पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच जहां वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ी हैं, वहीं भारत की आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में मजबूत, स्थिर और पूरी तरह सक्षम बनी हुई है—यह बात कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कही।कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं दिल्ली से सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि भारत सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि देश में आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और वस्तुओं की उपलब्धता या वितरण को लेकर किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है।

केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सक्रिय निगरानी तंत्र और मजबूत समन्वय के कारण आपूर्ति श्रृंखला निर्बाध रूप से संचालित हो रही है। *कैट गुजरात के चेयरमैन श्री प्रमोद भगत* ने बताया कि कैट ने देशभर के व्यापारियों को सलाह दी है कि वे वस्तुओं की आपूर्ति को सुचारू और निरंतर बनाए रखें, किसी भी प्रकार की घबराहट से बचें और सामान्य व्यापारिक गतिविधियां जारी रखें। साथ ही व्यापारियों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।श्री खंडेलवाल और श्री भगत दोनों ने उन तत्वों की कड़ी निंदा की, जो आवश्यक वस्तुओं की कमी को लेकर अफवाहें और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राष्ट्रीय हित के विरुद्ध हैं। बाजार में घबराहट फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।श्री खंडेलवाल ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है।

विविध स्रोतों से आपूर्ति, बेहतर लॉजिस्टिक्स अवसंरचना, उन्नत डिजिटल निगरानी प्रणाली और बढ़ी हुई घरेलू उत्पादन क्षमता ने देश को और सशक्त बनाया है। आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर और आपूर्ति श्रृंखला के डिजिटलीकरण तथा अवसंरचना विकास जैसे कदमों ने व्यापार और वाणिज्य की मजबूती को और बढ़ाया है।दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि भारत के रणनीतिक भंडार, कुशल बंदरगाह संचालन और सुव्यवस्थित परिवहन नेटवर्क यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी बाहरी व्यवधान का घरेलू बाजारों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।श्री खंडेलवाल ने आश्वस्त किया कि देश का व्यापारिक समुदाय मूल्य स्थिरता बनाए रखने, वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और देशभर में निर्बाध आपूर्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उन्होंने आगे कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती और आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन एक बार फिर यह दर्शाता है कि देश वैश्विक अनिश्चितताओं का प्रभावी ढंग से सामना करने और अपने नागरिकों एवं व्यापारिक समुदाय के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है।

लॉजिस्टिक लागत पर लगेगा अंकुश: प्रवीन खंडेलवाल*सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी में की गई महत्वपूर्ण कटौती का स्वागत करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय संकट के समय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का देश की जनता के हित में एक अत्यंत सराहनीय कदम बताया है।उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के बीच प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह निर्णय आम जनता को राहत देने तथा आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है। सरकार द्वारा पेट्रोल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी को ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर तथा डीजल पर ₹10 से घटाकर शून्य कर दिया जाना न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहतकारी है, बल्कि इससे परिवहन एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।

श्री खंडेलवाल ने विशेष रूप से कहा कि इस निर्णय का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव लॉजिस्टिक लागत पर पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता आने से परिवहन खर्च में वृद्धि पर अंकुश लगेगा, जिससे वस्तुओं की ढुलाई लागत नियंत्रित रहेगी और बाजार में कीमतों के अनावश्यक बढ़ने पर रोक लगेगी। इसका सीधा लाभ देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को मिलेगा, क्योंकि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें संतुलित बनी रहेंगी।उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट के इस दौर में सरकार के सामने यह चुनौती थी कि या तो खुदरा कीमतों में वृद्धि होने दी जाए या फिर स्वयं वित्तीय भार वहन किया जाए।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए दूसरा विकल्प चुना, जो कि एक संवेदनशील और जनकल्याणकारी निर्णय है।श्री खंडेलवाल ने कहा कि देश का व्यापारिक समुदाय इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस राहत का लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे तथा किसी भी प्रकार से आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो । उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम देश के आम नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान करेगा तथा अर्थव्यवस्था को स्थिर और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

