से जुड़ने वाले हैं।

65 वर्ष पुरानी आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत, कपड़ा व्यापार जगत की सबसे प्राचीन संस्थाओं में से एक है। इससे देशभर के फैब्रिक संगठन, एजेंट और आढ़तिया जुड़े हुए हैं। पिछले तीन वर्षों में AKAS ने व्यापार सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं—चाहे पेमेंट से जुड़े विवाद हों या उद्योग की प्रगति को लेकर कार्य, संस्था लगातार सक्रिय रही है। इसी कड़ी में व्यापारियों को प्रोत्साहित करने और उद्योग को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से यह अवॉर्ड कार्यक्रम आयोजित हो रहा है।

सूरत का कपड़ा उद्योग देश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब माना जाता है। यहां रोजाना लगभग 3.5 करोड़ रुपए के कच्चे माल का उत्पादन होता है। शहर में 350 से अधिक प्रोसेस हाउस, करीब 350 कपड़ा मिलें, लगभग 1.5 लाख एंब्रॉयडरी यूनिट्स, और 1.5 लाख से अधिक लूम्स व मशीनें कार्यरत हैं। पूरा उद्योग मिलकर करीब 68,000 करोड़ रुपए का वार्षिक कारोबार करता है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइट आधारित व्यापार के कारण सूरत देशभर में फैब्रिक ट्रेडिंग का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

इन्हीं उपलब्धियों और उद्योग की प्रगति को देखते हुए आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन ने ‘बिज़नेस आइकॉन अवॉर्ड ऑफ द ईयर–2025’ का आयोजन कर कारोबारियों को नए उत्साह के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने का निर्णय लिया है।

सरकार द्वारा पॉलिएस्टर यार्न से बीआईएस अनिवार्यता हटाने के बावजूद विवर्स की परेशानी अभी समाप्त नहीं हुई है। बाजार में पॉलिएस्टर यार्न अभी भी बढ़ी हुई कीमतों पर ही उपलब्ध है। यार्न उत्पादक पुराने सौदों पर कम कीमत लागू करने को तैयार नहीं हैं, जबकि बीम साइजर्स भी कीमतों में कमी नहीं कर रहे। इसके चलते बड़ी संख्या में विवर्स को महंगे रेट पर ही यार्न खरीदना पड़ रहा है।

---यार्न उत्पादकों पर मनमानी कीमत बढ़ाने का आरोप

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने कपड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पॉलिएस्टर यार्न पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) का क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर लागू किया था। इसके चलते विदेश से आने वाले यार्न पर रोक लग गई और कई उत्पादकों ने मौके का फायदा उठाकर कीमतें बढ़ा दीं। विवर्स का कहना है कि कुछ यार्न उत्पादकों ने परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए मनमानी ढंग से दाम बढ़ाए।

---नियम हटने के बाद भी लाभ नहीं पहुंचा

कुछ दिनों पहले केंद्र सरकार ने उद्योग के हित में इस कोड को वापस ले लिया था, ताकि कीमतें सामान्य हो सकें। लेकिन इसका लाभ विवर्स तक अभी तक नहीं पहुंच पाया है। जानकारी के अनुसार:यार्न उत्पादक नए सौदे नई कीमत पर कर रहे हैं,लेकिन पुराने सौदों पर अभी भी बढ़ी हुई कीमत ही वसूल रहे हैं।बीम साइजर्स भी कीमतों में कमी करने के लिए तैयार नहीं हैं और पुराने रेट पर ही काम जारी है।इन परिस्थितियों में केंद्र सरकार की मंशा के बावजूद विवर्स को यथोचित लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उद्योग जगत में नाराजगी बनी हुई है।


सूरत
नेचुरल हीरो के लिए देश-विदेश में विख्यात सूरत का हीरा उद्योग अब लैबग्रोन डायमंड में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है।जहां नेचुरल डायमंड का कारोबार औसतन सवा लाख करोड़ के करीब पहुंचा है,वहीं लैबग्रोन डायमंड में भी व्यापार की बढ़ती संभावना के बीच इसका टर्नओवर 11000 करोड़ के करीब पहुंच गया है।
---नेचुरल डायमंड, 2000 डायमंड यूनिट और 5 लाख लोगों को रोजगार

