सूरत। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले सूरत के टेक्सटाइल वीविंग उद्योग ने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। नायलॉन वीवर्स एसोसिएशन सूरत, वेडरोड वीवर्स एसोसिएशन और सच्चिन इंडस्ट्रियल सोसायटी से जुड़े वीवर्स संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन को ज्ञापन भेजकर आग्रह किया है कि आयातित नायलॉन यार्न पर मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस (MIP) या एंटी डंपिंग ड्यूटी (ADD) जैसी कोई नई व्यवस्था लागू न की जाए।
वीवर्स संगठनों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और घटती अंतरराष्ट्रीय मांग के चलते भारतीय टेक्सटाइल उद्योग पहले से ही दबाव में है। टेक्सटाइल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कपड़ा निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि घरेलू बाजार में भी मांग कमजोर बनी हुई है। इस स्थिति का सीधा असर टेक्सटाइल हब सूरत पर पड़ा है, जहां कई यूनिटें सप्ताह में केवल चार दिन ही संचालित हो पा रही हैं।उद्योग पर नकारात्मक असर की आशंकावीवर्स का मानना है कि यदि बजट में आयातित नायलॉन यार्न पर MIP या एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया गया, तो इससे वीविंग सेक्टर की लागत बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होगी।
खासकर छोटे और मध्यम स्तर की यूनिटों के लिए उत्पादन जारी रखना मुश्किल हो सकता है, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ने की आशंका है।घरेलू आपूर्ति क्षमता पर सवालसंगठनों ने यह भी कहा है कि घरेलू नायलॉन स्पिनर्स फिलहाल उद्योग की कुल मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। इसके अलावा, हाई-स्पीड और आधुनिक मशीनों के लिए जिस स्तर की गुणवत्ता वाले यार्न की आवश्यकता होती है, वह भी घरेलू स्तर पर सीमित मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में आयात पर किसी भी प्रकार की अतिरिक्त बाधा से सप्लाई चेन प्रभावित होने का खतरा है।प्रोत्साहन योजना की मांगवीवर्स संगठनों ने सरकार से यह भी अपेक्षा जताई है कि मौजूदा मंदी के माहौल को देखते हुए बजट 2026-27 में टेक्सटाइल वीविंग उद्योग के लिए कोई राहत या प्रोत्साहन योजना घोषित की जाए, ताकि लाखों लोगों को रोजगार देने वाला यह क्षेत्र स्थिरता की ओर बढ़ सके।
• ‘ऊर्जा दक्षता इनोवेशन’ – इंडस्ट्री श्रेणी में ‘बेस्ट इनोवेटर अवॉर्ड’ से सम्मानित
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू एवं माननीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा पुरस्कार प्रदान
• हजीरा स्थित स्टील मेकिंग प्लांट-2 (CONARC) परियोजना को फर्नेस की विद्युत ऊर्जा खपत में 10% कमी लाने के लिए सम्मानित किया गया
• प्रति वर्ष 56,400 MWh से अधिक ऊर्जा की बचत एवं 41,700 टन CO₂ उत्सर्जन में कमी
• भारत के 2070 नेट-ज़ीरो लक्ष्यों के अनुरूप AM/NS India की प्रतिबद्धता को मजबूती
हजीरा-सूरत, दिसंबर 17, 2025: आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) को विद्युत मंत्रालय द्वारा आयोजित एवं ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) द्वारा क्रियान्वित नेशनल एनर्जी कंज़र्वेशन अवॉर्ड्स (NECA) 2025 में प्रतिष्ठित ‘बेस्ट इनोवेटर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।
यह पुरस्कार रविवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू एवं माननीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
AM/NS India की ओर से यह पुरस्कार श्री बैजू मसरानी, चीफ – हॉट मेटल डिलीवरी, हजीरा ने ग्रहण किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस 2025 भी मनाया गया।
NECA भारत में ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान है, जिसके अंतर्गत इनोवेशन सहित कुल सात श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संगठनों को सम्मानित किया जाता है। AM/NS India को उसके हजीरा प्लांट स्थित स्टील मेकिंग प्लांट-2 (SMP-2) परियोजना के लिए ऊर्जा दक्षता इनोवेशन – इंडस्ट्री श्रेणी में चयनित किया गया।