सूरत के एम्ब्रॉयडरी कारखाने में आग के बाद धमाका; 11 मजदूरों का रेस्क्यूसूरत शहर के कापोद्रा इलाके में गुरुवार (19 मार्च) तड़के एक बड़ी दुर्घटना सामने आई। रचना सर्कल के पास भरतनगर स्थित एक औद्योगिक इकाई में अचानक आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान अंदर रखे गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो गया। इस हादसे में 2 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य लोग घायल हुए हैं।

फायर विभाग को सुबह करीब 5:30 बजे आग लगने की सूचना मिली। जानकारी के अनुसार, मारुति चौक के पास स्थित एक एम्ब्रॉयडरी कारखाने में आग लगी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए शहर के चार अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।फायर विभाग के अनुसार, टीम के पहुंचने से पहले ही इमारत में रखे LPG सिलेंडर में धमाका हो चुका था, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुल 8 सिलेंडर मौके पर मौजूद थे, जिनमें से 2 सिलेंडर फट गए, जबकि बाकी 6 सिलेंडर सुरक्षित बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिए गए।हादसे के दौरान कारखाने में फंसे 11 मजदूरों को फायर टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


सूरत,
पांडेसरा स्थित लक्ष्मीपति मिल परिसर में मंगलवार को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सुबह करीब नौ बजे से शुरू हुए इस शिविर में दिनभर रक्तदाताओं का उत्साह देखने को मिला। लक्ष्मीपति ग्रुप के डायरेक्टर संजय सरावगी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस शिविर में कुल 221 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया, जो कि एक सराहनीय उपलब्धि है।


उन्होंने बताया कि रक्तदान जैसे पुनीत कार्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।
इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सा टीम द्वारा सभी रक्तदाताओं की पहले स्वास्थ्य जांच की गई, ताकि सुरक्षित और स्वस्थ रक्तदान सुनिश्चित किया जा सके। शिविर में किरण हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने पूरी व्यवस्था संभाली और रक्त संग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से पूरा किया।


लक्ष्मीपति ग्रुप की ओर से रक्तदाताओं के सम्मान में विशेष व्यवस्था की गई थी। सभी रक्तदाताओं को उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया, साथ ही उनके लिए अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई थी।
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके और समाज में सेवा भावना को बढ़ावा मिले।

कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चाँदनी चौक से सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि आगामी होली के अवसर पर इस वर्ष देशभर में लगभग 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान का व्यापक प्रभाव बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

इस बार होली के अवसर पर भारतीय निर्मित हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारियां, गुब्बारे, चंदन, पूजन सामग्री, परिधान तथा अन्य स्वदेशी उत्पादों की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है, जबकि वर्ष 2021 से पहले बाजारों में चीनी सामान का वर्चस्व हुआ करता था।होली से संबंधित वस्तुओं के अलावा मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम, फूल-फल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, एफएमसीजी उत्पादों तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की भी बाजारों में भारी मांग देखी जा रही है। होली खेलने के लिए सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, सलवार-सूट तथा “हैप्पी होली” लिखी टी-शर्ट भी बड़ी संख्या में खरीदी जा रही हैं।कैट के अनुमान के अनुसार केवल दिल्ली में ही लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने की संभावना है। शहर के थोक और खुदरा बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियों, गुजिया की मालाओं और ड्राई फ्रूट पैकों से सजे हुए हैं तथा दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मिठाई की दुकानों पर भी विशेष रूप से होली की पारंपरिक मिठाई Gujiya की बिक्री में बड़ा उछाल आया है।

श्री खंडेलवाल ने बताया कि देशभर में होली मिलन समारोह बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली में ही विभिन्न व्यापारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा 3000 से अधिक होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके चलते बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक पार्क लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं।उन्होंने बताया कि दिल्ली में होलिका दहन 3 मार्च को होगा और रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी।