सूरत में नेचुरल डायमंड की बात करें तो यहां पर 2000 के करीब छोटे-बड़े हीरो के कारखाने हैं। इसमें ज्यादातर कारखानो में जॉबवर्क का काम किया जाता है। मतलब की बड़े हीरा उद्यमियों से रफ हीरे लेकर उन्हें तराशने का काम किया जाता है। सूरत के हीरा उद्यमी रूस, जिंबॉब्वे, दक्षिण अफ्रीका तथा कनाडा से रफ हीरो का आयात करते हैं। हालांकि जाना की बीते कुछ वर्षों से रूस के हीरो पर प्रतिबंध लगा दिए जाने के कारण उद्यमी नए विकल्प तलाश रहे हैं। सूरत में नेचुरल डायमंड पर लगभग 5 लाख लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। बीते 2 साल से हीरा उद्योग में भयंकर मंदी के चलते कारोबारी परेशान हैं। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आने के बाद कट और पॉलिश्ड हीरो पर 50% तक टैरिफ लगा दिए जाने के चलते नेचुरल डायमंड का कारोबार संकट में आ गया है।सूरत के हीरा उद्योग के लिए अमेरिका चीन और हांगकांग बड़े ग्राहक हैं। यहां पर 70% तक हीरे निर्यात किए जाते हैं।

--लेबग्रोन ने संभाला लड़खडाते हीरा उद्योग को
लेबग्रोन डायमंड की बात करें तो कुछ वर्षों पहले तक लेबग्रोन डायमंड का नाम सुनते ही हीरा उद्यमी नाक सिकोड़ने लगते थे लेकिन बीते 45 वर्षों से लेबग्रोन डायमंड सूरत के हीरा उद्योग के लिए नया सहारा बनकर उभरा है। हीरा उद्यमियों और संगठनों के सतत प्रयास के बाद अब लेबग्रोन डायमंड को नई पहचान मिली है। सूरत में 1000 से अधिक लेबग्रोन डायमंड रिएक्टर कार्यरत हो चुके हैं। वहीं दूसरी ओर 500 से 700 के करीब लैबग्रोन डायमंड यूनिट शुरू हो चुके हैं। इनमें जॉब वर्क किया जाता है। लेबग्रोन डायमंड का उत्पादन करने वाले भी 20 से अधिक बड़े हीरा यूनिट शुरू हो चुके हैं। हीरा उद्योग जो कि इन दिनों भयानक मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में हीरा श्रमिकों के लिए लेबग्रोन डायमंड आशीर्वाद बनकर उभरा है। नेचुरल डायमंड का उत्पादन करने वाले हीरा उद्यमी भी लेबग्रोन का उत्पादन करने लगे हैं। नेचुरल डायमंड की अपेक्षा लेबग्रोनन डायमंड की कीमत बहुत कम होने के कारण इसमें पूंजी भी कम लगती है और हीरा श्रमिकों को रोजगार भी मिल जाता है।इसलिए वर्तमान समय में लेबग्रोन डायमंड सूरत के लिए ऑक्सीजन बन गया है। 2 लाख के करीब हीरा श्रमिकों को लैबग्रोन डायमंड से रोजी-रोटी मिल रही है।


बीते 5 सालों में हीरो का एक्सपोर्ट
वर्ष---------नेचुरल------ लेब्रग्रोन
2020-21___120302___5175
2021-22____180618___9764
2022-23-----176696---13466
2023-24___132128___11611

2024-25---112410---10716

दिवाली के बाद कारोबार बढ़ने की आशा
सूरत डायमंड संगठन में 4000 से अधिक डायमंड यूनिट रजिस्टर्ड है। बीते दिनों लेब्रग्रोन डायमंड का कारोबार अच्छा रहा। दिवाली के बाद हीरो का कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है।
जगदीश खूंट, प्रमुख, सूरत डायमंड एसोसिएशन

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने अपनी रिसर्च शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के आधार पर देशभर के 60 प्रमुख वितरण केंद्रों — जिनमें सभी राज्यों की राजधानियाँ एवं टियर-2 और टियर-3 शहर शामिल हैं — पर आधारित विस्तृत “दिवाली त्यौहार बिक्री 2025 पर रिसर्च रिपोर्ट” जारी की है।रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष दिवाली पर देशभर में कुल बिक्री ₹6.05 लाख करोड़ तक पहुँची, जिसमें ₹5.40 लाख करोड़ का वस्तु व्यापार और ₹65 हज़ार करोड़ का सेवा व्यापार शामिल है — जो अब तक का देश के व्यापार इतिहास का सबसे बड़ा त्योहारी कारोबार है।