यह पुरस्कार स्टील उत्पादन में डीकार्बनाइजेशन और परिचालन नवाचार के माध्यम से नए मानक स्थापित करने की AM/NS India की क्षमता को मान्यता देता है। यह कंपनी के ‘Smarter Steels, Brighter Futures’ उद्देश्य के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है और टिकाऊ समाधान उपलब्ध कराता है।
पुरस्कार-विजेता परियोजना: स्टील मेकिंग प्लांट-2 (SMP-2):
SMP-2 CONARC (कन्वर्टर + आर्क) फर्नेस की दक्षता में सुधार पर केंद्रित है, जो इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) और बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (BOF) तकनीक का उन्नत संयोजन है। यह प्रणाली हॉट मेटल, डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI) और स्क्रैप के उपयोग से स्टील उत्पादन में सहायक होती है। चूंकि आर्क को निरंतर बनाए रखने के लिए लगातार विद्युत आपूर्ति आवश्यक होती है, इसलिए यह प्रक्रिया अत्यधिक ऊर्जा-खपत वाली होती है।
AM/NS India ने इलेक्ट्रोड रेगुलेशन सिस्टम (ERS) में उन्नत प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) लॉजिक और ऑटो आर्क लेंथ कंट्रोल को शामिल किया, जिससे आर्क की लंबाई रियल-टाइम में नियंत्रित होने लगी और इलेक्ट्रोड की स्थिति में सुधार हुआ। इसके परिणामस्वरूप फर्नेस अधिक स्थिर रूप से संचालित हुआ और विद्युत ऊर्जा खपत में 10% की कमी दर्ज की गई, जिससे ऊर्जा उपयोग और CO₂ उत्सर्जन में उल्लेखनीय गिरावट आई।
परियोजना से प्राप्त प्रमुख परिणाम:
• प्रति वर्ष 56,400 मेगावाट-घंटे से अधिक ऊर्जा की बचत, जो हजारों घरों को एक वर्ष तक बिजली उपलब्ध कराने के बराबर है
• प्रति वर्ष 41,700 टन CO₂ उत्सर्जन में कमी, जो लगभग 10,000 कारों के वार्षिक उत्सर्जन के समकक्ष है
• टर्नअराउंड समय घटने से फर्नेस की उत्पादन क्षमता में 2% वृद्धि हुई
यह उपलब्धि AM/NS India के दीर्घकालिक डीकार्बनाइजेशन लक्ष्यों और भारत के 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है। CO₂ उत्सर्जन में कमी, ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग और सतत प्रक्रियाओं को अपनाकर, कंपनी भारत के जलवायु संरक्षण लक्ष्यों में योगदान दे रही है और वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
NECA 2025 का ‘बेस्ट इनोवेटर अवॉर्ड’ इस परियोजना के लिए प्राप्त मान्यता, AM/NS India की औद्योगिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह पर्यावरणीय जिम्मेदारी, तकनीकी प्रगति और सतत विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है तथा पूरी AM/NS India टीम को ऊर्जा दक्षता और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
सूरत
नेचुरल हीरो के लिए देश-विदेश में विख्यात सूरत का हीरा उद्योग अब लैबग्रोन डायमंड में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है।जहां नेचुरल डायमंड का कारोबार औसतन सवा लाख करोड़ के करीब पहुंचा है,वहीं लैबग्रोन डायमंड में भी व्यापार की बढ़ती संभावना के बीच इसका टर्नओवर 11000 करोड़ के करीब पहुंच गया है।
---नेचुरल डायमंड, 2000 डायमंड यूनिट और 5 लाख लोगों को रोजगार
सूरत में नेचुरल डायमंड की बात करें तो यहां पर 2000 के करीब छोटे-बड़े हीरो के कारखाने हैं। इसमें ज्यादातर कारखानो में जॉबवर्क का काम किया जाता है। मतलब की बड़े हीरा उद्यमियों से रफ हीरे लेकर उन्हें तराशने का काम किया जाता है। सूरत के हीरा उद्यमी रूस, जिंबॉब्वे, दक्षिण अफ्रीका तथा कनाडा से रफ हीरो का आयात करते हैं। हालांकि जाना की बीते कुछ वर्षों से रूस के हीरो पर प्रतिबंध लगा दिए जाने के कारण उद्यमी नए विकल्प तलाश रहे हैं। सूरत में नेचुरल डायमंड पर लगभग 5 लाख लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। बीते 2 साल से हीरा उद्योग में भयंकर मंदी के चलते कारोबारी परेशान हैं। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आने के बाद कट और पॉलिश्ड हीरो पर 50% तक टैरिफ लगा दिए जाने के चलते नेचुरल डायमंड का कारोबार संकट में आ गया है।सूरत के हीरा उद्योग के लिए अमेरिका चीन और हांगकांग बड़े ग्राहक हैं। यहां पर 70% तक हीरे निर्यात किए जाते हैं।