इस वर्ष लोग केमिकल रंगों की बजाय हर्बल और प्राकृतिक रंगों को अधिक पसंद कर रहे हैं। वहीं बच्चों में स्पाइडर -मैन और छोटा भीम जैसे लोकप्रिय पात्रों वाली पिचकारियों का विशेष आकर्षण देखा जा रहा है।श्री खंडेलवाल ने कहा कि भारत में त्योहार केवल सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव ही नहीं होते बल्कि वे आर्थिक गतिविधियों को भी गति देते हैं। इस वर्ष की होली देशभर के व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, छोटे व्यापारियों, कुटीर उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी तथा स्वदेशी व्यापार को और मजबूती प्रदान करेगी।

भारत में आज फूड ब्रांड्स की कोई कमी नहीं है। हर दिन नए नाम सामने आते हैं और हर ब्रांड खुद को अलग साबित करने की कोशिश करता है। लेकिन बहुत कम ऐसे ब्रांड होते हैं जिनकी कहानी सिर्फ पैकेजिंग या प्रचार तक सीमित न रहकर सीधे लोगों की ज़िंदगी से जुड़ती हो।ग्रामीण चटोर ऐसा ही एक नाम है, जिसने स्वाद के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थिरता, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास लाने का काम किया है।ग्रामीण चटोर की शुरुआत राजेश गुप्ता ने एक साधारण लेकिन दूरदर्शी सोच के साथ की थी। उनका मानना था कि व्यवसाय केवल मुनाफा कमाने का जरिया नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम भी बन सकता है। इसी सोच के साथ इस पहल की नींव रखी गई।मिथिला की परंपरा से निकला असली स्वादग्रामीण चटोर के उत्पाद मिथिला क्षेत्र की पारंपरिक रेसिपी और घरेलू तरीकों से तैयार किए जाते हैं। हर प्रक्रिया में समय, धैर्य और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। न तो जल्दबाज़ी होती है और न ही गुणवत्ता से कोई समझौता।यही वजह है कि इन उत्पादों का स्वाद लोगों को अपने बचपन और पुराने दिनों की याद दिलाता है। यह सिर्फ खाने का स्वाद नहीं, बल्कि भरोसे और अपनापन का एहसास है।

वेबसाइट: https://grameenchator.com/महिलाओं की कमाई से घरों में आई स्थिरताआज ग्रामीण चटोर से 25 से अधिक महिलाएँ जुड़ी हुई हैं और नियमित रूप से कार्य कर रही हैं। इनमें से कई महिलाओं के लिए यह पहला मौका है जब उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिला है।इस आमदनी से:घर का खर्च चलता हैबच्चों की पढ़ाई संभव हुई हैपरिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिली हैकई घरों में यह आय अब अतिरिक्त नहीं, बल्कि मुख्य सहारा बन चुकी है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे अब परिवार के निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।काम के साथ सम्मान और भरोसे का माहौलग्रामीण चटोर में महिलाओं को केवल काम ही नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक कार्यस्थल भी मिलता है। वे उत्पादन, पैकेजिंग और गुणवत्ता जांच जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालती हैं।

संस्थापक राजेश गुप्ता का मानना है कि जब किसी महिला को सम्मान और अवसर मिलता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।आगे बढ़ने की ज़िम्मेदार सोचग्रामीण चटोर आने वाले समय में अपने कार्य का विस्तार करने की योजना बना रहा है। लक्ष्य है कि भविष्य में 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।यह विस्तार सिर्फ व्यापार बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।

हमारे बारे में: https://grameenchator.com/about-us/संस्थापक की बातराजेश गुप्ता कहते हैं,“ग्रामीण चटोर मेरे लिए सिर्फ एक व्यवसाय नहीं है। यह उन महिलाओं की मेहनत और भरोसे का परिणाम है, जिनकी कमाई से आज उनके घर सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”

