कल सूरत शहर में “बिजनेस आइकॉन ऑफ द ईयर 2025” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन सूरत के प्रतिष्ठित अवध उटोपिया स्थित मेरीगोल्ड हॉल में किया गया

आयोजन की शुरुआत बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्टार कलाकार अमन वर्मा एवं लाफ्टर कॉमेडी शो से लोकप्रिय हुए गौरव शर्मा ने अपने शानदार संचालन से की, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार रहे—श्री शेष देवपुजारी जी (आरएसएस), गोवर्धन साड़ी सेंटर (कानपुर), दीनदयाल जालान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड (वाराणसी), राजा राम एंड संस (जौनपुर), चावला साड़ी डिपो (नागपुर), सुंदर साड़ी लहंगा एंड साड़ी (बैरागढ़), दुर्गे साड़ी (बैरागढ़), वंदना साड़ी (उज्जैन), अनिल जैन (सेक्रेटरी – कानपुर कपड़ा कमेटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बनीं बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री भाग्यश्री, जिन्हें उनकी पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया” के लिए आज भी देशभर में अपार स्नेह मिलता है।
अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष — आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत (AKAS) ने सूरत शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को सम्मानित किया।सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप सेलक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, एप्पल लाइफस्टाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, तनु फैशन, अजमेरा फैशन लिमिटेड, वसंत गजेरा, इन्नाया बाय लिजा, श्री गणेश कृपा पॉली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, केसरिया टेक्सटाइल कंपनी, मां कृपा ट्रेंड्ज प्राइवेट लिमिटेड, जे. पी. अग्रवाल (रचना ग्रुप), बाबूलाल मित्तल (समाजसेवी), डी. खुशालभाई ज्वैलर्स, कयान प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सतवचन साड़ी, एम. पी. फैब प्राइवेट लिमिटेड, बंसल ट्रेडिंग सहित अनेक बड़े सप्लायर्स एवं उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों लोगों को भारी भीड़ के कारण हॉल के बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि अंदर कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
यह आयोजन सूरत के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जो अब इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा न केवल सूरत में, बल्कि देश के बड़े-बड़े शहरों में भी खूब हो रही है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूरत के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच तक पहुँचाना, साथ ही उन प्रतिष्ठित व्यापारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से सूरत के व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
कल सूरत शहर में “बिजनेस आइकॉन ऑफ द ईयर 2025” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन सूरत के प्रतिष्ठित अवध उटोपिया स्थित मेरीगोल्ड हॉल में किया गया।
आयोजन की शुरुआत बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्टार कलाकार अमन वर्मा एवं लाफ्टर कॉमेडी शो से लोकप्रिय हुए गौरव शर्मा ने अपने शानदार संचालन से की, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार रहे—श्री शेष देवपुजारी जी (आरएसएस), गोवर्धन साड़ी सेंटर (कानपुर), दीनदयाल जालान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड (वाराणसी), राजा राम एंड संस (जौनपुर), चावला साड़ी डिपो (नागपुर), सुंदर साड़ी लहंगा एंड साड़ी (बैरागढ़), दुर्गे साड़ी (बैरागढ़), वंदना साड़ी (उज्जैन), अनिल जैन (सेक्रेटरी – कानपुर कपड़ा कमेटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बनीं बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री भाग्यश्री, जिन्हें उनकी पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया” के लिए आज भी देशभर में अपार स्नेह मिलता है।
अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष — आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत (AKAS) ने सूरत शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को सम्मानित किया।सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप सेलक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, एप्पल लाइफस्टाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, तनु फैशन, अजमेरा फैशन लिमिटेड, वसंत गजेरा, इन्नाया बाय लिजा, श्री गणेश कृपा पॉली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, केसरिया टेक्सटाइल कंपनी, मां कृपा ट्रेंड्ज प्राइवेट लिमिटेड, जे. पी. अग्रवाल (रचना ग्रुप), बाबूलाल मित्तल (समाजसेवी), डी. खुशालभाई ज्वैलर्स, कयान प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सतवचन साड़ी, एम. पी. फैब प्राइवेट लिमिटेड, बंसल ट्रेडिंग सहित अनेक बड़े सप्लायर्स एवं उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों लोगों को भारी भीड़ के कारण हॉल के बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि अंदर कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
यह आयोजन सूरत के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जो अब इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा न केवल सूरत में, बल्कि देश के बड़े-बड़े शहरों में भी खूब हो रही है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूरत के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच तक पहुँचाना, साथ ही उन प्रतिष्ठित व्यापारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से सूरत के व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
वेसू स्थित बाल आश्रम के बच्चों के साथ मनाई सालगिरह, सीएसआर के तहत खुशियां बांटने की सराहनीय पहलसूरत। डुमस रोड स्थित बी.आर. मॉल के समीप संचालित बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे ने अपनी पहली वर्षगांठ 24 दिसंबर 2025 को एक सराहनीय सामाजिक पहल के साथ मनाई। इस अवसर पर विश्व जागृति मिशन द्वारा संचालित बाल आश्रम (अनाथालय), वेसू, सूरत के बच्चों और स्टाफ को विशेष रूप से आमंत्रित किया।

रेस्टोरेन्ट की संचालिका अर्कना दत्ता ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत बाल आश्रम से आए बच्चों के माल्यार्पण और आत्मीय स्वागत के साथ हुई। इसके बाद सभी ने एक साथ भोजन किया। बच्चों द्वारा की गई शास्त्रोक्त प्रार्थना से पूरा वातावरण भक्तिमय और भावनात्मक हो गया।रेस्टोरेन्ट के संचालक अभिषेक दास ने बताया कि बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे का उद्देश्य केवल व्यवसाय तक सीमित न रहकर समाज को सकारात्मक रूप से कुछ लौटाना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद वर्ग के लोगों के साथ जुड़कर उनके जीवन में खुशियां बांटना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। इसी सोच के तहत सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत बाल आश्रम के बच्चों के साथ समय बिताने और उनकी खुशियों में सहभागी बनने का निर्णय लिया गया।
कल्याणी दास ने बताया कि रेस्टोरेन्ट की पहली वर्षगांठ के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष रूप से स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही उनके मनोरंजन के लिए विभिन्न रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया और बच्चों को उपहार भी भेंट किए गए। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना और उनके साथ यादगार पल साझा करना रहा। बोनजई मल्टीक्यूजीन रेस्टोरेन्ट एंड कैफे की यह पहल समाज के प्रति संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण मानी जा रही है।
सूरतसिल्क सिटी सूरत की पहचान कहे जाने वाले कपड़ा उद्योग में बढ़ते जा रही श्रमिकों की कमी ने कपड़ा उद्यमियों को नए विकल्प तलाशने के लिए मजबूर कर दिया है। सूरत में हर साल बड़ी संख्या में कपड़ा उद्योग में से लोग बाहर जा रहे हैं जबकि इतनी गति से नए लोग नहीं जुड़ रहे हैं। इसके चलते अब सूरत के कपड़ा उद्यमियों ने प्रशिक्षण केंद्र बनाने तथा दक्षिण गुजरात के आसपास के क्षेत्र में से कुशल श्रमिकों को लाकर ट्रेनिंग देने की शुरुआत की है। कपड़ा उद्योग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सूरत में 6 लाख मशीन है। इनमें डेढ़ लाख के करीब हाईटेक मशीने हैं। 350 प्रोसेसिंग यूनिट है और 2 लाख के करीब एंब्रॉयडरी मशीन है।इसके अलावा कपड़ा बाजार की बात करें तो 200 के करीब कपड़ा मार्केट है। इनमें एक लाख से अधिक दुकानें हैं।