--लेबग्रोन ने संभाला लड़खडाते हीरा उद्योग को
लेबग्रोन डायमंड की बात करें तो कुछ वर्षों पहले तक लेबग्रोन डायमंड का नाम सुनते ही हीरा उद्यमी नाक सिकोड़ने लगते थे लेकिन बीते 45 वर्षों से लेबग्रोन डायमंड सूरत के हीरा उद्योग के लिए नया सहारा बनकर उभरा है। हीरा उद्यमियों और संगठनों के सतत प्रयास के बाद अब लेबग्रोन डायमंड को नई पहचान मिली है। सूरत में 1000 से अधिक लेबग्रोन डायमंड रिएक्टर कार्यरत हो चुके हैं। वहीं दूसरी ओर 500 से 700 के करीब लैबग्रोन डायमंड यूनिट शुरू हो चुके हैं। इनमें जॉब वर्क किया जाता है। लेबग्रोन डायमंड का उत्पादन करने वाले भी 20 से अधिक बड़े हीरा यूनिट शुरू हो चुके हैं। हीरा उद्योग जो कि इन दिनों भयानक मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में हीरा श्रमिकों के लिए लेबग्रोन डायमंड आशीर्वाद बनकर उभरा है। नेचुरल डायमंड का उत्पादन करने वाले हीरा उद्यमी भी लेबग्रोन का उत्पादन करने लगे हैं। नेचुरल डायमंड की अपेक्षा लेबग्रोनन डायमंड की कीमत बहुत कम होने के कारण इसमें पूंजी भी कम लगती है और हीरा श्रमिकों को रोजगार भी मिल जाता है।इसलिए वर्तमान समय में लेबग्रोन डायमंड सूरत के लिए ऑक्सीजन बन गया है। 2 लाख के करीब हीरा श्रमिकों को लैबग्रोन डायमंड से रोजी-रोटी मिल रही है।
बीते 5 सालों में हीरो का एक्सपोर्ट
वर्ष---------नेचुरल------ लेब्रग्रोन
2020-21___120302___5175
2021-22____180618___9764
2022-23-----176696---13466
2023-24___132128___11611
2024-25---112410---10716
दिवाली के बाद कारोबार बढ़ने की आशा
सूरत डायमंड संगठन में 4000 से अधिक डायमंड यूनिट रजिस्टर्ड है। बीते दिनों लेब्रग्रोन डायमंड का कारोबार अच्छा रहा। दिवाली के बाद हीरो का कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है।
जगदीश खूंट, प्रमुख, सूरत डायमंड एसोसिएशन
4K व्लॉगिंग और मल्टी-टास्किंग के लिए पूरी तरह लोडेडआईकू ज़ेड10आर में है सोनी आईएमएक्स 882 4K ओआईएस रियर कैमरा और 32 एमपी 4K फ्रंट कैमरा, सबसे स्लिम 0.73 cm क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले*, 120Hz अमोल्ड डिस्प्ले, लंबे समय तक चलने वाली 5700mAh बैटरी और IP68+IP69 रेटिंग।नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025: हाई-परफॉर्मेंस स्मार्टफोन ब्रांड आईकू 24 जुलाई को आईकू ज़ेड10आर लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। छात्रों और नए कंटेंट क्रिएटर्स के लिए तैयार यह स्मार्टफोन 4K फ्रंट और रियर कैमरा, अल्ट्रा-स्लिम क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले और सेगमेंट-लीडिंग मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7400 प्रोसेसर के साथ आता है, जो उन लोगों के लिए एकदम सही विकल्प है जो हमेशा ऑन-द-गो रहते हैं और ऑनलाइन एक्टिव रहते हैं। चाहे कंटेंट बनाना हो, क्लासेज अटेंड करनी हों, रील्स स्क्रॉल करनी हों, ब्रेक में गेमिंग करनी हो या मल्टीपल ऐप्स के बीच स्विच करना हो – आईकू ज़ेड10आर को तेज़-तर्रार, मल्टीटास्किंग लाइफस्टाइल को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।