सूरत। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले सूरत के टेक्सटाइल वीविंग उद्योग ने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। नायलॉन वीवर्स एसोसिएशन सूरत, वेडरोड वीवर्स एसोसिएशन और सच्चिन इंडस्ट्रियल सोसायटी से जुड़े वीवर्स संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन को ज्ञापन भेजकर आग्रह किया है कि आयातित नायलॉन यार्न पर मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस (MIP) या एंटी डंपिंग ड्यूटी (ADD) जैसी कोई नई व्यवस्था लागू न की जाए।

वीवर्स संगठनों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और घटती अंतरराष्ट्रीय मांग के चलते भारतीय टेक्सटाइल उद्योग पहले से ही दबाव में है। टेक्सटाइल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कपड़ा निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि घरेलू बाजार में भी मांग कमजोर बनी हुई है। इस स्थिति का सीधा असर टेक्सटाइल हब सूरत पर पड़ा है, जहां कई यूनिटें सप्ताह में केवल चार दिन ही संचालित हो पा रही हैं।उद्योग पर नकारात्मक असर की आशंकावीवर्स का मानना है कि यदि बजट में आयातित नायलॉन यार्न पर MIP या एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया गया, तो इससे वीविंग सेक्टर की लागत बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होगी।

खासकर छोटे और मध्यम स्तर की यूनिटों के लिए उत्पादन जारी रखना मुश्किल हो सकता है, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ने की आशंका है।घरेलू आपूर्ति क्षमता पर सवालसंगठनों ने यह भी कहा है कि घरेलू नायलॉन स्पिनर्स फिलहाल उद्योग की कुल मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। इसके अलावा, हाई-स्पीड और आधुनिक मशीनों के लिए जिस स्तर की गुणवत्ता वाले यार्न की आवश्यकता होती है, वह भी घरेलू स्तर पर सीमित मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में आयात पर किसी भी प्रकार की अतिरिक्त बाधा से सप्लाई चेन प्रभावित होने का खतरा है।प्रोत्साहन योजना की मांगवीवर्स संगठनों ने सरकार से यह भी अपेक्षा जताई है कि मौजूदा मंदी के माहौल को देखते हुए बजट 2026-27 में टेक्सटाइल वीविंग उद्योग के लिए कोई राहत या प्रोत्साहन योजना घोषित की जाए, ताकि लाखों लोगों को रोजगार देने वाला यह क्षेत्र स्थिरता की ओर बढ़ सके।

सूरत : इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग सीज़न 3 का आगाज शुक्रवार से 9 जनवरी से शुरू होगा भारत का प्रीमियर T10 टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट, 6 फरवरी तक लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम में खेले जाएंगे 44 मुकाबले, आठ टीमें लेंगी हिस्सासूरत। क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) सीज़न 3 का आगाज़ शुक्रवार से सूरत में होने जा रहा है।

गुजरात के प्रमुख शहरों में शामिल सूरत, जहां खेलों के प्रति गहरा जुनून देखने को मिलता है, अब भारत के प्रीमियर T10 टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट के तीसरे सीज़न की मेज़बानी करेगा। तेज़-तर्रार मुकाबलों, उभरते खिलाड़ियों और रोमांचक माहौल के लिए मशहूर ISPL, सूरत के क्रिकेट फैंस को एक महीने तक चलने वाले क्रिकेट महोत्सव का अनुभव देगा।लीग के सूरत आगमन को लेकर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें ISPL लीग कमिश्नर और कोर कमेटी सदस्य सूरज समत, सूरत डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव डॉ. नैमेश के. देसाई और ISPL के प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) दीपक चौहान मौजूद रहे। उन्होंने टूर्नामेंट से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं और ISPL सीज़न 3 के होस्ट शहर के रूप में सूरत की भूमिका को रेखांकित किया।ISPL सीज़न 3 का आयोजन 9 जनवरी से 6 फरवरी तक लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम में किया जाएगा, जहां कुल 44 रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे। इस सीज़न में कुल आठ टीमें भाग लेंगी, जिनमें डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई, टाइगर्स ऑफ कोलकाता, श्रीनगर के वीर, चेन्नई सिंगम्स, बेंगलुरु स्ट्राइकर्स, फाल्कन राइजर्स हैदराबाद, दिल्ली सुपर हीरोज़ और अहमदाबाद लायंस शामिल हैं।