प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष ढंग से सूरत के कपड़ा कारोबार से 20 लाख लोगों को रोजगार मिलता है। 10 साल पहले की बात करें तो सूरत के कपड़ा उद्योग में नौकरी के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उड़ीसा आदि राज्यों से बड़े पैमाने पर लोग नौकरी के लिए आते थे लेकिन बीते कुछ वर्षों से नया युवा वर्ग नौकरी में आने के लिए ज्यादा उत्सुक नहीं दिख रहा। कई राज्यों में चल रही नरेगा योजना के कारण लोग वहीं रुक जाते हैं और कुछ लोग अपना ही छोटा-मोटा कारोबार शुरू करके रोजगार के अवसर बना लेते हैं। इसलिए सूरत के कपड़ा उद्योग में श्रमिकों की कमी शुरू हो गई है।-
-25 से 30% श्रमिकों की कमी से जूझ रहा उद्योग
कपड़ा उद्यमियों का कहना है कि वर्तमान समय में कपड़ा उद्योग में 20 लाख लोग जुड़े हैं जबकि अभी भी 20 से 25% तक श्रमिकों की कमी है। दिवाली और होली जैसे त्योहारों के समय पर यह कमी बढ़कर 50% तक हो जाती है। उन दिनों तो कारखाने भी बंद करने की नौबत आ जाती है। इस स्थिति को समझते हुए कपड़ा वह जमीनों ने इसके विकल्प की तलाश शुरू कर दी है। हाल में ही चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। जिसमें कि इस पर चर्चा की गई। कई कपड़ा उद्योगों ने इस मामले की गंभीरता को समझने के लिए स्किल्ड केंद्र बनने पर भी जोड़ दिया। ---
----ग्रामीणों को ट्रेनिंग देने की शुरुआत
दक्षिण गुजरात में बड़े पैमाने पर ग्रामीण लोग रहते हैं जो कि छोटा-मोटा काम करके आजीविका चला रहे हैं। उन लोगों को गांव से लाकर ट्रेनिंग देने की भी शुरुआत की गई है। इसके अवेज में उन्हें पर्याप्त स्टाइपेड और भी दिया जाता है। इन्हें ट्रेनिंग देने का मुख्य उद्देश्य कपड़ा उद्योग में बढ़ रही श्रमिकों की कमी को रोकना है। इसके अलावा महिलाओं को भी धीरे-धीरे कपड़ा उद्योग में लाने के लिए भी प्रयास शुरू किए गए हैं। हाल में भी कई बड़े उद्योगों ने उनके यूनिटों में महिलाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था की है लेकिन महिलाएं 24 घंटे तक सुरक्षा के साथ नौकरी कर सके इसलिए भी प्रयास जारी किए गए हैं।
चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ने शुरू की कवायतचें
बर ऑफ कॉमर्स तथा जीएफआरआरसी कपड़ा उद्योग में श्रमिकों की घटती संख्या को गंभीरता से लेते हुए इस दिशा पर काम शुरू किया है। चेंबर ऑफ कॉमर्स ने स्किल्स केंद्र के माध्यम से लोगों को प्रशिक्षित कर कपड़ा उद्योग से जोड़ने के लिए भी कवायत शुरू की है। कपड़ा उद्योग में स्कील्ड लेबर आने से एक और जहां उत्पादन बढ़ेगा वहीं नए लोग आने से श्रमिकों की कमी भी नहीं खुलेगी। गिरधर गोपाल मुंदडा,कपड़ा उद्यमी
सूरत के वेसू क्षेत्र में शुक्रवार सवेरे एक अपार्टमेंट में आग लगने के कारण हड़कंप मच गया।आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम घटना स्थल पर पहुंची और तुरंत आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार राहुल राजमॉल के नजदीक हैप्पी एन्थिया बिल्डिंग में शुक्रवार सवेरे 7:00 बजे के करीब आग लगने की जानकारी फायर ब्रिगेड को दी गई। इस जानकारी के बाद से तुरंत ही दमकल विभाग के जवान घटना स्थल पर पहुंच गए और आज पर काबू पाने के लिए प्रयास शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेज लगी थी कि दूर-दूर तक धुआं फैलने लगा। इसके कारण नजदीक के क्षेत्र में भय का माहौल फैल गया।
फिलहाल जानकारी मिलने तक आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है।दमकल विभाग की कई टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। कुछ घंटे बाद आग पर काबू पा लिया जाएगा ऐसा बताया जा रहा है।