आईकू ज़ेड10आर खास तौर पर कंटेंट क्रिएटर्स के लिए तैयार किए गए सेटअप के साथ आता है, जिसमें 50MP सोनी आईएमएक्स 882 OIS मेन कैमरा और सेगमेंट का सबसे बेहतर 32MP 4K फ्रंट कैमरा है। फ्रंट और रियर दोनों कैमरों में 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा है, जिससे यूज़र्स प्रोफेशनल क्वालिटी के साथ अल्ट्रा-क्लियर, HDR-क्वालिटी वीडियो शूट कर सकते हैं। अपने सेगमेंट का एकमात्र आईकू फोन जिसमें 4K 32 MP फ्रंट कैमरा है, आईकू ज़ेड10आर चलते-फिरते क्रिएटर्स के लिए एक बेहतरीन अपग्रेड है।लंबे समय तक चलने वाली 5700 mAh बैटरी के साथ, iQOO Z10R लगातार वीडियो शूट करने, लेक्चर्स के बीच गेमिंग करने या क्लास और कंटेंट क्रिएशन के बीच स्विच करने के लिए तैयार है। इसके कोर में है सेगमेंट-लीडिंग मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7400 5G प्रोसेसर, जो हाई-एफिशिएंसी TSMC 4nm चिपसेट पर बना है। शूटिंग, एडिटिंग, स्ट्रीमिंग या मल्टीटास्किंग – हर स्थिति में यह स्मूद और लैग-फ्री एक्सपीरियंस देता है, जिससे क्रिएटिव फ्लो बाधित नहीं होता।
विजुअल एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाता है भारत का सबसे स्लिम 120 Hz क्वाड-कर्व्ड अमोल्ड डिस्प्ले, जो ब्राइट सनलाइट में भी बेहतरीन क्लैरिटी और अल्ट्रा-स्मूद विजुअल्स प्रदान करता है।टिकाऊपन और मजबूती को ध्यान में रखकर बनाया गया आईकू ज़ेड10आर IP68 और IP69 सर्टिफिकेशन के साथ आता है, जो इसे डस्ट, वॉटर और हाई-प्रेशर स्प्रे से सुरक्षित रखता है। यह उन क्रिएटर्स के लिए एकदम उपयुक्त है जो आउटडोर या अनिश्चित परिस्थितियों में शूट करते हैं। इसके रग्ड बिल्ड को पूरा करते हैं दो नए स्टाइलिश कलर वेरिएंट्स , जो जेन जी की पसंद को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं – एक्वामरीन और मूनस्टोन।।‘मेक इन इंडिया’ की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, आईकू ज़ेड10आर का निर्माण vivo के ग्रेटर नोएडा प्लांट में किया जाएगा। साथ ही, ग्राहकों को परेशानी-मुक्त आफ्टर-सेल्स सर्विस अनुभव देने के लिए, आईकू ग्राहक देशभर में मौजूद 670+ कंपनी-स्वामित्व वाले सर्विस सेंटर्स पर सेवा प्राप्त कर सकेंगे।*Validated by TechArc as on July 4th, 2025
नई दिल्ली | 12 जून 2025“डायलॉग टू एक्शन – राष्ट्रीय सम्मेलन” असुरक्षित सड़क उपयोगकर्ताओं और सड़क सुरक्षा पर आज नोवोटेल सिटी सेंटर, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन ने मराकेश घोषणा और वैश्विक सड़क सुरक्षा लक्ष्यों के अनुरूप समन्वित राष्ट्रीय कार्रवाई की एक जोरदार मांग के साथ भारत की सड़क सुरक्षा यात्रा में एक अहम पड़ाव चिन्हित किया।सम्मेलन में नीति निर्माताओं, प्रवर्तन अधिकारियों, शहरी योजनाकारों, कॉर्पोरेट नेतृत्वकर्ताओं, शोधकर्ताओं, सिविल सोसायटी प्रतिनिधियों और मीडिया विशेषज्ञों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।
भारत में गंभीर होती सड़क सुरक्षा की स्थिति
2023 में 1.72 लाख मौतें, जिनमें से 65% से अधिक असुरक्षित सड़क उपयोगकर्ताओं (जैसे दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री) से जुड़ी थीं — के संदर्भ में यह सम्मेलन एक राष्ट्रीय मंच बन गया, जिसने कमजोर सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए एक संरचित और कार्रवाई-आधारित ढांचा तैयार करने की दिशा तय की।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह से हुई। इसके पश्चात TRAX S. Society के अध्यक्ष श्री अनुराग कुलश्रेष्ठ ने उद्घाटन भाषण दिया। सीएसआईआर-सीआरआरआई के निदेशक प्रोफेसर मनोरंजन परिदा और स्टीलबर्ड हाई-टेक इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राजीव कपूर ने विशेष संबोधन प्रस्तुत किया।इस अवसर पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के माननीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा और सड़क सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत श्री जीन टॉड के वीडियो संदेशों के माध्यम से उनके विचार साझा किए गए। दोनों ने त्वरित सुधार और क्षेत्रीय सहयोग का आग्रह किया।