खास बात यह है कि इन टीमों की को-ओनरशिप देश की कई जानी-मानी फिल्मी हस्तियों के पास है, जिससे लीग की लोकप्रियता और बढ़ गई है।इस सीज़न में अभिषेक दलहोर, सैफ अली, विजय पावले, जगन्नाथ सरकार और अंकुर सिंह जैसे कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी भी नज़र आएंगे, जो अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित करने के लिए तैयार हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस में लीग कमिश्नर सूरज समत ने कहा कि सूरत का स्पोर्टिंग कल्चर और यहां के जोशीले फैंस ISPL सीज़न 3 के लिए इसे एक स्वाभाविक पसंद बनाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पिछले सीज़न की तरह इस बार भी लीग से नए और उच्च गुणवत्ता वाले खिलाड़ी सामने आएंगे।सूरत डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव डॉ. नैमेश के. देसाई ने कहा कि लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम में ISPL सीज़न 3 की मेज़बानी करना सूरत के लिए गर्व की बात है। यह लीग न केवल दर्शकों को एक अनोखा क्रिकेट अनुभव देगी, बल्कि उभरते खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगी।ISPL के प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) दीपक चौहान ने बताया कि सूरत में फैंस को बेहतरीन और किफायती अनुभव देने पर खास ध्यान दिया गया है। टिकटों की शुरुआती कीमत सिर्फ रु.99 रखी गई है, ताकि हर वर्ग का दर्शक इस रोमांच का हिस्सा बन सके।

टिकट BookMyShow पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जबकि ऑफलाइन टिकट स्टेडियम के गेट नंबर 1 पर रोज़ दोपहर 12 बजे से मिलेंगे। टिकट ‘डे पास’ के रूप में होंगे, जिससे दर्शक एक दिन में होने वाले सभी मैच देख सकेंगे।ISPL की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसकी कोर कमेटी में सचिन तेंदुलकर, आशीष शेलार, मीनल अमोल काले और सूरज समत जैसे नाम शामिल हैं, जो लीग को मज़बूत नेतृत्व और स्पष्ट विज़न प्रदान कर रहे हैं।सीज़न 3 का उद्घाटन मुकाबला माज़ी मुंबई और श्रीनगर के वीर के बीच खेला जाएगा। मैच से पहले शाम 5:30 बजे एक भव्य ओपनिंग सेरेमनी आयोजित होगी, जो पूरे सीज़न का माहौल बनाएगी।ISPL ने इस बार 6 करोड़ रुपये के प्राइज़ फंड की घोषणा की है। विजेता टीम को 2 करोड़ रुपये, जबकि उपविजेता टीम को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं, ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ (MVP) को एक बिल्कुल नई पोर्श 911 कार से सम्मानित किया जाएगा। तेज़ क्रिकेट, किफायती टिकट और लाइव मैच-डे अनुभव के साथ ISPL सीज़न 3 सूरत के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार पल लेकर आने के लिए पूरी तरह तैयार है।------------------------------------

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ता भारत का व्यापार”नए वर्ष की पूर्व संध्या पर दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद एवं कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि वर्ष 2025 के समापन के साथ भारत पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने व्यापार, अर्थव्यवस्था और उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में हुई निरंतर प्रगति पर दृष्टि डाल रहा है, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में संभव हुई है।