सूरत पीडियाट्रिक एसोसिएशन चैरिटेबल ट्रस्ट, एडोलसेंट हेल्थ एकेडमी (AHA), सूरत, अशुतोष हॉस्पिटल, बबल्स और रोटरी सूरत रिवरसाइड के सहयोग से मेगा मल्टीस्पेशलिटी हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप विशेष रूप से डाउन सिंड्रोम से प्रभावित बच्चों के संपूर्ण स्वास्थ्य मूल्यांकन और देखभाल के लिए समर्पित था।इस विशेष चिकित्सा शिविर में वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने भाग लिया और लगभग 40 बच्चों की गहन स्वास्थ्य जांच की गई। बच्चों को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के लिए स्क्रीनिंग कर विशेषज्ञों द्वारा उचित परामर्श दिया गया।
⸻🔹 डाउन सिंड्रोम: समझें इसका महत्व
डाउन सिंड्रोम एक अनुवांशिक विकार है, जिसमें 21वें क्रोमोसोम की एक अतिरिक्त कॉपी पाई जाती है। यह लगभग 700 में से 1 बच्चे को प्रभावित करता है। सूरत में करीब 400 डाउन सिंड्रोम से प्रभावित बच्चों का एक विशेष सपोर्ट ग्रुप ‘हमसफ़र सूरत’ कार्यरत है, जहाँ माता-पिता एक-दूसरे को सहयोग देते हैं और बच्चों की विशेष प्रतिभाओं को निखारने में मदद करते हैं।ये बच्चे अपनी कला, संगीत, खेल और अन्य कौशलों में बेहद प्रतिभाशाली होते हैं, जिन्हें सही मार्गदर्शन और सहयोग देकर आगे बढ़ाया जा सकता है।
⸻🔹 कैंप में पहचानी गई स्वास्थ्य समस्याएँचिकित्सकों ने इस कैंप के दौरान कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाया और इनके समय पर उपचार और सतत देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया:
✅ थायरॉयड समस्याएँ – कई बच्चों में थायरॉयड असंतुलन पाया गया, जिसके लिए नियमित जाँच और उपचार आवश्यक है।
✅ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पाचन संबंधी) समस्याएँ – कुछ बच्चों में अपच, एसिडिटी और पोषण की कमी देखी गई।
✅ हृदय संबंधी समस्याएँ – बच्चों की पैदाइशी हृदय बीमारियों की पहचान के लिए विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा जांच की गई।
✅ ऑर्थोपेडिक (हड्डी एवं जोड़) समस्याएँ – बच्चों की मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी तकलीफों को जांचा गया।
✅ ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) – बच्चों में नींद के दौरान साँस रुकने की समस्या की पहचान की गई, जिसके लिए स्लीप स्टडी की सिफारिश की गई।
✅ मोटापा और पोषण संबंधी समस्याएँ – माता-पिता को संतुलित आहार, सही पोषण और व्यायाम के महत्व पर मार्गदर्शन दिया गया।
⸻🩺 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमइस कैंप में विभिन्न विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएँ दीं:
डॉ. अर्शिमा चौधरी सहेतिया – पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ
डॉ. उन्नति परमार – डर्मेटोलॉजिस्टडॉ. प्राची करिया शाह – पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजिस्ट
डॉ. रितेश सुखारामवाला – पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट
डॉ. स्नेहल पटेल – पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट
डॉ. फगुन शाह – पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट
डॉ. अंकित परमार – पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजिस्ट
डॉ. सजन अग्रवाल – पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. नितिन जैन – पीडियाट्रिक ऑप्थल्मोलॉजिस्ट
डॉ. पार्थ शाह – पीडियाट्रिक डेंटिस्ट
डॉ. प्रशांत नाइक – पैथोलॉजिस्ट
⸻ निदान और रोकथाम: माता-पिता के लिए सुझावविशेषज्ञों ने समय पर जाँच और सतत निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया। माता-पिता को निम्नलिखित बातों पर ध्यान देने की सलाह दी गई: थायरॉयड और हृदय की नियमित जाँच – समय पर निदान से जटिलताओं को रोका जा सकता है।
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य – संतुलित आहार और सही पोषण महत्वपूर्ण है।
स्लीप एपनिया के लिए स्लीप स्टडी – सही समय पर निदान और उपचार से बच्चे की नींद और स्वास्थ्य में सुधार होगा। व्यायाम और आहार संतुलन –
मोटापे से बचाव के लिए माता-पिता को सही पोषण और फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान देना होग!