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण "रोड सेफ्टी पाठशाला" का शुभारंभ रहा — यह एक सड़क सुरक्षा शिक्षण मॉड्यूल है जिसे TRAX ने 8 से 13 वर्ष के बच्चों के लिए विकसित किया है।इसके अलावा, हेलमेट इम्पैक्ट और स्ट्रैप टेस्टिंग का लाइव प्रदर्शन और भारतीय हेलमेट मानकों बनाम वैश्विक मानकों का अंतर दर्शाने वाला गैप एनालिसिस भी प्रस्तुत किया गया।सम्मेलन के दौरान TRAX और डॉ. अखिलेश दास गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत एक 'सेंटर फॉर रोड सेफ्टी एक्सीलेंस' की स्थापना की जाएगी। इसका उद्देश्य भविष्य के इंजीनियरों को सुरक्षित सड़क डिज़ाइन और सड़क सुरक्षा सिद्धांतों पर प्रशिक्षण प्रदान करना है।सम्मेलन में दोपहिया सवारों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न विषयों पर उच्च स्तरीय पैनल चर्चा हुई।
चर्चा के विषयों में शामिल थे – सुरक्षित सड़क अवसंरचना, प्रमुख हितधारकों की भूमिका, नियामक सुधार, सुरक्षित गतिशीलता प्रणाली, और मीडिया की भूमिका।पैनल चर्चाओं में फर्जी और निम्न गुणवत्ता वाले हेलमेट की उपलब्धता, और इनकी निर्माण, बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसी क्रम में दोपहिया वाहनों में ABS, साइड मिरर, साड़ी गार्ड और साइड ग्रिप जैसी सुरक्षा सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर हुई चर्चा में ऐसे कई समाधान सामने आए जिन पर अभी तक ध्यान नहीं दिया गया था — जैसे चैनलाइज़ेशन, उपयुक्त वेजिटेशन, फुटपाथ, आइलैंड्स, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और स्पीड निरोधक उपाय।
श्री अनुराग कुलश्रेष्ठ ने "सेफर रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए एसओपी (SOPs)" की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे सड़क निर्माण की प्रक्रिया में रोड ऑडिट से लेकर डीपीआर (DPR) और पोस्ट एनालिसिस तक एक समान और आदर्श प्रणाली स्थापित हो सके।सत्रों का संचालन प्रमुख सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों — श्री अनुराग कुलश्रेष्ठ (संस्थापक अध्यक्ष, TRAX), सुश्री रजनी गांधी (संस्थापक महासचिव, TRAX), श्री अरुण श्रीवास्तव (रोड सेफ्टी एडवोकेट), और सुश्री मुक्ति आडवाणी (वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक, CSIR-CRRI) — ने किया।पैनलिस्ट्स में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन व ट्रैफिक विभाग, नीति आयोग, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूनिसेफ, बीमा व कॉर्पोरेट क्षेत्र, मीडिया और प्रमुख एनजीओ के प्रतिनिधि शामिल थे। सभी ने मिलकर भारत में सड़क सुरक्षा परिदृश्य को बदलने हेतु रणनीतिक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
यह सम्मेलन TRAX, CSIR-CRRI, डॉ. अखिलेश दास गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ और मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। सहयोगी एनजीओ में शामिल थे — कश्मीर रोड सेफ्टी फाउंडेशन, व्हीडू, कार्स (CARS), योर्स (YOURS) और सेफ ड्राइव सेव लाइफ ऑर्गेनाइजेशन।सम्मेलन का समापन कोएलिशन डिक्लेरेशन — एक संयुक्त संकल्प — के साथ हुआ, जिसमें सभी भागीदारों ने भारत की सड़कों को सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, "रोड सेफ्टी चैंपियंस" को उनके अतुलनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
महानगरपालिका की ओर से शहरीजनों को कम कीमत पर यातायात के सुविधा के लिए सिटी बस और बीआरटीएस बस सेवा शुरू की गई है लेकिन सिटी और बीआरटीएस बसों में कार्यरत कई कंडक्टर्स के कारण पालिका को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार सूरत महानगरपालिका की ओर से शुरू की गई सिटी बस और बीआरटीएस बस में प्रतिदिन 2 लाख लोग यात्रा करते हैं। बड़ी संख्या में नौकरी पर जाने वाले लोग सुबह शाम इस बस का उपयोग करते हैं।