उन्होंने कहा कि बीता हुआ वर्ष नीतिगत स्थिरता, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस सुधारों, डिजिटल एवं भौतिक अवसंरचना के विस्तार, तथा घरेलू विनिर्माण और निर्यात को लक्षित समर्थन के लिए उल्लेखनीय रहा। आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और डिजिटल इंडिया जैसी प्रमुख पहलों ने व्यापारियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाया है, जिससे वे घरेलू और वैश्विक बाजारों में प्रभावी प्रतिस्पर्धा कर पा रहे हैं।वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत के व्यापार क्षेत्र ने उल्लेखनीय मजबूती और लचीलापन प्रदर्शित किया। कर सुधारों, लॉजिस्टिक्स में सुधार, अनुपालन प्रक्रियाओं के सरलीकरण और ऋण तक बेहतर पहुँच ने विशेष रूप से छोटे व्यापारियों के बीच विश्वास को मजबूत किया है।

वर्ष 2026 की ओर देखते हुए, गुजरात CAIT चेरमेन श्री प्रमोद भगत* ने कहा कि व्यापार जगत नई आशा, विश्वास और आत्मविश्वास के साथ नए वर्ष में प्रवेश कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकास को और गति देने, निर्यात को सशक्त बनाने, विनिर्माण क्षमताओं को गहराने तथा 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।उन्होंने दोहराया कि व्यापार समुदाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास रखता है और सरकार के साथ साझेदारी में एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से सम्मानित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

कल सूरत शहर में “बिजनेस आइकॉन ऑफ द ईयर 2025” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन सूरत के प्रतिष्ठित अवध उटोपिया स्थित मेरीगोल्ड हॉल में किया गया

आयोजन की शुरुआत बॉलीवुड के प्रसिद्ध स्टार कलाकार अमन वर्मा एवं लाफ्टर कॉमेडी शो से लोकप्रिय हुए गौरव शर्मा ने अपने शानदार संचालन से की, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार रहे—श्री शेष देवपुजारी जी (आरएसएस), गोवर्धन साड़ी सेंटर (कानपुर), दीनदयाल जालान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड (वाराणसी), राजा राम एंड संस (जौनपुर), चावला साड़ी डिपो (नागपुर), सुंदर साड़ी लहंगा एंड साड़ी (बैरागढ़), दुर्गे साड़ी (बैरागढ़), वंदना साड़ी (उज्जैन), अनिल जैन (सेक्रेटरी – कानपुर कपड़ा कमेटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बनीं बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री भाग्यश्री, जिन्हें उनकी पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया” के लिए आज भी देशभर में अपार स्नेह मिलता है।

अभिनेत्री भाग्यश्री के साथ प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष — आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत (AKAS) ने सूरत शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को सम्मानित किया।सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप सेलक्ष्मीपति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, एप्पल लाइफस्टाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, तनु फैशन, अजमेरा फैशन लिमिटेड, वसंत गजेरा, इन्नाया बाय लिजा, श्री गणेश कृपा पॉली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, केसरिया टेक्सटाइल कंपनी, मां कृपा ट्रेंड्ज प्राइवेट लिमिटेड, जे. पी. अग्रवाल (रचना ग्रुप), बाबूलाल मित्तल (समाजसेवी), डी. खुशालभाई ज्वैलर्स, कयान प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, सतवचन साड़ी, एम. पी. फैब प्राइवेट लिमिटेड, बंसल ट्रेडिंग सहित अनेक बड़े सप्लायर्स एवं उद्योगपति शामिल रहे।कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों लोगों को भारी भीड़ के कारण हॉल के बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि अंदर कार्यक्रम को देखने के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

यह आयोजन सूरत के इतिहास में पहली बार इतने भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जो अब इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा न केवल सूरत में, बल्कि देश के बड़े-बड़े शहरों में भी खूब हो रही है।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूरत के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच तक पहुँचाना, साथ ही उन प्रतिष्ठित व्यापारियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से सूरत के व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।