कैंप के आयोजक एवं नेतृत्वइस कैंप का आयोजन सफलतापूर्वक निम्नलिखित वरिष्ठ डॉक्टरों और संगठनों के सहयोग से किया गया
:डॉ. फगुन शाह – अध्यक्ष, SPACT
डॉ. दीपा पटेल – चेयरपर्सन,
AHA डॉ. राजीव राय चौधरी – चेयरमैन एवं मुख्य ऑर्थोपेडिक सर्जन
डॉ. अश्विनी शाह – मान. सचिव, SPACT & AHA
डॉ. प्रशांत करिया – CIAP EB सदस्य,
कैंप इंचार्ज मेघना सुराना – प्रतिनिधि, बबल्सइसके अलावा, राष्ट्रीय IAP 2025 टीम के सहयोग से: डॉ. वसंत एम. खलातकर – अध्यक्ष डॉ. जी. वी. बसवराज – IMM पूर्व अध्यक्ष डॉ. नीलम मोहन – अध्यक्ष-चयनितडॉ. योगेश एन. पारिख – मान. सचिव जनरल डॉ. अतनु भद्रा – कोषाध्यक्ष,।
सूरत आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार को शहर के वेसू क्षेत्र स्थित बिल्डर के यहां शुरू की जांच करवाई शुक्रवार भी देर रात तक जारी रही। पांच स्थानों पर शुरू की गई जाती कार्रवाई में डिपार्टमेंट को बड़े पैमाने पर दस्तावेज मिले हैं।जांच के बाद बड़े रकम की टैक्स चोरी मिलने की संभावना बताई जा रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आयकर विभाग को मिली गुप्त जानकारी के आधार पर शुक्रवार सवेरे से ही वेसू क्षेत्र स्थित बिल्डर के घर,कार्यालय और प्रोजेक्ट सहित कुल 5 स्थान पर छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि बिल्डर ने कुछ दिनों पहले ही बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी आदि की थी। इस बारे में डिपार्टमेंट को जानकारी मिली थी। जिसे लेकर जांच की जा रही है। डिपार्टमेंट को अभी तक सभी स्थानों पर से बड़े पैमाने पर आर्थिक सौदो से संबंधित कागजात मिल रहे हैं। इनकी जांच के बाद ही डिपार्मेंट किसी निर्णय पर पहुंचेगा।उल्लेखनीय है कि लंबे समय के बाद सर्च की कार्रवाई शुरू की है। इसके कारण आसपास के बिल्डर में भी हड़कंप मचा हुआ है।बताया जा रहा है कि इनसे जुड़े अन्य लोगों पर भी आगामी दिनों में जांच के जा सकती है।
कुछ दिनों पहले ही दक्षिण गुजरात में वापी और वलसाड में भी बिल्डर के यहां सच की कार्रवाई की गई थी।यहां से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की गुंजाइश है। वापी और वलसाड के बाद सूरत में भी बिल्डर के यहां जांच के चलते रियल एस्टेट सेक्टर में भय का माहौल है। आयकर विभाग के पास अलग-अलग माध्यमों से कर चोरी करने वाले कई लोगों की जानकारी मिल रही है।पर्याप्त जांच-पड़ताल के बाद आयकर विभाग उनके यहां भी दस्तक दे सकता है।--
सूरत आयकर विभाग की डीआई विंग ने लंबे समय के बाद छापेमारी की कार्यवाही की है। डिपार्टमेंट ने वेसू क्षेत्र के एक बिल्डर के चार प्रोजेक्ट पर एक साथ जांच शुरू की है। देर रात तक जांच की कार्रवाई में बड़े पैमाने पर दस्तावेज जप्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि डिपार्टमेंट को यहां से बड़े पैमाने पर कर चोरी मिलने की संभावना नजर आ रही है।