बस की टिकट का आधार कम होने के कारण यह सेवा लोगों के लिए आशीर्वाद तमाम साबित हुई है लेकिन बस में सवार यात्रियों से रुपए लेकर टिकट नहीं देने का या आधी कीमत लेकर यात्रियों को टिकट नहीं देने संबंधित कई प्रकार की शिकायत पर पालिका को मिलते रहती है। इसी तरह की एक शिकायत आज पालिका को मिली थी जिसके आधार पर कार्यवाही करते हुए विजिलेंस की टीम ने बस नंबर 104 में जांच की थी जिसमें की कंडक्टर के पास टिकट की बिक्री की अपेक्षा अधिक रुपए मिले। इस बारे में पूछने पर कंडक्टर स्पष्ट नहीं कर पाया।इसलिए उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया इसी तरह बरेली के बीआरटीएस स्टेशन पर भी टिकट बिक्री की अपेक्षा बस बस स्टैंड के अंदर अधिक लोग थे सामान्य तौर पर स्टेशन में टिकट खरीदने के बाद ही प्रवेश किया जाता है लेकिन यहां पर टिकट की अपेक्षा अधिक लोग होने के कारण उसे भी सस्पेंड कर दिया गया।-
-डेढ़ साल में 900 से अधिक कंडक्टर सस्पेंड
जनवरी 2024 से अब तक सिटी बस और बीआरटीएस के 900से अधिक कंडक्टर सस्पेंड किया जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर के खिलाफ टिकट नहीं देने का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भी यात्रियों से खराब व्यवहार सहित अन्य कई कारण से भी कंडक्टर सस्पेंड किए गए हैं।पालिका के विजिलेंस टीम की ओर से बार-बार कार्रवाई किए जाने के बाद भी पालिका में टिकट चोरी का दूषण अभी तक नहीं रुक रहा।
सूरत अमेरिका मैं नई सरकार आने के बाद वहां पर व्यापार के नीति नियमों में परिवर्तन किया जा रहा है।इसके चलते दुनिया के कई देशों से आयात होने वाली चीजों पर वहां की सरकार ने टेरिफ लगा दिया है। भारत से निर्यात होने वाले जेम्स एंड ज्वेलरी और टेक्सटाइल पर भी रेसीप्रोकल टैरिफ लगाने के बाद दोनों उद्योग में चिंता का माहौल है।
मंदी और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हीरा उद्योग में संकट और गहराने का भय फैल गया है। इसे देखते हुए देश भर के व्यापारिक संगठनों सहित चेंबर ऑफ कॉमर्स ने केंद्र सरकार से इस बारे में गुहार लगाई है और अमेरिका के टैरिफ वोर से बचाने के लिए सब्सिडी देने की मांग की है।---जेम्स एंड ज्वेलरी सेगमेंट में 2.72 लाख करोड़ का निर्यात मिली जानकारी के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। हीरा उद्योग की बात करें तो सूरत में तैयार होने वाले कट और पॉलिश्ड हीरो में थे 35% हीरे अमेरिका में निर्यात होते हैं। भारत से अंदाजन 2.72 लाख करोड रुपए के जेम्स एंड ज्वेलरी सेगमेंट में निर्यात होता है। इनमें से 35% माल अमेरिका में निर्यात किया जाता है।
दक्षिण गुजरात जेम्स एंड ज्वेलरी सेगमेंट में बड़ा केंद्र है। देश में 90% ज्वेलरी यहां पर तैयार किए जाते हैं।लगभग 2 लाख से अधिक लोग इस उद्योग में जुड़े हुए हैं।इसी तरह टेक्सटाइल की बात करें तो भारत के 28% टेक्सटाइल के प्रोडक्ट अमेरिका में निर्यात किया जाता है। भारत में 60% पॉलिएस्टर कपड़ों का उत्पादन सूरत में होता है। अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के चलते दोनों उद्योगों पर विपरीत असर पड़ेगी और लाखों लोगों की रोजगारी पर भी असर पड़ सकता है।इसलिए केंद्र सरकार को उद्यमियों को संरक्षण देने के लिए तारीफ के सामने सब्सिडी देनी चाहिए।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए भी गुहार
भारत और अमेरिका के बीच वर्ष 2024 में कुल 129.2 बिलियन डॉलर का कारोबार हुआ था। इनमें से भारत में 41.8 बिलियन यूएस डॉलर का आयात हुआ था। जबकि भारत से 87.4 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट किया गया। हर साल भारत से होने वाले निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सूरत सहित दक्षिण गुजरात में जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल, पॉलिएस्टर कपड़े और सोलर के साधन बनते हैं। भारत और अमेरिका के बीच इन क्षेत्रों में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के सिलसिले में भी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ने गुहार लगाई है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने से अमेरिका के उत्पादकों को हाई टेक्नोलॉजी और आईटी के क्षेत्र में छूट दी जा सकती है इससे अमेरिका को को भी भारत के कारोबार करने में लाभ मिलेगा।