दिल्ली के चांदनी चौक के सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि रिपोर्ट यह दर्शाती है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जीएसटी दरों में राहत और स्वदेशी अपनाने के “मजबूत ब्रांड एंबेसडर” के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को अभूतपूर्व रूप से प्रेरित किया है।श्री खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का “वोकल फॉर लोकल” और “स्वदेशी दिवाली” का आह्वान जनता के बीच गहराई से गूँजा — 87% उपभोक्ताओं ने भारतीय वस्तुओं को विदेशी वस्तुओं के मुकाबले प्राथमिकता दी, जिससे चीनी उत्पादों की मांग में तेज गिरावट दर्ज की गई। व्यापारियों ने बताया कि भारतीय निर्मित वस्तुओं की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 25% बढ़ी है।उन्होंने बताया कि दिवाली 2025 के आंकड़े पिछले वर्ष (₹4.25 लाख करोड़) की तुलना में 25% की वृद्धि दर्शाते हैं। मुख्य रूप से गैर-कारपोरेट एवं पारंपरिक बाजारों ने कुल व्यापार में 85% योगदान दिया, जो भारतीय खुदरा बाजारों और छोटे व्यापारियों की शानदार वापसी को रेखांकित करता है।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी. भारतीया ने बताया कि प्रमुख त्योहारी वस्तुओं के क्षेत्रवार बिक्री प्रतिशत इस प्रकार रहा:किराना एवं एफएमसीजी 12%, सोना–चाँदी 10%, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स 8%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 7%, रेडीमेड परिधान 7%, गिफ्ट आइटम 7%, होम डेकोर 5%, फर्निशिंग एवं फर्नीचर 5%, मिठाई एवं नमकीन 5%, वस्त्र 4%, पूजन सामग्री 3%, फल एवं मेवे 3%, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी 3%, फुटवियर 2%, तथा अन्य विविध वस्तुएँ 19% शामिल हैं उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र में भी भारी वृद्धि दर्ज हुई और इसमें ₹65,000 करोड़ का व्यापार हुआ।

पैकेजिंग, हॉस्पिटैलिटी, टैक्सी सेवाएँ, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट, टेंट एवं सजावट, मैनपावर और डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व गतिविधि रही, जिससे त्योहारी अर्थव्यवस्था के दायरे का विस्तार हुआ।श्री खंडेलवाल ने कहा कि GST दरों का तर्कसंगठन (rationalisation) उपभोक्ता मांग को बढ़ावा देने में बेहद प्रभावी सिद्ध हुआ है। सर्वे में शामिल 72% व्यापारियों ने माना कि उनके अधिक बिक्री का सीधा कारण जीएसटी दरों में कटौती रही है। उपभोक्ताओं ने भी मूल्य स्थिरता से संतुष्टि व्यक्त की, जिससे त्योहारी खर्च में निरंतरता बनी रही।दोनों नेताओं ने कहा कि व्यापारी और उपभोक्ता भावना पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर पर हैं।ट्रेडर कॉन्फिडेंस इंडेक्स (TCI): 8.6/10 तथा कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स (CCI): 8.4/10 के स्तर पर है।उनका मानना है कि उपभोग में यह वृद्धि दीर्घकालिक रूप से स्थायी है, जो नियंत्रित मुद्रास्फीति, बढ़ती आय, और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर विश्वास से प्रेरित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह उत्साहपूर्ण स्थिति सर्दियों, विवाह सीजन और जनवरी के मध्य से शुरू होने वाले अगले त्योहारी दौर तक जारी रहेगी।

रोजगार एवं आर्थिक प्रभाव पर बोलते हुए श्री खंडेलवाल ने बताया कि गैर-कारपोरेट एवं गैर-कृषि क्षेत्र, जिसमें 9 करोड़ छोटे व्यापारी और लाखों विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, आज भी भारत की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन हैं। दिवाली 2025 के व्यापार से 50 लाख अस्थायी रोजगार सृजित हुए हैं। ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों ने कुल व्यापार में 28% योगदान दिया, जो महानगरों से परे आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमाण है।श्री खंडेलवाल ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर सरकार को कई सुझाव दिए गए हैं जिसमें छोटे व्यापारियों एवं निर्माताओं के लिए जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल किया जाए और क्रेडिट तक पहुंच आसान की जाए वहीं टियर 2 एवं टियर 3 शहरों में लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग हब विकसित किए जाएँ।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर बाजारों का डिजिटलीकरण किया जाए और इसके लिए बैंक कमीशन को समाप्त किया जाए। शहरी बाजारों में यातायात, पार्किंग और अतिक्रमण प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाए।स्वदेशी” अभियान को सरकार और व्यापार जगत के संयुक्त प्रयास से निरंतर प्रोत्साहित किया जाए।“यह वर्ष की दिवाली ऐतिहासिक रही जो समृद्धि, राष्ट्रवाद और आर्थिक आत्मविश्वास का पर्व,” ऐसा कहते हुए श्री खंडेलवाल ने कहा की “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का खुदरा व्यापार क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बन चुका है — जो परंपरा, तकनीक और विश्वास का संगम प्रस्तुत करता है,”