आयकर विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आयकर विभाग की डीआई विंग में गुरुवार सवेरे से ही वेसू क्षेत्र में एक बिल्डर के यहां जांच कार्रवाई शुरू की। जांच में डिपार्टमेंट में बिल्डर के घर कार्यालय तथा चार प्रोजेक्ट पर भी छापा मारा है। बिल्डर ने बीते दिनों बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी थी जो की डिपार्टमेंट की नजर में आने के बाद यह जांच करवाई की जा रही है।इसके अलावा कई आर्थिक जानकारी भी डिपार्टमेंट से छुपाई जाने के आशंका के चलते आयकर विभाग ने यहां जांच शुरू की है।
उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग की टीम ने लंबे समय के बाद सर्च की कार्रवाई की है। आयकर विभाग की जांच के चलते स्थानीय क्षेत्र में बिल्डरों में हड़कंप फैल गया है।
सूरत बीते साल राजकोट में गेमजोन में आग लगने के कारण कई लोगों की जल जाने से मौत हो गई थी।इस घटना के बाद सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए राज्य भर में फायर ब्रिगेड संबंधित नियमों में कई सुधार किया। फायर डिपार्टमेंट ने भी इस मामले के बाद कई नए परिवर्तन किए। इसी दौरान राज्य भर के तमाम कॉर्पोरेशन और नगर पालिका में फायर प्रिवेंशन विंग की रचना भी की गई। जिसका काम आग लगने की घटना काम की जा सके इस पर काम करना था। इसके लिए अलग से स्टाफ भी रखे जाने का प्रावधान किया गया था।
सूरत में फायर प्रिवेंशन विंग के अंतर्गत 51 स्टाफ की नियुक्ति करने का फैसला किया गया था लेकिन अभी तक फायर प्रिवेंशन विंग में स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते यह विभाग सिर्फ नाम का ही बनकर रह गया है।फायर डिपार्टमेंट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल सूरत के फायर डिपार्टमेंट में 175 स्टाफ की कमी है। नियम के अनुसार फायर डिपार्टमेंट के लिए 1530 स्टाफ नियुक्त किए गए हैं। अलग-अलग कैटेगरी में कर्मचारी की कमी है। इनमें सबसे अधिक फायर प्रिवेंशन विंग के स्टाफ की कमी है। बल्कि ऐसा भी कह सकते हैं कि अभी तक इस प्रिवेंशन विंग में एक भी नियुक्ति ही नहीं की गई। पालिका के सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में प्रिवेंशन विंग लिए स्टाफ की भर्ती की जाएगी लेकिन अभी कुछ औपचारिकता बाकी है। जैसे की स्टैंडिंग कमेटी में इस पर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही अन्य प्रक्रियाओं के बाद भर्ती की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सूरत शहर में बड़े पैमाने पर उद्योग होने के कारण आग की घटनाएं आए दिनों बनते रहती है। हाल में ही शिवशक्ति मार्केट में आग लगने के कारण फायर डिपार्टमेंट को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा था और 36 घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सूरत फायर डिपार्टमेंट के लिए नई टेक्नोलॉजी वाली मशीन और स्टाफ पर्याप्त स्टाफ दोनों ही बहुत जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए पालिका ने बजट में भी कई प्रावधान किए हैं।