-केंद्र सरकार से लगाई गुहार
भारत और अमेरिका के बीच डायमंड,टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल सोलर साधन अधिकारी क्षेत्र में तथा अन्य कई क्षेत्रों मेंव्यापार होता है। डायमंड और टेक्सटाइल क्षेत्र पर टैरिफ लगाने से यहां के उद्यमियों के लिए तकलीफ बढ़ सकती है। इसलिए सरकार को टैरिफ के सामने सब्सिडी और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए आगे बढ़ना चाहिए। इस विषय में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी गुहार लगाई गई है। विजय मेवावाला,प्रमुख, चैंबर ऑफ़ कॉमर्स
सूरत बीते साल राजकोट में गेमजोन में आग लगने के कारण कई लोगों की जल जाने से मौत हो गई थी।इस घटना के बाद सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए राज्य भर में फायर ब्रिगेड संबंधित नियमों में कई सुधार किया। फायर डिपार्टमेंट ने भी इस मामले के बाद कई नए परिवर्तन किए। इसी दौरान राज्य भर के तमाम कॉर्पोरेशन और नगर पालिका में फायर प्रिवेंशन विंग की रचना भी की गई। जिसका काम आग लगने की घटना काम की जा सके इस पर काम करना था। इसके लिए अलग से स्टाफ भी रखे जाने का प्रावधान किया गया था।
सूरत में फायर प्रिवेंशन विंग के अंतर्गत 51 स्टाफ की नियुक्ति करने का फैसला किया गया था लेकिन अभी तक फायर प्रिवेंशन विंग में स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते यह विभाग सिर्फ नाम का ही बनकर रह गया है।फायर डिपार्टमेंट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल सूरत के फायर डिपार्टमेंट में 175 स्टाफ की कमी है। नियम के अनुसार फायर डिपार्टमेंट के लिए 1530 स्टाफ नियुक्त किए गए हैं। अलग-अलग कैटेगरी में कर्मचारी की कमी है। इनमें सबसे अधिक फायर प्रिवेंशन विंग के स्टाफ की कमी है। बल्कि ऐसा भी कह सकते हैं कि अभी तक इस प्रिवेंशन विंग में एक भी नियुक्ति ही नहीं की गई। पालिका के सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में प्रिवेंशन विंग लिए स्टाफ की भर्ती की जाएगी लेकिन अभी कुछ औपचारिकता बाकी है। जैसे की स्टैंडिंग कमेटी में इस पर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही अन्य प्रक्रियाओं के बाद भर्ती की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सूरत शहर में बड़े पैमाने पर उद्योग होने के कारण आग की घटनाएं आए दिनों बनते रहती है। हाल में ही शिवशक्ति मार्केट में आग लगने के कारण फायर डिपार्टमेंट को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा था और 36 घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सूरत फायर डिपार्टमेंट के लिए नई टेक्नोलॉजी वाली मशीन और स्टाफ पर्याप्त स्टाफ दोनों ही बहुत जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए पालिका ने बजट में भी कई प्रावधान किए हैं।
मनपाआगामी दिनों में सूरत में नए चार फायर स्टेशन भी शुरू करने की कवायत जारी है।साथ ही 100 मीटर से अधिक का हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मशीन भी विदेश से खरीदा जाएगा।पालिका की ओर से बीते दिनों भी विदेश से मशीन मंगाई गई थी जो की हायराइज बिल्डिंग में आग लगने पर तुरंत ही काबू पाने के लिए उपयोग में ले जाएंगे। साथ ही ऊंचाई पर लगी आग को रियल टाइम ऑनलाइन देखा जा सके इसलिए ड्रोन भी खरीदा जाएगा ।ताकि वहां की स्थिति का अनुमान लगाकर वहां पहुंचना है इसका अंदाज लगाया जा सके।
यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियन की ओर से आगामी 24-25 मार्च को दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार यूनियन का कहना है राष्ट्रीयकृत बैंकों में लंबे समय से नई भर्ती नहीं की जा रही बल्कि नई भर्ती के स्थान पर अप्रेंटिस के तौर पर नए लोग शामिल किया जा रहे हैं और उनसे काम करवाया जा रहा है।इसके चलते बैंकों में दिन प्रतिदिन कार्य का भार बढ़ रहा है। कार्य का भार घटाने के लिए कमी कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगा दिया गया है।

नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना की मांग यूनियन कर रहा है। इसके अलावा यूनियन का कहना है कि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में 13000, बैंक ऑफ़ बड़ौदा में 4000, यूनियन बैंक आफ इंडिया में 2500 कर्मचारियों के स्थान पर अप्रेंटिस की भर्ती की गई है। सरकार के यह रवैया के खिलाफ बैंक कर्मचारियों में नाराजगी है अन्य सरकारी विभागों की तरह बैंकों में भी 5 दिन काम होना चाहिए तथा आउटसोर्सिंग भी बंद करनी चाहिए।
सरकार की नीतियों के खिलाफ यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियन में आगामी 24-25 मार्च को देश व्यापी हड़ताल का आंदोलन किया है। 24-25 तारीख को बैंक कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में नई भर्ती करने, पुरानी पेंशन योजना शुरू करने, 5 दिन की बैंकिंग सेवा शुरू करने तथा ऑफिसर के डायरेक्टर की नियुक्ति करने सहित कई आवश्यक बातें सरकार के समक्ष रखेंगे।
सेन रियल एस्टेट टाइम्स द्वारा आयोजित 8वीं अंतर्राष्ट्रीय रियल एस्टेट पुरस्कार और सम्मेलन 28 फरवरी 2025 से 5 मार्च 2025 तक बैंकॉक और पटाया, थाईलैंड में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में वर्ल्डवाइड प्रॉपर्टी शीर्षक प्रायोजक के रूप में और द एम्बेसी ग्रुप प्लैटिनम प्रायोजक के रूप में शामिल हुए। रियल एस्टेट उद्योग की जानी-मानी हस्तियों और विशेषज्ञों की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी प्रभावशाली बनाया।सम्मेलन के दौरान, प्रतिभागियों के लिए थाईलैंड में विभिन्न परियोजनाओं का स्थल दौरा आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय डेवलपर्स ने रियल एस्टेट बाजार, वर्तमान रुझानों, निवेश अवसरों और भविष्य की विकास योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इससे सदस्यों को थाईलैंड के रियल एस्टेट क्षेत्र का प्रत्यक्ष अनुभव मिला, जो वैश्विक निवेश और साझेदारी के नए अवसर प्रदान करता है।
सूरत स्थित अधिवक्ता प्रीति जोशी ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनी मामलों पर जानकारी प्रदान की, जो रियल एस्टेट निवेश और व्यावसायिक अनुबंधों के लिए महत्वपूर्ण हैं। सूरत के सी.ए. मयूर मेहता ने प्रतिभागियों को रियल एस्टेट के अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय पहलुओं, कर नियोजन और निवेश अवसरों के बारे में जानकारी दी। इन व्याख्यानों ने प्रतिभागियों को वैश्विक रियल एस्टेट के कानूनी और वित्तीय पहलुओं की गहन समझ प्रदान की।विशेष अतिथियों को थाईलैंड के डेवलपर्स के हाथो से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इनमें थाईलैंड से एपिचार्ट गुलाटी (ग्रांडे कैरेबियन कोंडो रिज़ॉर्ट), अमेरिका से जवाहर डोडानी (भूमि गुरु), सूरत से अधिवक्ता प्रीति जोशी और सी.ए. मयूर मेहता, नवसारी से वास्तु शास्त्री विनोद राठौड़, मुंबई से जिग्नेश जोशी (निदेशक, जोशी इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स), कीर्ति अजमेरा (अध्यक्ष, रोटरी क्लब ऑफ मुंबई खार), प्रमोद पटोदिया (द बाइक हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड), अरविंद भानुसाहली (उपाध्यक्ष, द एस्टेट एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया), वडोदरा से ललित परमार (अध्यक्ष, वडोदरा प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स एसोसिएशन), पुणे से रवि शर्मा (अध्यक्ष, रियलटर्स एस्टेट एसोसिएशन पुणे) और छत्तीसगढ़ से महेश आर्य (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट एसोसिएशन) शामिल थे। इस प्रकार, पूरे भारत से रियल एस्टेट से जुड़े प्रतिनिधियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।