इस सीज़न दोहरे अंकों में उच्च बढ़ोतरी का अनुमानएक्सक्लुज़िव ऑफर्स और अपनी तरह के अनूठे परचेज़ प्लान के साथ साड़ी खरीदने का सपना करें साकार टाटा की ओर से महिलाओं के एथनिक वियर ब्राण्ड तनाएरा ने अपने फेस्टिव कलेक्शन ‘मियाराः क्राफ्टेड बाय हैण्ड, रूटेड इन प्योरिटी’ लॉन्च किया है। आज की महिलाओं के लिए पेश की गई यह हस्तनिर्मित रेंज पारम्परिक कारीगरी और आधुनिक डिज़ाइनों का बेहतरीन संयोजन है, जिसके डिज़ाइन इसे सबसे खास बनाते हैं। विभिन्न बुनकर परम्पराओं के सिल्क और कॉटन से बनी यह रेंज हर पल का जश्न मनाने के लिए डिज़ाइन की गई है, फिर चाहे आप इसे खुद पहनना चाहते हैं या अपने किसी प्रिय को उपहार में देना चाहते हैं।त्योहारों के उत्साह को बढ़ाते हुए तनाएरा का नया कैंपेन ‘द गिफ्ट ऑफ प्योर लव’ फेस्टिव सीज़न में साड़ी के प्रति महिलाओं के लगाव का जश्न मनाता है। यह कैंपेन उपहार देने की खुशी को उजागर करते हुए हमें याद दिलाता है कि किस तरह तोहफे़ में दी गई तनाएरा साड़ी प्यार के साथ-साथ दुर्लभ एवं अमूल्य भावनाओं को सम्मान देती है।

आखिरकार, शुद्धता ही प्यार का सच्चा मापदंड है। क्योंकि ‘सच्चा प्यार सिर्फ दिखता नहीं बल्कि महसूस होता है’। हर खरीद को यादगार बनाने के लिए ब्राण्ड स्पेशल फेस्टिव ऑफर्स भी लेकर आई है, जिसके तहत उपभोक्ता गिफ्ट वाउचर्स और गोल्ड कॉयन्स का लाभ उठा सकते हैं। हर रु. 10000 की खरीद पर उपभोक्ताओं को रु 1000 का वाउचर मिलेगा, जिसे अगली खरीद पर रीडीम किया जा सकता है, इसी तरह रु 50,000 की खरीददारी करने वाले उपभोक्ताओं को 0.2 ग्राम का तनिष्क का सोने का सिक्का दिया जाएगा। यह लिमिडेट पीरियड ऑफर 20 अक्टूबर 2025 तक वैलिड है। इस दायरे से आगे बढ़कर तनाएरा ‘गोल्डन कोकून’ परचेज़ प्लान भी लेकर आई है, जिसके ज़रिए उपभोक्ता आने वाले समय में अपने सपनों की साड़ी खरीदने का सपना साकार कर सकते हैं।बुधवार को घोड़ दौड़ रोड स्थित काकड़िया काम्प्लेक्स के पीछे इस लॉन्च पर बात करते हुए आनंद श्रीनिवास, सीनियर मार्केटिंग मैनेजर, तनाएरा ने कहा, ‘‘इस सीज़न हम बहुमुखी साड़ियों में अभिव्यक्त कल्पना और विरासत के प्रतिबिंब के रूप में मियारा का लॉन्च कर रहे हैं। तनाएरा में हमारा मानना है कि साड़ी सिर्फ पहनी नहीं बल्कि महसूस की जाती है। यह उत्सव के जश्न को सच्चे प्यार की अभिव्यक्ति में बदल देती है- यह भावना हमारे फेस्टिव कैंपेन ‘द गिफ्ट ऑफ प्योर लव’ में दिखाई देती है।

अपने एक्सक्लुज़िव ऑफर्स और ‘गोल्डन कोकून’ प्लान के साथ हम इस सीज़न तनाएरा साड़ी को उपभोक्ताओं के लिए सबसे बेहतरीन चुनाव बनाना चाहते हैं। मार्केट के मजबूत रूझानों को देखते हुए हमें त्योहारों के इस सीज़न दो अंकों में बढ़ोतरी का अनुमान है।’मियारा के साथ अपने त्योहार के जश्न को खास बनाएं, जिसकी शुरूआती कीमत रु 6499 है, और इसे उपहार में देने और संजोकर रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हस्तनिर्मित साड़ियां का नया अनुभव पाने के लिए विज़िट करें तनाएरा शोरूम, काकड़िया कॉम्प्लेक्स, ऑफ़ – घोड़ डोड रोड, सूरत।