मनपाआगामी दिनों में सूरत में नए चार फायर स्टेशन भी शुरू करने की कवायत जारी है।साथ ही 100 मीटर से अधिक का हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मशीन भी विदेश से खरीदा जाएगा।पालिका की ओर से बीते दिनों भी विदेश से मशीन मंगाई गई थी जो की हायराइज बिल्डिंग में आग लगने पर तुरंत ही काबू पाने के लिए उपयोग में ले जाएंगे। साथ ही ऊंचाई पर लगी आग को रियल टाइम ऑनलाइन देखा जा सके इसलिए ड्रोन भी खरीदा जाएगा ।ताकि वहां की स्थिति का अनुमान लगाकर वहां पहुंचना है इसका अंदाज लगाया जा सके।
सूरत
हीरा उद्योग में वर्तमान मंदी की स्थिति के कारण हीरा श्रमिकों की हालत लाचार हो गई है। बड़ी संख्यामें हीरा श्रमिकों की नौकरी चली गई है तो कई हीरा श्रमिकों ने रोटी के लिए नया रास्ता ढूंढ लिया है। लाचार हो चुके हीरा श्रमिकों की स्थिति को लेकर राज्य सरकार से संगठनों की ओर से गुहार लगाई जा रही है। ऐसे में राज्य सरकार ने हीरा श्रमिकों की स्थिति की सुध ली है और मंगलवार को राज्य भर में से कई हीरा संगठनों की अग्रणियों से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें आगामी दिनों में हीरा श्रमिकों की मदद के लिए ठोस कदम उठाया जाएगा यह आश्वासन भी दिया।
हीरा उद्योग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सूरत कट और पॉलिश्ड हीरो का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। 90% डायमंड सूरत में बने होते हैं। इसके अलावा सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात और अहमदाबाद आदि शहर में भी कट और पॉलिश्ड हीरो का काम बड़े पैमाने पर होता है लेकिन बीते 50 साल के इतिहास में देखा जाए तो इन दोनों सबसे अधिक मंदी का दौर है। ढाई वर्ष से विकराल मंदी के कारण हीरा श्रमिकों की आर्थिक स्थिति लचर हो गई है। इसके चलते कई हीरा श्रमिकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है तो कई हीरा श्रमिकों ने गुजरात चलाने के लिए छोटा-मोटा रोजगार का नया रास्ता ढूंढ़ निकाला है। दिवाली के बाद से सूरत के कई हीरा कारखाने अभी भी पूर्ण रूप से नहीं शुरू हो सके हैं। वेकेशन पर गांव गए कई हीरा श्रमिक अभी तक नहीं लौट कर आए हैं। इस स्थिति को देखते हुए हीरा उद्योग से जुड़े कई संगठनों ने राज्य सरकार से मदद के लिए गुहार लगाई थी।
इस दौरान मंगलवार को राज्य के शिक्षण मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया, इंडियन डायमंड इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष दिनेश नावडिया तथा विसनगर डायमंड एसोसिएशन के प्रमुख इश्वर प्रजापति सहित हीरा उद्योग के कई अग्रणियों ने राज्य के सीएम भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की हीरा उद्योग के अग्रणियों ने हीरा उद्योग की स्थिति के बारे में मंत्री से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें इस बारे में तुरंत ही कदम उठाने का आश्वासन दिया। इंडियन डायमंड इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष दिनेश नावडिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हीरा उद्यमियों के साथ मीटिंग में सकारात्मक प्रतिशत दिया है। उन्होंने कहा की हीरा श्रमिकों को मदद देने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। आगामी दो दिनों में हीरा श्रमिकों की मदद के लिए एक्शन प्लान तैयार कर दिया जाएगा।